West Bengal: बीएलओ ड्यूटी से छूट की मांग को लेकर प्रधानाध्यापकों की रैली, डीए समेत कई मुद्दों पर उठाई आवाज
पश्चिम बंगाल में सैकड़ों माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने बीएलओ ड्यूटी से छूट और केंद्रीय मापदंड के अनुसार डीए की मांग को लेकर विकाश भवन तक रैली निकाली। यह रैली कोलकाता में शिक्षा विभाग मुख्यालय 'विकाश भवन' तक रैली निकाली।
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पश्चिम बंगाल में जारी सियासी घमासान के बीच मंगलवार को राज्य के सैकड़ों माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने कोलकाता में शिक्षा विभाग मुख्यालय 'विकाश भवन' तक रैली निकाली। यह रैली बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) की ड्यूटी से छूट देने सहित कई मांगों को लेकर आयोजित की गई थी। रैली करुणामयी सेंट्रल बस स्टैंड से शुरू होकर विकाश भवन तक पहुंची। मामले में एडवांस्ड सोसाइटी फॉर हेडमास्टर्स एंड हेडमिस्ट्रेसेस (एएसएफएचएम) के महासचिव चंदन मैती ने बताया कि इस प्रदर्शन में राज्य के 24 जिलों से आए सैकड़ों प्रधानाध्यापक शामिल हुए।
क्या है शिक्षकों की मांग, जानें?
अब बात अगर इस शिक्षकों की मांग की करे तो चंदन मैती ने बताया कि हमारी मुख्य मांग है कि उन्हें बीएलओ की ड्यूटी से छूट मिले। उन्होंने कहा कि बीएलओ ड्यूटी चुनाव से जुड़ी होती है, जो न तो पढ़ाई से जुड़ी है और न ही स्कूल प्रशासन से। इससे शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है और स्कूल संचालन प्रभावित होता है। इसके बाद दूसरी मांग को तौर पर शिक्षकों ने केंद्रीय मापदंड के अनुसार महंगाई भत्ता (डीए) की मांग की।
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तीसरे मांग के तौर पर उन्होंने शिक्षकों को पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य योजना (डब्ल्यूबीएचएस) में शामिल करने और स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उनकी चौथी मांग है कि स्कूलों में रिक्त प्रधानाध्यापक पदों पर शीघ्र और पारदर्शी तरीके से नियुक्ति की मांग की गई। इसके साथ ही शिक्षकों की अंतिम मांग है कि फंड रिलीज और स्कूल प्रबंधन समिति में शैक्षणिक व्यक्तियों की नियुक्ति किया जाए।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत
प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रमुख सचिव बिनोद कुमार, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव, और मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल के साथ सकारात्मक चर्चा की। चंदन मैती के अनुसार, अधिकारियों ने ज्यादातर मांगों पर सहमति जताई है। वहीं पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रैली शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
अब समझिए क्या होता है बीएलओ का काम
गौरतलब है कि बीएलओ का कार्य चुनाव से संबंधित होता है, जिसमें मतदाता सूची अपडेट करना, घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करना, और चुनाव आयोग के अन्य निर्देशों का पालन करना शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि यह कार्य उनके मूल कर्तव्यों से अलग है और उन्हें इससे मुक्त किया जाना चाहिए।