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आरोग्य सेतु हैक कर सीधे केंद्र सरकार को दे दी चुनौती, उठ रहे सवाल
Wed, 06 May 2020 11:33 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Wed, 06 May 2020 11:33 PM IST
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- फोटो : PM Narendra Modi
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एथिकल हैकर (एलिएट एंडरसन, फ्रांस) की चुनौती ने प्रधानमंत्री कार्यालय की चिंता बढ़ा दी है। हैकर ने प्रधानमंत्री कार्यालय के पांच लोगों की तबीयत खराब होने का दावा करके सीधे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को चुनौती दे दी है। हैकर ने जानकारी देते हुए बताया कि सेना मुख्यालय में दो लोगों की तबीयत खराब है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में तीन और संसद भवन का एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित है। इसके बाद आरोग्य सेतु को लेकर निजता की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होने लगा है। हैकर की इस नई चुनौती पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कोई अधिकारी अभी कुछ कहने से बच रहा है।
बुधवार को रविशंकर प्रसाद ने दी सफाई, एप को सुरक्षित बताया
बुधवार को विपक्ष के निजता की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने, एथिकल हैकर की चुनौती पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सफाई दी थी। रविशंकर प्रसाद ने अपने बयान में आरोग्य सेतु को पूरी तरह से सुरक्षित बताया था।
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रविशंकर प्रसाद के दावे के बाद एथिकल हैकर ने फिर नई चुनौती पेश कर दी। इससे पहले कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सवाल उठाया था। उन्होंने आरोग्य सेतु को लोगों के सिर पर सवार एक जासूसी कैमरा करार दिया था।
सुरजेवाला ने कहा कि इस एप को डाउनलोड करने वाला व्यक्ति हर पल निगरानी में रहेगा। वह जहां जाएगा, जिस किसी से मिलेगा, जिसके पास जितने पल रहेगा और जो गतिविधियां करेगा, सब पर निगरानी होती रहेगी।
ऐसे में इसकी सुरक्षा में सेंध सीधे-सीधे निजता में हनन का संवेदनशील मामला बन सकता है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी आरोग्य सेतु एप पर सवाल उठाया था।
निजी कंपनियों के एप में चीन की हिस्सेदारी
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी ने कहा कि आरोग्य सेतु एप को दो निजी कंपनियों के सौजन्य से तैयार किया गया है। इसे तैयार करने में गो इबोबो और मेक माई ट्रिप ने मदद की है।
इन कंपनियों में 40 प्रतिशत चीन की हिस्सेदारी है। सुरजेवाला ने कहा कि भारतीय सेना ने भी अपने अफसरों और जवानों को एप को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। सेना ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा इसी तरह का मिलता जुलता एप तैयार कराने के प्रति आगाह किया है।
ऐसे में कोई भी हैकर हैक करके किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को कोविड-19 संक्रमित बताकर उसे बिना संक्रमित हुए क्वारंटीन में भी भेज सकता है। इस तरह के तमाम खतरे और भी हैं। सुरजेवाला ने कहा कि केंद्र सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय में तीन और संसद भवन का एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित है। इसके बाद आरोग्य सेतु को लेकर निजता की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होने लगा है। हैकर की इस नई चुनौती पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कोई अधिकारी अभी कुछ कहने से बच रहा है।
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बुधवार को रविशंकर प्रसाद ने दी सफाई, एप को सुरक्षित बताया
बुधवार को विपक्ष के निजता की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने, एथिकल हैकर की चुनौती पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सफाई दी थी। रविशंकर प्रसाद ने अपने बयान में आरोग्य सेतु को पूरी तरह से सुरक्षित बताया था।
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रविशंकर प्रसाद के दावे के बाद एथिकल हैकर ने फिर नई चुनौती पेश कर दी। इससे पहले कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सवाल उठाया था। उन्होंने आरोग्य सेतु को लोगों के सिर पर सवार एक जासूसी कैमरा करार दिया था।
सुरजेवाला ने कहा कि इस एप को डाउनलोड करने वाला व्यक्ति हर पल निगरानी में रहेगा। वह जहां जाएगा, जिस किसी से मिलेगा, जिसके पास जितने पल रहेगा और जो गतिविधियां करेगा, सब पर निगरानी होती रहेगी।
ऐसे में इसकी सुरक्षा में सेंध सीधे-सीधे निजता में हनन का संवेदनशील मामला बन सकता है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी आरोग्य सेतु एप पर सवाल उठाया था।
निजी कंपनियों के एप में चीन की हिस्सेदारी
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी ने कहा कि आरोग्य सेतु एप को दो निजी कंपनियों के सौजन्य से तैयार किया गया है। इसे तैयार करने में गो इबोबो और मेक माई ट्रिप ने मदद की है।
इन कंपनियों में 40 प्रतिशत चीन की हिस्सेदारी है। सुरजेवाला ने कहा कि भारतीय सेना ने भी अपने अफसरों और जवानों को एप को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। सेना ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा इसी तरह का मिलता जुलता एप तैयार कराने के प्रति आगाह किया है।
ऐसे में कोई भी हैकर हैक करके किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को कोविड-19 संक्रमित बताकर उसे बिना संक्रमित हुए क्वारंटीन में भी भेज सकता है। इस तरह के तमाम खतरे और भी हैं। सुरजेवाला ने कहा कि केंद्र सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।