फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   haemolacria, 22 year old man cries blood, know the reason behind it

ये आदमी सच में रोता है खून के आंसू, वजह है रहस्यमयी

Sat, 29 Dec 2018 01:32 PM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर Published by: Shilpa Thakur Updated Sat, 29 Dec 2018 01:32 PM IST
haemolacria, 22 year old man cries blood, know the reason behind it
haemolacria - फोटो : BMJ

खून के आंसू रोने वाली बात तो आपने सुनी होगी, लेकिन केवल लोगों की बददुआओं में। लेकिन आज आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो सच में खून के आंसू रोता है। उसकी आंखों से खून बहता है। उसकी इस बीमारी ने डॉक्टरों को भी चकित कर दिया है। 

loader

खून के आंसू रोने वाली बात तो आपने सुनी होगी, लेकिन केवल लोगों की बददुआओं में। लेकिन आज आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो सच में खून के आंसू रोता है। उसकी आंखों से खून बहता है। उसकी इस बीमारी ने डॉक्टरों को भी चकित कर दिया है। 

22 वर्षीय इस व्यक्ति की आंखों से दो बार खून निकला है। जब वह डॉक्टर के पास गया तो उसकी जांच की गई लेकिन रिपोर्ट में सबकुछ ठीक आया। डॉक्टरों के अनुसार खून के आंसुओं को चिकिस्ता के क्षेत्र में हेमोलेक्रिया कहा जाता है। जिसके बहुत से कारण होते हैं। लेकिन इस व्यक्ति को किस कारण से ऐसा हो रहा है ये पता नहीं चल पाया है।

डेली मेल की खबर के अनुसार बीएमजे केस रिपोर्ट लिखने वाले डॉक्टर का कहना है कि हेमोलेक्रिया नाम की बीमारी में आदमी की आंखों से पानी की बजाय खून बहता है। यह व्यक्ति इलाज के लिए पोर्ट ब्लेयर के अंडमान एंड निकोबार आइलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस गया। यह नॉर्थ सेंटिनल से कुछ दूरी पर स्थित है। जहां अमेरिकी नागरिक की आदिवासियों ने हत्या कर दी थी। 

डॉक्टरों ने उसका इलाज किया लेकिन उन्हें इसके पीछे की कोई वजह नहीं मिली। उसके शरीर के सभी अंग ठीक से काम कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह अज्ञात है। इसके पीछे की वजह आखों में लगी चोट भी हो सकती है।

डॉक्टर के अनुसार आंखों में इन्फेक्शन, चेहरे पर चोट, सूजन, आंखों के आसापास ट्यूमर और नाक में चोट से भी खून बहता है, जो अजीब लगता है। ऐसा ही एक मामला इंग्लैंड के जर्नल ऑफ मेडिकल में भी पब्लिश हो चुका है। जिसके अनुसार एक व्यक्ति की आंखों से इसलिए खून निकल रहा था क्योंकि उसकी आंखों में ट्यूमर था।

पहले भी सामने आए हैं मामले

haemolacria
haemolacria
ऐसा ही एक मामला साल 2014 में राजस्थान के कोटा से सामने आया था। यहां 22 वर्षीय एक महिला भी इस दुर्लभ बीमारी का शिकार थी। उसकी आंखों से आंसू की बजाय खून निकलता था। सरकारी अस्पताल के मुताबिक उस वक्त वह देश की तीसरी ऐसी महिला थी, जो इस बीमारी से पीड़ित थी।

लक्ष्या बैस नाम की इस महिला का इलाज कर रहे डॉक्टर का कहना था कि उन्होंने अपने करियर में पहली बार ऐसा मामला देखा है। ऐसे ही दो मामले लखनऊ और कोलकाता से भी सामने आए थे। ये तीसरा मामला लक्ष्या बैस का था। 

डॉक्टर बताते हैं कि खून के आंसू खून के थक्के जमने की एक बीमारी है। जो वंशानुगत दोष है। इसकी जांच काफी महंगी है और इसके लिए आसानी से सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। जब लक्ष्या की आंखों से खून निकला था तो उसके बाद वह बेहोश हो जाती थी। उसे कई बड़े शहरों में इलाज के लिए ले जाया गया लेकिन कहीं भी डॉक्टर उसकी बीमारी का इलाज नहीं कर पाए। सभी जगह लक्ष्या की मेडिकल रिपोर्ट ठीक आईं।

क्या कहता है इतिहास

haemolacria
haemolacria
इतिहास में अगर खून के आंसुओं के बारे में देखें तो पता चलता है कि 16वीं सदी के डॉक्टरों के पास ऐसे कई मामले आए हैं। उस समय उनके पास कई ऐसे मरीज आते थे जिनकी आंखों से खून निकलता था। ये बीमारी अभी भी एक रहस्य बनी हुई है कि आखिर क्यों कुछ लोगों की आखों से खून के आंसू निकलते हैं। 

ऐसा मामला सबसे पहले सोलहंवी सदी में इतालवी डॉक्टर के पास आया था। डॉ.एंटोनियो ब्रासवोला ने लिखा है कि एक नन उनके पास आई थी। उसकी आंखों से मासिक धर्म के समय खून के आंसू निकल रहे थे। साल 1581 में एक फ्लेमिश डॉक्टर ने लिखा है कि उनके पास भी एक ऐसा ही मामला आया था। जिसमें 16 साल की लड़की को मासिक धर्म के समय गर्भाशय के स्थान पर आंखों से रक्तस्राव होता था।

आधुनिक चिकित्सा का मानना है कि ऐसा हॉर्मोन्स में परिवर्तन के कारण भी होता है। साल 1991 में एक शोध किया गया जिसमें पता चला कि 18 फीसदी जननक्षम महिलाओं, 7 फीसदी गर्भवती महिलाओं और 8 फीसदी पुरुषों के आंसुओं में कुछ मात्रा में रक्त पाया गया। बाद में ये निष्कर्ष निकला कि ये हॉर्मोन्स में परिवर्तन के कारण होता है। इसपर हेमिल्टन आई इंस्टीट्यूट के जेम्स फ्लेमिंग का कहना है कि ये बीमारी अधिकतर युवाओं को होती है। उम्र के बढ़ने के साथ-साथ ये धीरे-धीरे खत्म भी हो जाती है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Next Article

Followed