फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Headmasters of Bengal schools take out rally demanding that they be exempted from BLO duty

West Bengal: बीएलओ ड्यूटी से छूट की मांग को लेकर प्रधानाध्यापकों की रैली, डीए समेत कई मुद्दों पर उठाई आवाज

Tue, 12 Aug 2025 05:39 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 12 Aug 2025 05:39 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल में सैकड़ों माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने बीएलओ ड्यूटी से छूट और केंद्रीय मापदंड के अनुसार डीए की मांग को लेकर विकाश भवन तक रैली निकाली। यह रैली कोलकाता में शिक्षा विभाग मुख्यालय 'विकाश भवन' तक रैली निकाली।

विज्ञापन
Headmasters of Bengal schools take out rally demanding that they be exempted from BLO duty
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : FreePik

विस्तार

पश्चिम बंगाल में जारी सियासी घमासान के बीच मंगलवार को राज्य के सैकड़ों माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने कोलकाता में शिक्षा विभाग मुख्यालय 'विकाश भवन' तक रैली निकाली। यह रैली बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) की ड्यूटी से छूट देने सहित कई मांगों को लेकर आयोजित की गई थी। रैली करुणामयी सेंट्रल बस स्टैंड से शुरू होकर विकाश भवन तक पहुंची। मामले में एडवांस्ड सोसाइटी फॉर हेडमास्टर्स एंड हेडमिस्ट्रेसेस (एएसएफएचएम) के महासचिव चंदन मैती ने बताया कि इस प्रदर्शन में राज्य के 24 जिलों से आए सैकड़ों प्रधानाध्यापक शामिल हुए।

विज्ञापन


क्या है शिक्षकों की मांग, जानें?
अब बात अगर इस शिक्षकों की मांग की करे तो चंदन मैती ने बताया कि हमारी मुख्य मांग है कि उन्हें बीएलओ की ड्यूटी से छूट मिले। उन्होंने कहा कि बीएलओ ड्यूटी चुनाव से जुड़ी होती है, जो न तो पढ़ाई से जुड़ी है और न ही स्कूल प्रशासन से। इससे शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है और स्कूल संचालन प्रभावित होता है। इसके बाद दूसरी मांग को तौर पर शिक्षकों ने केंद्रीय मापदंड के अनुसार महंगाई भत्ता (डीए) की मांग की।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- ONOE: 'राजनीतिक दलों में महिलाओं को कोटा और EC को दिए जाएं ज्यादा अधिकार', विशेषज्ञों ने समिति को दिए सुझाव
विज्ञापन
विज्ञापन


तीसरे मांग के तौर पर उन्होंने शिक्षकों को पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य योजना (डब्ल्यूबीएचएस) में शामिल करने और स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उनकी चौथी मांग है कि स्कूलों में रिक्त प्रधानाध्यापक पदों पर शीघ्र और पारदर्शी तरीके से नियुक्ति की मांग की गई। इसके साथ ही शिक्षकों की अंतिम मांग है कि फंड रिलीज और स्कूल प्रबंधन समिति में शैक्षणिक व्यक्तियों की नियुक्ति किया जाए।


ये भी पढ़ें:- Cyber Crime: दिल्ली में साइबर अपराध, 2014 में ढाई करोड़ का नुकसान तो 2024 में लोगों ने गंवा दिए 8 अरब रुपये

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत
प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रमुख सचिव बिनोद कुमार, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव, और मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल के साथ सकारात्मक चर्चा की। चंदन मैती के अनुसार, अधिकारियों ने ज्यादातर मांगों पर सहमति जताई है। वहीं पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रैली शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।

अब समझिए क्या होता है बीएलओ का काम
गौरतलब है कि बीएलओ का कार्य चुनाव से संबंधित होता है, जिसमें मतदाता सूची अपडेट करना, घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करना, और चुनाव आयोग के अन्य निर्देशों का पालन करना शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि यह कार्य उनके मूल कर्तव्यों से अलग है और उन्हें इससे मुक्त किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed