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Gyanvapi Case: SC ने कहा- आजादी के वक्त के स्वरूप से तय होगा मामला सुना जाए या नहीं, इसके सबूत भी जुटाने होंगे
Sat, 14 Oct 2023 05:34 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sat, 14 Oct 2023 05:34 AM IST
सार
पीठ ने मामले की सुनवाई 16 अक्तूबर तक टाल दी, क्या था ज्ञानवापी का धार्मिक चरित्र, देखना होगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि आजादी के वक्त के स्वरूप से तय होगा मामला सुना जाए या नहीं, इसके सबूत भी जुटाने होंगे।
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ज्ञानवापी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि परिसर का धार्मिक चरित्र क्या था, यह देखना होगा। कोर्ट ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से पेश वकील हुजैफा अहमदी के उस तर्क पर यह टिप्पणी की, जिसमें 1992 के उपासना स्थल कानून के कारण केस सुने जाने के अयोग्य बताया गया था। कोर्ट ने कहा, 15 अगस्त, 1947 के दिन इसका जो धार्मिक स्वरूप होगा, उससे तय होगा कि इस मामले को सुना जा सकता है या नहीं?
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पीठ ने मामले की सुनवाई 16 अक्तूबर तक टाल दी, क्या था ज्ञानवापी का धार्मिक चरित्र, देखना होगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि आजादी के वक्त के स्वरूप से तय होगा मामला सुना जाए या नहीं, इसके सबूत भी जुटाने होंगे।
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परिसर का धार्मिक चरित्र क्या था
सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले से संबंधित तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि परिसर का धार्मिक चरित्र क्या था, यह देखना होगा। कोर्ट ने यह टिप्पणी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से पेश वकील हुजैफा अहमदी के उस तर्क पर की, जिसमें 1992 के उपासना स्थल कानून के कारण केस सुने जाने के अयोग्य बताया गया था।
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अदालत ने कहा कि उपासना स्थल कानून-1992 कहता है कि किसी धार्मिक स्थल का स्वरूप बदला नहीं जा सकता है। ऐसे में यह देखना होगा कि आजादी के वक्त यानी 15 अगस्त, 1947 को इस जगह का क्या धार्मिक स्वरूप था।
16 अक्तूबर तक टली सुनवाई
उस दिन जो धार्मिक स्वरूप होगा, उससे तय होगा कि इस कानून के वजूद में रहने के बावजूद इस मामले को सुना जा सकता है या नहीं। इसपर मुस्लिम पक्ष ने कहा, हिंदू पक्ष ने खुद ही कहा है, वो मस्जिद थी, हालांकि, हिंदू पक्ष ने इस दावे से इन्कार कर दिया। बाद में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने मामले की सुनवाई 16 अक्तूबर तक टाल दी।