हरियाणा में भाजपा के इस 'वन टू वन' प्लान से चित्त होंगे कांग्रेस, इनेलो के 'बड़े पहलवान'
लगातार जीतते रहे विपक्षी नेताओं की घेराबंदी
बता दें कि इस बार मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन और प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने 'वन टू वन' प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत भाजपा विपक्ष के उन नेताओं को विधानसभा चुनाव में हराने की रणनीति तैयार कर रही है, जो पिछले कई सालों से चुनाव जीतते रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने यही रणनीति बनाई थी। राजनीतिक गलियारों में यह कहावत आम थी कि हरियाणा में और खासतौर से रोहतक सीट पर हुड्डा परिवार को कोई नहीं हरा सकता। इस सीट पर तीन बार दीपेंद्र हुड्डा और उससे पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा यहां से चुने जाते रहे हैं।
चित्त होंगे कांग्रेस और इनेलो के धुरंधर
गत लोकसभा चुनाव में रोहतक से दीपेंद्र सिंह हुड्डा और सोनीपत सीट से भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दोनों हार गए थे।अब उसी तर्ज पर भाजपा ने कांग्रेस और इनेलो के धुरंधरों को चित्त करने की योजना बनाई है। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल कह चुके हैं कि इस बार किलोई और एलनाबाद सीट के नतीजे पूरी दुनिया देखेगी। ये नतीजे चौंकाने वाले होंगे। किलोई विधानसभा सीट से भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव जीतते रहे हैं, जबकि एलनाबाद में चौटाला परिवार के सदस्य चुनाव जीतते रहे हैं। पिछली बार यहां से अभय चौटाला और उससे पहले ओमप्रकाश चौटाला इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं।
भूपेंद्र हुड्डा ने अपने बेटे को लगाया
भले ही अभी तक कांग्रेस पार्टी में टिकटों की घोषणा नहीं हुई है, मगर वे चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विधानसभा क्षेत्र किलोई पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी है। हुड्डा को भाजपा के प्लान की भनक लग गई है, यही वजह है कि अभी से हुड्डा के बेटे और पूर्व लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह लगातार किलोई का दौरा कर रहे हैं। वे कई दिनों में दर्जनों जनसभाएं कर चुके हैं। एक जनसभा में उन्होंने कहा, आपको 14 वर्ष के दौरान मुझसे कोई गिला-शिकवा हो तो बताओ, अब मैं फ्री हूं। मैं अब आपके बीच ही रहूंगा। रोजाना आपसे मिलूंगा।
दीपेंद्र ने यह भी कह दिया कि मेरी ओर से जो भी छोटी-मोटी कमी रह गई हो, उसे दूर कर दूंगा। आखिर में दीपेंद्र ये कहना भी नहीं भूलते कि इस बार पूरे प्रदेश की नजर किलोई पर है। यहीं से जीत का संदेश आगे जाएगा। इनेलो और जजपा के नेता भी पूरे प्रदेश पर ध्यान देने की बजाए अपनी घरेलू सीटों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
भजनलाल का परिवार भी 'टेंशन' में
पूर्व सीएम स्व: भजनलाल के परिवार का भी यही हाल है। वे भी अपना राजनीतिक करियर बचाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। भाजपा के एक नेता का कहना है कि 'वन टू वन' प्लान का मतलब यही है कि कोई विशेष सीट जीतने के लिए वहां खास रणनीति तैयार करना, भले ही आसपास के इलाके में पार्टी की कोई भी चुनावी रणनीति क्यों न हो, लेकिन 'वन टू वन' प्लान के तहत अलग रणनीति बनाई जाएगी। यहां पर पार्टी का लक्ष्य हर हाल में सीट जीतना रहेगा।
ये नेता भी 'वन टू वन' प्लान के निशाने पर
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी, रणदीप सिंह सुरजेवाला, करण सिंह दलाल, संपत सिंह, गीता भुक्कल, फूलचंद मुलाना, कुलदीप बिश्नोई, रेणुका बिश्नोई, चंद्रमोहन बिश्नोई, कुलदीप शर्मा, हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, सावित्री जिंदल, आफताब अहमद, शकुंतला खटक, कैप्टन अजय यादव, आनंद सिंह दांगी, रघुबीर कादियान, रामपाल माजरा और अशोक अरोड़ा सहित करीब तीन दर्जनों नेताओं का नाम 'वन टू वन' प्लान में है।