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पूर्व पीएम देवगौड़ा ने कहा: कृषि के लिए आवंटन में गिरावट से निराशा, इसे महत्व और सपोर्ट देने की जरूरत
Mon, 07 Feb 2022 11:27 PM IST
रोमा रागिनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोमा रागिनी
Updated Mon, 07 Feb 2022 11:27 PM IST
सार
पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कम आवंटन पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि देश को आर्थिक विकास के क्षेत्र में ले जाना है तो कृषि को महत्व और सपोर्ट दोनों देना होगा।
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बजट पर एचडी देवगौड़ा
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के नेता एचडी देवगौड़ा ने सोमवार को बजट में कृषि क्षेत्र के लिए आवंटन में गिरावट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसने उन लोगों को निराश किया है, जो इस क्षेत्र में लागत में वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 2022 तक कृषि आय दोगुना करना का वादा किया था, लेकिन बजट में इसका जिक्र ही नहीं है। वर्ष 2022-23 में कुल बजट का कृषि क्षेत्र में आवंटन 3.8 प्रतिशत कम हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी कृषि फर्मों से जीएसटी हटाने की अपील को अनसुना कर दिया गया। खाद्य और पेट्रोलियम उत्पाद पर सब्सिडी घटाई गई। इससे खेती और उसकी लागत पर असर पड़ेगा। कृषि क्षेत्र के लिए जारी बजट ने उनसभी को निराश किया है, जो कृषि के लिए बजट बढ़ने की उम्मीद कर रहे थे।
राज्यसभा में पूर्व पीएम देवगौड़ा ने कहा कि बड़ी संख्या में फसलों को कवर करने वाले MSP के लिए आवंटित बजट को बढ़ाने के बजाय कम कर दिया गया है। ये खाद्य उत्पादन और किसानों की आय पर बुरा प्रभाव डालेगा।
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कृषि के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
वहीं उन्होंने सरकार के बजट स्कीम जैसे कृषि के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल अनुचित है क्योंकि 82 किसान छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनके पास औसत जमीन 1.08 हेक्टयर है। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग फसल का सर्वे करने और डेटा एकत्रित करने में किया जा सकता है, लेकिन ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव ऑर्गनिक खेती के लिए सही नहीं है।
बेरोगारी दर पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि मनरेगा के लिए जारी राशि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त नहीं है। इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने देश में बढ़ती बेरोजगारी पर भी चिंता जताई।
आप के नेता ने सरकार को घेरा
डिबेट में भाग लेते हुए आप सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि सरकार ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में कई बिंदु रखे हैं, जो 'अवास्तविक' हैं। सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' और 'सबका साथ सबका विकास' और अमृत महोत्सव की बात की, लेकिन हकीकत में आप इसका उल्टा काम करते हो।
गांधी के अपमान करने वालों को जेल में डालने की मांग
उन्होंने महात्मा गांधी का अपमान करने वालों को एंटी नेशनल एक्ट के तहत जेल में डालने की मांग उठाई। संजय सिंह ने कहा कि आजादी के 75वें साल पर महात्मा गांधी का अपमान किया गया लेकिन सरकार चुप रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने वाली विचारधारा से आई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण श्रेष्ठ भारत की बात करता है, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह मुजफ्फरनगर में 'दंगे याद है ना' जैसे बयान देते हैं।
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राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 2022 तक कृषि आय दोगुना करना का वादा किया था, लेकिन बजट में इसका जिक्र ही नहीं है। वर्ष 2022-23 में कुल बजट का कृषि क्षेत्र में आवंटन 3.8 प्रतिशत कम हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी कृषि फर्मों से जीएसटी हटाने की अपील को अनसुना कर दिया गया। खाद्य और पेट्रोलियम उत्पाद पर सब्सिडी घटाई गई। इससे खेती और उसकी लागत पर असर पड़ेगा। कृषि क्षेत्र के लिए जारी बजट ने उनसभी को निराश किया है, जो कृषि के लिए बजट बढ़ने की उम्मीद कर रहे थे।
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राज्यसभा में पूर्व पीएम देवगौड़ा ने कहा कि बड़ी संख्या में फसलों को कवर करने वाले MSP के लिए आवंटित बजट को बढ़ाने के बजाय कम कर दिया गया है। ये खाद्य उत्पादन और किसानों की आय पर बुरा प्रभाव डालेगा।
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कृषि के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
वहीं उन्होंने सरकार के बजट स्कीम जैसे कृषि के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल अनुचित है क्योंकि 82 किसान छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनके पास औसत जमीन 1.08 हेक्टयर है। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग फसल का सर्वे करने और डेटा एकत्रित करने में किया जा सकता है, लेकिन ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव ऑर्गनिक खेती के लिए सही नहीं है।
बेरोगारी दर पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि मनरेगा के लिए जारी राशि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त नहीं है। इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने देश में बढ़ती बेरोजगारी पर भी चिंता जताई।
आप के नेता ने सरकार को घेरा
डिबेट में भाग लेते हुए आप सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि सरकार ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में कई बिंदु रखे हैं, जो 'अवास्तविक' हैं। सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' और 'सबका साथ सबका विकास' और अमृत महोत्सव की बात की, लेकिन हकीकत में आप इसका उल्टा काम करते हो।
गांधी के अपमान करने वालों को जेल में डालने की मांग
उन्होंने महात्मा गांधी का अपमान करने वालों को एंटी नेशनल एक्ट के तहत जेल में डालने की मांग उठाई। संजय सिंह ने कहा कि आजादी के 75वें साल पर महात्मा गांधी का अपमान किया गया लेकिन सरकार चुप रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने वाली विचारधारा से आई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण श्रेष्ठ भारत की बात करता है, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह मुजफ्फरनगर में 'दंगे याद है ना' जैसे बयान देते हैं।