फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hathras Rape Case Live Latest Updates News in Hindi

सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस कांड को बताया भयानक, यूपी सरकार से इन मुद्दों पर मांगा हलफनामा

Tue, 06 Oct 2020 02:55 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 06 Oct 2020 02:55 PM IST
विज्ञापन
Hathras Rape Case Live Latest Updates News in Hindi
सुप्रीम कोर्ट-योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

Hathras Rape Case Updates: हाथरस सामूहिक दुष्कर्म मामले में आज उच्चतम न्यायालय ने जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले को भयानक बताया। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि वह ये बताए कि हाथरस मामले के गवाहों की कैसे सुरक्षा की जा रही है। फिलहाल मामले की एसआईटी जांच चल रही है। सुनवाई से पहले राज्य सरकार ने अदालत में हलफनामा दाखिल किया। इसमें बताया गया कि संभावित दंगों के कारण प्रशासन ने पीड़िता के परिवार को रात में शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मना लिया था। खुफिया इनपुट से जानकारी मिली थी कि इस मामले को जाति/सांप्रदायिक रंग दिया जा सकता है। इसके अलावा सरकार ने दावा किया कि हाथरस मामले के बहाने राज्य में दंगा कराने की साजिश रची गई थी। यहां पढ़ें मामले से जुड़े अपडेट्स- 

विज्ञापन


अदालत ने इन मुद्दों पर यूपी सरकार से मांगा हलफनामा

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार से गवाहों और परिवार की सुरक्षा, पीड़ित परिवार के पास वकील है या नहीं और इलाहाबाद हाईकोर्ट का स्टेट्स क्या है, इन मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने को कहा।
विज्ञापन




सुप्रीम कोर्ट ने परिवार की सुरक्षा पर मांगा हलफनामा
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे ने कहा कि हम पीड़ित पक्ष और गवाहों की सुरक्षा के यूपी सरकार के बयान को दर्ज कर रहे हैं। आप हलफनामा दाखिल करें। इसपर सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम कल तक हलफनामा दाखिल कर देंगे। सीजेआई ने कहा कि ठीक है, आप गवाहों की सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजामों पर और पीड़ितों की सुरक्षा के बारे में हलफनामे में पूरी जानकारी दें।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाथरस गवाहों की कैसी हो रही सुरक्षा
शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह पूछा कि वह यह बताएं कि हाथरस मामले के गवाहों की सुरक्षा कैसे की जा रही है। वहीं अदालत ने मामले को अगले हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया है। 


सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस की घटना को बताया भयानक
सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि यह बेहद ही भयानक घटना है। हम अदालत में दोहराए जाने वाले तर्क नहीं चाहते हैं। न्यायालय ने हाथरस मामले में कहा कि हम इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष कार्यवाही के दायरे के बारे में सभी से सुझाव चाहते हैं और हम इसका दायरा बढ़ाने के लिए क्या कर सकते हैं।

पीड़िता के गांव पहुंचे येचुरी सहित कई नेता
हाथरस पीड़िता के गांव में राजनेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को सीताराम येचुरी, डी राजा और वृंदा करात पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए पहुंचे हैं।

हिंसा से बचाने के लिए रात में किया गया पीड़िता का अंतिम संस्कार
यूपी सरकार ने अदालत में दिए हलफनामे में कहा कि जिला प्रशासन ने पीड़िता के माता-पिता को सुबह बड़े पैमाने पर होने वाली हिंसा से बचाने के लिए रात में अंतिम संस्कार करने के लिए मना लिया। खुफिया इनपुट के हवाले से संभावना जताई गई गई थी मामले को जाति/ सांप्रदायिक रंग दिया जा सकता है।
 

यूपी सरकार ने दायर किया हलफनामा
उत्तर प्रदेश सरकार ने आज उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर किया है। इसमें सरकार का कहना है कि अदालत को हाथरस में लड़की के साथ कथित दुष्कर्म और हमले की सीबीआई जांच के निर्देश देने चाहिए। राज्य सरकार का कहना है कि वो मामले की निष्पक्ष जांच करवा सकती है लेकिन निहित स्वार्थ जांच को पटरी से उतारने के उद्देश्य से कोशिश कर रहे हैं। हलफनामे में कहा गया है कि अदालत को मामले की सीबीआई जांच की निगरानी करनी चाहिए।
 

पीड़िता के परिवार को मिली सुरक्षा
हाथरस पीड़िता के परिवार की मांग पर उन्हें पुलिस सुरक्षा मिल गई है। थोड़ी देर में मामले की सीबीआई जांच और केस दिल्ली हस्तांतरित करने वाली जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होनी है।


हाथरस आने वाले चार लोग गिरफ्तार
योगी सरकार का कहना है कि हाथरस के बहाने राज्य में दंगा कराने की साजिश रची जा रही थी। इस मामले में दिल्ली से हाथरस आ रहे चार संदिग्धों को मथुरा से गिरफ्तार किया गया है। इनका कनेक्शन पीएफआई से है। इसमें विदेशी फंडिंग होने का दावा किया जा रहा है।

दो याचिकाओं पर होनी है सुनवाई
सर्वोच्च न्यायालय में दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। एक याचिका में मामले की सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग की गई है। वहीं दूसरी याचिका में सुनवाई यूपी से दिल्ली हस्तांतरित करने की मांग की गई है। साथ ही मामले की जांच शीर्ष अदालत या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कराए जाने की मांग की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed