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22 साल की उम्र में आतंकी बनने पाकिस्तान चला गया था मीर, अब अपने गाने से मचा रहा है धूम

Mon, 16 Jul 2018 11:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 16 Jul 2018 11:42 AM IST
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He left kashmir Valley join militancy, but now is winning hearts with his coke studio song
Altaf Ahmad Mir
कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला एक युवक अल्ताफ अहमद मीर 22 साल की उम्र में अपना घर छोड़कर पाकिस्तान चला गया था। 1990 में गया मीर एक आतंकवादी बनना चाहता था। लगभग तीन दशक से उसका परिवार आज भी मीर के लौटने का इंतजार कर रहा है। वह तो नहीं आया लेकिन अब उसका एक गाना आया है। यह गाना कश्मीर और उसके बाहर के लोगों का दिल जीत रहा है। मीर अनंतनाग के जंगलात मंडी का रहने वाला है। 
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यह गाना प्रसिद्ध कवि गुलाम अहमद महजूर का 'हा गुलो' है। जिसे कोक स्टूडियो एक्सप्लोरर ने प्रस्तुत किया गया है। यह पहला कश्मीरी गीत है। इसे पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में गुलाम अहमद महजूर ने गाया था। हा गुलो तूही मा सा वुचुन यार मुएन, बुलबुलू तुही त्चंदतौन डिल्डार मुएन.. मतलब- "ओह फूल, क्या आपने मेरा दोस्त देखा है, ओह बुलबुल, तुम मेरे प्यार की तलाश करो" 12 जुलाई को रिलीज हुए इस गाने को पहले 2 दिन में ही कोक स्टूडियो के यूट्यूब चैनल पर 2 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। 
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पाकिस्तान जाने के चार साल बाद ही 1994 में कश्मीर लौट आया था मीर

He left kashmir Valley join militancy, but now is winning hearts with his coke studio song
coke studio song
मीर के भाई जावेद ने कहा है कि वह सिलाई के अच्छे कारीगर थे। उन्हें बचपन से ही संगीत का शौक था। उन्होंने कहा कि मीर आतंकवादी नहीं बना बल्कि पाकिस्तान जाने के चार साल बाद ही 1994 में कश्मीर लौट आया था। लेकिन उस पर एक विद्रोही दल इखवान ने बहुत प्रभाव डाला। यही नहीं इखवान ने फिर से 1995 में मीर को सीमा पार करने के लिए मजबूर किया। उससे पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में स्थायी रूप से बसने को कहा गया।

इसके बाद वह इखवान के डर से मुजफ्फराबाद चला गया और वहां उसने एक एनजीओ में काम करना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने लड़कों को सिलाई करने का प्रशिक्षण भी दिया। साथ ही कसामीर नामक एक बैंड भी स्थापित किया। इसी के चलते पिछले साल उसे एक बड़ा ब्रेक मिला। जब कोक स्टूडियो की टीम ने उनकी मांग की। मीर ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस गाने को पूरा किया। जिसे अब काफी पसंद किया जा रहा है। 

उनका परिवार मीर को अचानक मिली इस प्रसिद्धि से बेहद खुश है। जावेद ने कहा कि हमने बहुत कोशिश की कि मीर कश्मीर लौट आए लेकिन उनके लिए यह संभव नहीं था। उनका कहना है कि मीर ने हमें बहुत प्रसिद्ध कर दिया है। हम बहुत खुश हैं। गाने को सुनकर लगता है जैसे वह घर लौट आया है।
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