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भ्रष्टाचार का मामला: अनिल देशमुख को सीबीआई समन के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका हाई कोर्ट में खारिज 

Wed, 15 Dec 2021 05:07 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Wed, 15 Dec 2021 05:07 PM IST
सार

सीबीआई इस साल की शुरुआत में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा राकांपा नेता देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही है।

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HC dismisses Maha govt's plea challenging CBI summons in case against Anil Deshmukh
अनिल देशमुख - फोटो : twitter@ANI

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समन के खिलाफ शिकायत की गई थी और एसआईटी के गठन की मांग की गई थी। महाराष्ट्र सरकार ने इस साल की शुरुआत में दायर अपनी याचिका में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव सीताराम कुंटे और वर्तमान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पांडे को जारी सीबीआई के समन को चुनौती देने और रद्द करने के लिए एक एसआईटी गठित करने की मांग की थी। इसमें उन्हें केंद्रीय एजेंसी को देशमुख से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए दिल्ली आने के लिए कहा गया था। 

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देशमुख के खिलाफ सीबीआई कर रही जांच  
सीबीआई इस साल की शुरुआत में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा राकांपा नेता देशमुख के खिलाफ लगाए गए कदाचार और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही है। बुधवार को जस्टिस नितिन जामदार और एसवी कोतवाल की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि राज्य राहत देने के लिए एक मामला बनाने में विफल रहा है। हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता (महाराष्ट्र सरकार) के आचरण सहित परिस्थितियों की समग्रता को देखते हुए राहत का कोई मामला नहीं बनता। 
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अदालत ने आगे कहा कि सीबीआई जांच वापस लेने और एसआईटी के गठन के लिए कोई मामला नहीं बनता है। अदालत ने हालांकि कहा कि राज्य के आचरण पर उसकी टिप्पणियों को महाराष्ट्र के आचरण की स्थिति और सामान्य रूप से सद्भावना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि केवल इस मामले में एक पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए। राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकील डेरियस खंबाटा के माध्यम से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें तर्क दिया गया था कि कुंटे और पांडे को जारी सीबीआई के समन दुर्भावनापूर्ण थे।

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