बंद कश्मीर में चोरी छिपे ट्रेनिंग कर नन्हा हाशिम ले आया गोल्ड
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नन्हें हाशिम को तो अभी इस बात की भी समझ नहीं है कि उसने किन विपरीत परिस्थितियों में किस कारनामे को अंजाम कर दिखाया है। तालकटोरा स्टेडियम में मंगलवार को आईकेयू एशियाई कराटे चैंपियनशिप के अंडर-7 वर्ग का गोल्ड जीतने के बाद इस कश्मीरी बच्चे के मुंह से यही निकला अब उन्हें भी घर लौटने पर तजमुल की तरह ढेर सारी मिठाईयां मिलेंगी।
हाशिम को यह मालूम है कि वल्र्ड किक बॉक्सिंग में अंडर-8 वर्ग में गोल्ड जीतने के बाद कश्मीर में तजमुल को किस तरह सिर आंखों पर बिठाया गया, लेकिन इस गोल्ड की असली कीमत तो उनके कोच फैजल अली को मालूम है।
बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में बने बद से बदतर हालातों के बीच बांदीपुरा के नदिहाल गांव के इस बच्चे ने चैंपियनशिप के लिए तैयारियां कीं। फैजल खुलासा करते हैं कि वह हाशिम को बांदीपुरा स्थिति अलीज अकादमी में ट्रेनिंग कराते हैं, लेकिन उत्तर कश्मीर के इस इलाके में जब अशांति फैली तो हाशिम के साथ दूसरे बच्चों को ट्रेनिंग कराना असंभव हो गया।
फैजल बताते हैं कि इसके बाद वह हाशिम को कुलहामा नाम के ऐसे इलाके में ले गए, जहां किसी को भी ट्रेनिंग के बारे में कानो-कान खबर नहीं थी।
उपद्रवियों से बचाकर करवाई हाशिम को तैयारी
फैजल को डर था कि अगर किसी तरह से उपद्रवियों को यह पता लग गया कि हाशिम को दिल्ली में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के लिए तैयारियां कराई जा रही हैं और वह भारत के लिए खेलेगा तो उसके लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं। इसी कारण उन्होंने हाशिम की तैयारियों के बारे में किसी को हवा नहीं लगने दी।
फैजल के मुताबिक बांदीपुरा के सिंबॉयोसि स्कूल में कक्षा दो का छात्र हाशिम बेहद प्रतिभाशाली है। वह उन्होंने उसे वूलर अकादमी में पहली बार देखा था और अपने पास ले आए। वह ट्रायल में 12 खिलाडिय़ों को हराकर एशियाई चैंपियनशिप केलिए चयनित हुआ।
यहां उसने फाइनल में श्रीलंकाई प्रतिद्वंद्वी को हराया। इससे पहले उसने भूटान और नेपाल के खिलाडिय़ों को हराया था। यही नहीं यहां गोल्ड जीतकर उसने अगले वर्ष सितंबर में किसी यूरोपीय देश में होने वाली वल्र्ड चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।