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राहुल की रक्षामंत्री को नसीहत, 'नफरत कायरों का काम'

Sun, 31 Jul 2016 07:21 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 31 Jul 2016 07:21 PM IST
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 Hate is the preserve of the coward and it never wins: Rahul Gandhi says on Manohar Parrikar

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के आमिर खान पर आए बयान के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दंगल में कूद गए हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट कर पर्रिकर को नसीहत दे डाली कि कायर लोग नफरत करते हैं। कायरता कभी नहीं जीतती है। राहुल गांधी के कार्यालय से किए गए ट्वीट के मुताबिक ''आरएसएस और पर्रिकर जी सभी को सबक सिखाना चाहते हैं। यहां पर तुम्हारे लिए भी सबक है-नफरत करना कायरों का काम है, जो कि कभी जीतती नहीं है।

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इससे पहले फिल्म अभिनेता आमिर खान का नाम लिए बिना शनिवार को पर्रिकर ने कहा था '' जो भी शख्स देश के खिलाफ बोलता है, उसे सबक मिलना चाहिए, जैसा कि एक अभिनेता और एक ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी को मिला।'' पर्रिकर पत्रकार नितिन गोखले की नई मराठी किताब के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। बता दें कि विवादों में आने के बाद आमिर खान ने स्नैपडील के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं कराया था, कंपनी को भी खासा नुकसान उठाना पड़ा था। 
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नवंबर 2015 में आमिर ने रामनाथ गोएनका अवॉर्ड के दौरान देश में असहिष्णुता होने का जिक्र किया था और कहा था कि उनकी पत्नी किरण राव इसके चलते विदेश जाना चाहती हैं। आमिर के इल बयान के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा खड़ा हो गया था और लोगों ने आमिर की खूब आलोचना की थी।
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पर्रिकर ने एक बार फिर आमिर के बयान की यह कहते हुए निंदा कर दी कि अगर मैं गरीब हूं, मेरा घर छोटा है, तो भी मैं अपने घर से प्यार करूंगा। मैं उस घर को कभी छोड़कर नहीं जाउंगा। लेकिन कुछ लोग ऐसे है कि उन्हें सबक मिलना चाहिए।
 

रक्षा मंत्री बोले- उग्रवादियों पर गोली ही चलेगी, लाठी से नहीं होगी बात

 Hate is the preserve of the coward and it never wins: Rahul Gandhi says on Manohar Parrikar

उग्रवादियों और देश में माहौल बिगाड़ने वालों को समझ लेना चाहिए की उनकी करतूतों का जवाब उन्हें लाठी से नहीं बल्कि गोली से ही मिलेगा। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सख्त लहजे में कहा है कि सेना अगर हालात पर काबू करने के लिए लगाई जाएगी तो वह लाठियां नहीं भांजेगी, गोलियां ही चलाएगी। 

रक्षा मंत्री का यह बयान सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि नॉर्थ-ईस्ट में लगातार स्पेशल आर्म्ड फोर्सेस का लगा रहना सरकार और प्रशासन की नाकामयाबी है।

पर्रिकर ने कहा कि वे लोगों को हालात बिगाड़ने देना नहीं चाहते हैं, इसलिए जहां भी हालात काबू करने के लिए सेना लगाई जाएगी, उसे शक्ति से निपटना ही होगा, नहीं तो सेना लगाने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत खुशी होगी कि सेना का इस्तेमाल अगर केवल आपदाओं से निपटने में किया जाए। 

इससे पहले कश्मीर के हालात पर उन्होंने कहा था कि सेना के इस्तेमाल का जवाब गृहमंत्रालय से पूछा जाना चाहिए, राज्य में कानून-व्यवस्था के लिए सीधे रक्षा मंत्रालय से सवाल नहीं किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल एक सैनिक के हिंसक प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि सेना मारती जरूर है, लेकिन मारने के लिए नहीं। कभी-कभी गलती होती है। भारतीय सेना मारती है, लेकिन हिंसक नहीं है।

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