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Madras HC: पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की मनी लॉड्रिंग मामले से बरी करने की याचिका
Wed, 04 Sep 2024 03:33 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 04 Sep 2024 03:33 PM IST
सार
बालाजी को 14 जून, 2023 को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। केंद्रीय एजेंसी ने पिछले अगस्त में उनके खिलाफ 3000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था।
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सेंथिल बालाजी की याचिका खारिज
- फोटो : ANI
विस्तार
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी को मद्रास हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी मनी लॉड्रिंग मामले से मुक्त करने वाली याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका में बालाजी ने सत्र अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।
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न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति वी शिवगणनम की खंडपीठ ने याचिका को वापस लेने के बालाजी के वकील के समर्थन के बाद खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि अब आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की गई है। बालाजी पर मनी लॉड्रिंग के आरोप 8 अगस्त, 2024 को तय किए गए थे और अभियोजन पक्ष के एक गवाह से 16 अगस्त को पूछताछ की गई थी और जिरह जारी थी।
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बालाजी के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता याचिका को आगे बढ़ाने का इच्छुक नहीं है। इसे वापस लेने का अनुमोदन किया गया। पीठ ने कहा इसलिए याचिका को खारिज कर दिया गया। बालाजी को 14 जून, 2023 को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। केंद्रीय एजेंसी ने पिछले अगस्त में उनके खिलाफ 3000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालतों ने बालाजी की कई जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
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पीएमएलए केस में अदालत ने तय किए थे आरोप
चेन्नई में एक सत्र अदालत ने धनशोधन मामले में तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के खिलाफ पीएमएलए के प्रावधानों के तहत आरोप तय किए थे। प्रधान सत्र न्यायाधीश एस अल्ली के समक्ष सेंथिल बालाजी को जेल अधिकारियों ने पेश किया। इसके बाद न्यायाधीश ने उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 3 के तहत आरोप तय किए, जो अधिनियम की धारा 4 के तहत दंडनीय है। पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी ने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण उनके खिलाफ यह मामला थोपा गया है। उन्होंने कहा कि वह गवाहों से जिरह करना चाहते हैं। लेकिन न्यायाधीश ने कहा कि वह आरोप तय करने की इस कार्यवाही में उनके बयान दर्ज नहीं कर सकती हैं।
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