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मेहसाणा दंगा केस : हार्दिक पटेल को 2 साल की सजा, नहीं जाएंगे जेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Updated Wed, 25 Jul 2018 02:21 PM IST
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हार्दिक पटेल
- फोटो : uejdl
गुजरात की एक अदालत ने पाटीदार कोटा आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को साल 2015 के विसनगर दंगा केस में बुधवार को दोषी करार देते हुए उन्हें दो साल कैद की सजा सुनाई।
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विसनगर, सत्र अदालत के न्यायाधीश वी. पी. अग्रवाल ने हार्दिक और उनके दो साथियों लालजी पटेल और ए. के. पटेल को दंगा भड़काने, आगजनी करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होने से जुड़ी आईपीसी की धाराओं के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने दो साल कारावास के साथ साथ तीनों पर 50 - 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। केस में अन्य 14 आरोपियों को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया गया।
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बता दें कि पटेल समुदाय के आरक्षण की मांग को लेकर निकाली गई रैली के हिंसक रूप अख्तियार करने के बाद भीड़ ने संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के साथ कुछ मीडिया कर्मियों पर भी हमला बोला था।
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विसनगर में 23 जुलाई 2015 को दर्ज कराई गई एफआईआर में हार्दिक को भी आरोपी बनाया गया था। भीड़ ने एक कार को आग के हवाले कर दिया था और स्थानीय भाजपा विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में तोड़फोड़ की थी।
Mehsana: Visnagar Court pronounces Hardik Patel guilty in a case related to vandalising BJP legislator Rushikesh Patel’s office in Visnagar during 2015 Patidar protests. #Gujarat (file pic) pic.twitter.com/IB5PN67zkI
— ANI (@ANI) July 25, 2018
वहीं फैसला आने के बाद हार्दिक पटेल ने ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि किसी भी मुश्किल को उसके बनाये गए लेवल पर हल नहीं किया जा सकता, उस मुसीबत को उस लेवल से ऊपर उठने पर ही हल किया जा सकता है। इंकलाब जिंदाबाद
किसी भी मुश्किल को उसके बनाये गए लेवल पर हल नहीं किया जा सकता, उस मुसीबत को उस लेवल से ऊपर उठने पर ही हल किया जा सकता है। इंक़लाब ज़िंदाबाद
— Hardik Patel (@HardikPatel_) July 25, 2018
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हार्दिक पटेल की हुई थी गिरफ्तारी
hardik patel
बता दें कि इस मामले को लेकर गुजरात के मेहसाणा में हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी भी हुई थी। जिसके बाद पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) ने बंद का ऐलान किया है। इस दौरान प्रशासन ने हिंसा और आंदोलन के उग्र होने के मद्देनजर मेहसाणा के अलावा सूरत और राजकोट में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया था।
गौरतलब है कि इस आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया था। आंदोलन में शामिल लोगों ने दो इमारतों को भी आग के हवाले कर दिया था और पुलिस की कई गाड़ियों को क्षति पहुंचाई थी। भीड़ को बेकाबू होता देख प्रशासन ने मेहसाणा में कर्फ्यू लगा दिया था। लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा था।
सरदार पटेल ग्रुप (एसपीजी) ने पटेल समुदाय को आरक्षण देने तथा जेल में बंद हार्दिक पटेल समेत दूसरे पाटीदार नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन का एलान किया था। समुदाय के हजारों लोग शहर के मोढेरा चौराहे पर जुटे थे। उनकी अगुवाई एसपीजी के प्रमुख लालजी पटेल कर रहे थे। उनका आरोप है कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। वे लोग जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ रहे थे कि तभी पुलिस ने भीड़ को उकसाने के लिए लालजी और उनके संगठन के कुछ सदस्यों पर लाठी से वार किया। लालजी के सिर पर चोट आई है। इसके बाद हालात काबू से बाहर होते गए।
उस दौरान राज्य के प्रभारी डीजीपी पीपी पांडेय ने कहा था कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों के हिंसक होने के बाद स्थिति बिगड़ी। पुलिस कंट्रोल रूम के एक अधिकारी ने बताया था कि आंदोलन स्थल पर वाटर कैनन और आंसू गैस के गन के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। जब भीड़ की तरफ से पथराव होने लगा और वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लगे तो पुलिस ने पहले पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इसके बाद लोगों को तितरबितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उस समय मेहसाणा में लालजी समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
गौरतलब है कि इस आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया था। आंदोलन में शामिल लोगों ने दो इमारतों को भी आग के हवाले कर दिया था और पुलिस की कई गाड़ियों को क्षति पहुंचाई थी। भीड़ को बेकाबू होता देख प्रशासन ने मेहसाणा में कर्फ्यू लगा दिया था। लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा था।
सरदार पटेल ग्रुप (एसपीजी) ने पटेल समुदाय को आरक्षण देने तथा जेल में बंद हार्दिक पटेल समेत दूसरे पाटीदार नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन का एलान किया था। समुदाय के हजारों लोग शहर के मोढेरा चौराहे पर जुटे थे। उनकी अगुवाई एसपीजी के प्रमुख लालजी पटेल कर रहे थे। उनका आरोप है कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। वे लोग जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ रहे थे कि तभी पुलिस ने भीड़ को उकसाने के लिए लालजी और उनके संगठन के कुछ सदस्यों पर लाठी से वार किया। लालजी के सिर पर चोट आई है। इसके बाद हालात काबू से बाहर होते गए।
उस दौरान राज्य के प्रभारी डीजीपी पीपी पांडेय ने कहा था कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों के हिंसक होने के बाद स्थिति बिगड़ी। पुलिस कंट्रोल रूम के एक अधिकारी ने बताया था कि आंदोलन स्थल पर वाटर कैनन और आंसू गैस के गन के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। जब भीड़ की तरफ से पथराव होने लगा और वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लगे तो पुलिस ने पहले पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इसके बाद लोगों को तितरबितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उस समय मेहसाणा में लालजी समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
25 अगस्त से निश्चितकालीन भूख हड़ताल बैठेंगे हार्दिक पटेल
बता दें कि हार्दिक पटेल ने हाल ही में फिर से आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि वह इस बार आंदोलन ही नहीं बल्कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वह पाटीदारों के लिए तब तक भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे जब तक कि उन्हें आरक्षण नहीं मिल जाता। वह यह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 25 अगस्त से शुरू करेंगे।
हार्दिक पटेल ने इसका एलान फेसबुक लाइव के जरिए किया। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि यह लड़ाई आर या पार की होगी। गौरतलब है कि 25 अगस्त को पाटीदार क्रांति रैली के तीन साल पूरे हो रहे हैं।
उस दौरान पाटीदार आंदोलन में 9 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पाटीदार समर्थकों के खिलाफ बड़ी संख्या में केस दर्ज किए गए थे। लेकिन अब कोर्ट का फैसला आने के बाद देखना होगा कि वह आंदोलन कर पाएंगे या नहीं। लेकिन फिलाहाल तो हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है।
हार्दिक पटेल ने इसका एलान फेसबुक लाइव के जरिए किया। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि यह लड़ाई आर या पार की होगी। गौरतलब है कि 25 अगस्त को पाटीदार क्रांति रैली के तीन साल पूरे हो रहे हैं।
उस दौरान पाटीदार आंदोलन में 9 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पाटीदार समर्थकों के खिलाफ बड़ी संख्या में केस दर्ज किए गए थे। लेकिन अब कोर्ट का फैसला आने के बाद देखना होगा कि वह आंदोलन कर पाएंगे या नहीं। लेकिन फिलाहाल तो हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है।
कौन हैं हार्दिक पटेल?
हार्दिक पटेल
हार्दिक पटेल गुजरात में पाटीदार आंदोलन के बड़े नेता हैं। उनका जन्म 20 जुलाई 1993 में चंदन नगरी गुजरात में हुआ था। वह 2011 से सरदार पटेल समूह से जुड़े थे। इसके बाद हार्दिक ने 2015 में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति का निर्माण किया था। जिसका लक्ष्य पिछड़ा वर्ग में शामिल होना था। पाटीदार समुदाय ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण चाहते हैं।