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बेटियां बचाकर हिमाचल का हमीरपुर बना देश का सर्वश्रेष्ठ जिला

Sat, 13 Oct 2018 04:21 AM IST
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Updated Sat, 13 Oct 2018 04:21 AM IST
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Hamirpur of Himachal Pradesh became best district in country by saving girl children

यूं तो भौगोलिक स्थितियों के चलते हिमाचल प्रदेश में जमीनी स्तर पर जनयोजनाओं के लिए काम करना किसी दुर्लभ चुनौती से कम नहीं, लेकिन इसी राज्य के हमीरपुर जिले ने देश में एक बार फिर अनूठी पहचान स्थापित की है। हाल ही में पोषण को लेकर सर्वश्रेष्ठ अवॉर्ड मिलने के बाद अब लिंगानुपात, महिला एवं बाल स्वास्थ्य को लेकर भी इस जिले को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ है।

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शुक्रवार को दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में जिले की उपायुक्त डॉ. रिचा वर्मा को छठवें जेआरडी टाटा मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया। पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के इस कार्यक्रम में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने जिले के कार्यों की सराहना की। 
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इस दौरान अमर उजाला से खास बातचीत में डॉ. रिचा वर्मा ने बताया कि उनके जिले में गर्भवती महिलाओं की अस्पतालों मेंप्रसूति, महिलाओं में एनीमिया दूर करना, शिशु लिंगानुपात को लेकर कई बेहतर कार्य किए गए।                   

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अवार्ड के पीछे आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका

डॉ. वर्मा कहती हैं कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर उन्होंने दो चरणों में काम किया। पहले जिले की बेटियों को बचाया, यानि लिंगानुपात को सुधारने पर जोर दिया। वर्ष 2015 की तुलना में अब उनके यहां लिंगानुपात करीब 900 है। जबकि सामान्य लिंगानुपात टाटा स्टडी के अनुसार 1095 पहुंच चुका है। इसके बाद उन्होंने बच्चियों की शिक्षा पर जोर दिया। उनके यहां के स्कूलों में बच्चियों की निशुल्क केरियर काउंसलिंग तक कराई जा रही है ताकि 12वीं कक्षा के बाद बेटियां अपने घर-चूल्हा तक सीमित न रह सकें।

एक सवाल पर डॉ. रिचा वर्मा ने बताया कि जिले को लगातार मिले सर्वश्रेष्ठ अवॉर्ड के पीछे आशा वर्कर, स्वास्थ्य कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका है, जिन्होंने घर घर जाकर (यहां तक की वे स्वयं) लोगों को शिक्षित किया। इन्होंने महिला एवं बाल स्वास्थ्य के साथ गर्भवती महिलाओं की शुरुआत में ही मॉनीटरिंग शुरू की। करीब तीन वर्ष तक चली इस मुहिम का असर अब पूरा देश देख रहा है। उनके जिले की आबादी करीब चार लाख 55 हजार है।

केंद्र शासित राज्यों में चंडीगढ़ आया अव्वल      

जहां देश के करीब 600 से ज्यादा जिलों में हमीरपुर को पहला स्थान मिला। वहीं केंद्र शासित राज्यों में चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में पंजाब ने सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने चंडीगढ़ से आए प्रशासक के सलाहकार परिमल राय और पंजाब से आए अतिरिक्त मुख्य सचिव सतीश चंद्रा को सम्मानित किया। 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि देश की जनसंख्या जितनी तेजी से बढ़ रही है उतनी ही तेजी से स्त्रोत की कमी चिंता बनी हुई है। नीति आयोग जलसंकट जैसे मुद्दों को लेकर काम कर रहा है। उन्होंने इन राज्यों एवं जिलों की सराहना करते हुए यहां सामाजिक मुद्दों को लेकर जनआंदोलन चलाने की अपील भी की।

इन्हें भी मिला सम्मान    

राज्यों में छत्तीसगढ़, पंजाब और सिक्किम को, केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ को और जिलों में हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), जगतसिंहपुर (उडीसा), बक्सा (असम), एर्नाकुलम  (केरल), द निल्गिरस और नागापट्टीनम (तमिलनाडु), अकोला (महाराष्ट्र), आईजोल (मिजोरम), अपर सियांग (अरुणाचल प्रदेश) और फेक (नागालैंड) को यह पुरस्कार दिया गया है।    

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