ये आदमी सच में रोता है खून के आंसू, वजह है रहस्यमयी
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खून के आंसू रोने वाली बात तो आपने सुनी होगी, लेकिन केवल लोगों की बददुआओं में। लेकिन आज आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो सच में खून के आंसू रोता है। उसकी आंखों से खून बहता है। उसकी इस बीमारी ने डॉक्टरों को भी चकित कर दिया है।
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खून के आंसू रोने वाली बात तो आपने सुनी होगी, लेकिन केवल लोगों की बददुआओं में। लेकिन आज आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो सच में खून के आंसू रोता है। उसकी आंखों से खून बहता है। उसकी इस बीमारी ने डॉक्टरों को भी चकित कर दिया है।
22 वर्षीय इस व्यक्ति की आंखों से दो बार खून निकला है। जब वह डॉक्टर के पास गया तो उसकी जांच की गई लेकिन रिपोर्ट में सबकुछ ठीक आया। डॉक्टरों के अनुसार खून के आंसुओं को चिकिस्ता के क्षेत्र में हेमोलेक्रिया कहा जाता है। जिसके बहुत से कारण होते हैं। लेकिन इस व्यक्ति को किस कारण से ऐसा हो रहा है ये पता नहीं चल पाया है।
डेली मेल की खबर के अनुसार बीएमजे केस रिपोर्ट लिखने वाले डॉक्टर का कहना है कि हेमोलेक्रिया नाम की बीमारी में आदमी की आंखों से पानी की बजाय खून बहता है। यह व्यक्ति इलाज के लिए पोर्ट ब्लेयर के अंडमान एंड निकोबार आइलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस गया। यह नॉर्थ सेंटिनल से कुछ दूरी पर स्थित है। जहां अमेरिकी नागरिक की आदिवासियों ने हत्या कर दी थी।
डॉक्टरों ने उसका इलाज किया लेकिन उन्हें इसके पीछे की कोई वजह नहीं मिली। उसके शरीर के सभी अंग ठीक से काम कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह अज्ञात है। इसके पीछे की वजह आखों में लगी चोट भी हो सकती है।
डॉक्टर के अनुसार आंखों में इन्फेक्शन, चेहरे पर चोट, सूजन, आंखों के आसापास ट्यूमर और नाक में चोट से भी खून बहता है, जो अजीब लगता है। ऐसा ही एक मामला इंग्लैंड के जर्नल ऑफ मेडिकल में भी पब्लिश हो चुका है। जिसके अनुसार एक व्यक्ति की आंखों से इसलिए खून निकल रहा था क्योंकि उसकी आंखों में ट्यूमर था।
पहले भी सामने आए हैं मामले
लक्ष्या बैस नाम की इस महिला का इलाज कर रहे डॉक्टर का कहना था कि उन्होंने अपने करियर में पहली बार ऐसा मामला देखा है। ऐसे ही दो मामले लखनऊ और कोलकाता से भी सामने आए थे। ये तीसरा मामला लक्ष्या बैस का था।
डॉक्टर बताते हैं कि खून के आंसू खून के थक्के जमने की एक बीमारी है। जो वंशानुगत दोष है। इसकी जांच काफी महंगी है और इसके लिए आसानी से सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। जब लक्ष्या की आंखों से खून निकला था तो उसके बाद वह बेहोश हो जाती थी। उसे कई बड़े शहरों में इलाज के लिए ले जाया गया लेकिन कहीं भी डॉक्टर उसकी बीमारी का इलाज नहीं कर पाए। सभी जगह लक्ष्या की मेडिकल रिपोर्ट ठीक आईं।
क्या कहता है इतिहास
ऐसा मामला सबसे पहले सोलहंवी सदी में इतालवी डॉक्टर के पास आया था। डॉ.एंटोनियो ब्रासवोला ने लिखा है कि एक नन उनके पास आई थी। उसकी आंखों से मासिक धर्म के समय खून के आंसू निकल रहे थे। साल 1581 में एक फ्लेमिश डॉक्टर ने लिखा है कि उनके पास भी एक ऐसा ही मामला आया था। जिसमें 16 साल की लड़की को मासिक धर्म के समय गर्भाशय के स्थान पर आंखों से रक्तस्राव होता था।
आधुनिक चिकित्सा का मानना है कि ऐसा हॉर्मोन्स में परिवर्तन के कारण भी होता है। साल 1991 में एक शोध किया गया जिसमें पता चला कि 18 फीसदी जननक्षम महिलाओं, 7 फीसदी गर्भवती महिलाओं और 8 फीसदी पुरुषों के आंसुओं में कुछ मात्रा में रक्त पाया गया। बाद में ये निष्कर्ष निकला कि ये हॉर्मोन्स में परिवर्तन के कारण होता है। इसपर हेमिल्टन आई इंस्टीट्यूट के जेम्स फ्लेमिंग का कहना है कि ये बीमारी अधिकतर युवाओं को होती है। उम्र के बढ़ने के साथ-साथ ये धीरे-धीरे खत्म भी हो जाती है।