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अलग गोरखालैंड: हमरो पार्टी के प्रमुख अजय एडवर्ड्स बोले, अहिंसक तरीके से पाया जाए लक्ष्य, अब सुशासन पर हो ध्यान
Sun, 15 May 2022 05:48 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 15 May 2022 05:48 PM IST
सार
अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के रुख को शुरुआत से ही गलत बताते हुए हमरो पार्टी के प्रमुख अजय एडवर्ड्स ने कहा कि इसके लिए अहिंसक रास्ता अपनाया जाना चाहिए और सुशासन पर ध्यान होना चाहिए।
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अजय एडवर्ड्स
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नवगठित राजनीतिक दल हमरो पार्टी के प्रमुख अजय एडवर्ड्स ने रविवार को कहा कि अलग गोरखालैंड राज्य संवैधानिक फ्रेमवर्क और अहिंसक माध्यम से बनना चाहिए। उन्होंने पूर्व गोरखा नेतृत्व पर समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने भावनाओं से खिलवाड़ किया और कई बार हिंसा भड़काने का काम किया।
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एडवर्ड्स ने कहा कि अलग गोरखालैंड राज्य का निर्माण उत्तरी पश्चिम बंगाल की पहाड़ियों में रहने वाले लोगों का लंबे समय से देखा जा रहा स्वप्न है। अब सुशासन पर ध्यान होना चाहिए।
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रेस्तरां मालिक से राजनेता बने अजय एडवर्ड्स (47) की हमरो पार्टी ने गठन के कुछ महीनों के अंदर ही इस साल मार्च में हुए निकाय चुनावों में दार्जिलिंग म्युनिसिपैलिटी जीत कर सबको चौंका दिया था। इस पार्टी के नाम का अर्थ ही हमारी पार्टी है। उन्होंने आगामी गोरखालैंड क्षेत्री प्रशासन (जीटीए) चुनाव में भी जीतने का विश्वास जताया।
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समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार एडवर्ड्स ने कहा, 'पिछले 35 साल से आंदोलन की शुरुआत के बाद से ही गोरखा नेतृत्व ने लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है, फिर चाहे वह सुभाष घिसिंह हों या बिमल गुरुंग। आंदोलन के हिंसक बनाने के साथ-साथ उनकी कई गलतियों के चलते लक्ष्य पाया नहीं जा सका है।
'गोरखालैंड के लिए अपनाया गया तरीका शुरुआत से ही गलत'
एडवर्ड्स ने कहा कि जब भी आंदोलन कुछ उठा, ये नेता किसी न किसी समझौते पर पहुंच गए। हजारों करोड़ रुपये पहाड़ियों में डाले गए हैं लेकिन जनता पर इसका कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि यहां जीवन के हर कदम पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि गोरखालैंड के लिए तरीका शुरुआत से ही गलत था।
'पहाड़ियों की रानी' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग ने वर्षों के दौरान कई पार्टियां देखी हैं जिन्होंने पहाड़ियों के लोगों को अलग गोरखालैंड राज्य और छठे शिड्यूल को लागू करने का वादा किया किया था। यह शिड्यूल जनजातीय क्षेत्र को स्वायत्तता प्रदान करता है। एडवर्ड्स ने अलग गोरखालैंड राज्य के लिए पूरे देश से समर्थन की मांग की है।