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हाथरस: योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया रात में क्यों किया पीड़िता का अंतिम संस्कार
Tue, 06 Oct 2020 01:20 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 06 Oct 2020 01:20 PM IST
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Hathras case
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस सामूहिक दुष्कर्म मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत के समक्ष हलफनामा दायर किया और बताया कि आखिर क्यों रात में ही पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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अपने हलफनामे में यूपी सरकार ने अदालत को बताया कि जिला प्रशासन ने पीड़िता के माता-पिता को सुबह बड़े पैमाने पर होने वाली हिंसा से बचाने के लिए रात में अंतिम संस्कार करने के लिए मना लिया। खुफिया इनपुट के हवाले से संभावना जताई गई गई थी मामले को जातीय/ सांप्रदायिक रंग दिया जा सकता है।
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वहीं, यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट हाथरस मामले की सीबीआई जांच का निर्देश देने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई निहित स्वार्थ से गलत और झूठे विमर्श नहीं रच पाएगा। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध एक जनहित याचिका की प्रतिक्रिया में प्रदेश सरकार ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए।
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हाथरस के एक गांव में चार लोगों द्वारा कथित रूप से दुष्कर्म के एक पखवाड़े बाद दलित युवती की 29 सितंबर को दिल्ली के एक अस्पताल में गंभीर चोटों की वजह से मौत हो गई थी। प्रदेश सरकार ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच से निष्पक्ष जांच में निहित स्वार्थों द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं को दूर किया जा सकेगा।
यूपी सरकार ने कहा, सीबीआई जांच सुनिश्चित करेगी कि कोई निहित स्वार्थ से गलत और झूठे विमर्श नहीं रच पाएं। प्रदेश सरकार ने हलफनामे में कहा कि उसने केंद्र सरकार से पहले ही मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया है।
कथित सामूहिक दुष्कर्म और मौत के मामले के अलावा राज्य सरकार ने सीबीआई से प्रदेश में सांप्रदायिक विद्वेष, हिंसा भड़काने, मीडिया के एक वर्ग द्वारा भड़काऊ प्रचार की घटना और राजनीतिक हितों की कथित साजिश के संबंध में दर्ज प्राथमिकी की जांच करने का अनुरोध किया है।