फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   HC initiates contempt proceedings against TN DGP, others

Tamilnadu: हाई कोर्ट ने DGP और नौ अधीनस्थों के खिलाफ शुरू की अवमानना कार्यवाही, वकील की मौत से जुड़ा मामला

Tue, 15 Nov 2022 07:50 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: Amit Mandal Updated Tue, 15 Nov 2022 07:50 PM IST
सार

अदालत ने कहा कि पुलिस अधिकारियों का दृष्टिकोण ढुलमुल है और लंबे समय तक देरी से अनुचित लाभ लिया गया है और अब भी, शुरू की गई कार्रवाई कानून और लागू नियमों के अनुसार नहीं की गई है। 
 

विज्ञापन
HC initiates contempt proceedings against TN DGP, others
madras high court - फोटो : PTI

विस्तार

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और उनके नौ अधीनस्थों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की है। गिरफ्तारी करते समय सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों का पालन करने में विफल रहने पर इनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई है। कार्यवाही शुरू करने वाले न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम ने रजिस्ट्री को अवमानना की कार्यवाही की संख्या और 10 व्यक्तियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश ने कहा कि चूंकि यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा डी के बसु मामले में पारित आदेशों के संदर्भ में अधिकारियों द्वारा की गई एक दीवानी अवमानना है, इसलिए अवमानना की कार्यवाही को इस न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया जाता है।

विज्ञापन


अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता राजारथिनम को किया था गिरफ्तार 
तिरुनेलवेली के एस राजारथिनम एक अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने विभिन्न अदालतों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में बड़ी संख्या में मामले चलाए। 3 नवंबर, 2015 की आधी रात को जब वह कुछ कागजात पढ़ रहे थे और उनके परिवार के सदस्य सो रहे थे, पुलिस जबरन उनके घर में घुस गई और उसे बिना वजह बताए थाने ले गई। इस दौरान उसकी पत्नी और बेटी के साथ मारपीट की गई। उन्हें एक वरिष्ठ वकील के माध्यम से मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने घायल अधिवक्ता के इलाज का आदेश दिया। अगले ही दिन उन्हें राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन


मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया था 
उन्होंने पुलिस के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई करने के लिए मद्रास हाई कोर्ट का भी रुख किया, जो उनकी गिरफ्तारी और पिटाई में शामिल थे। याचिका के लंबित रहने के दौरान उनकी मृत्यु हो गई और उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को मामले को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने याचिकाकर्ता की दलीलों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सभी आवश्यक कार्रवाई बिना किसी चूक के शुरू की गई थी। डीजीपी और अधीनस्थ अधिकारी ने संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था और जांच पूरी हो गई थी। आरडीओ जांच का आदेश दिया गया था और रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, उसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी और जांच की गई थी और एक सप्ताह पहले इस साल 7 नवंबर को अंतिम रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


न्यायाधीश ने कहा कि पिछले लगभग 5 वर्षों से विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही के संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है। तमिलनाडु पुलिस अधीनस्थ सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत अब तक न ही नो चार्ज मेमो जारी किया गया और कोई अंतिम आदेश भी पारित नहीं किया गया है। केवल एक चेतावनी ज्ञापन जारी किया गया था। इस अदालत के समक्ष रखे गए अभिलेखों से पता चलता है कि पुलिस अधिकारियों का दृष्टिकोण ढुलमुल है और लंबे समय तक देरी से अनुचित लाभ लिया गया है और अब भी, शुरू की गई कार्रवाई कानून और लागू नियमों के अनुसार नहीं की गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed