फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   gulf became integral part of india extended neighbourhood policy under pm narendra modi claim italian report

India-Gulf: पीएम मोदी के नेतृत्व में कैसे भारत के करीब आए खाड़ी के देश, इटली के संस्थान की रिपोर्ट ने बताई वजह

Thu, 20 Jun 2024 01:18 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 20 Jun 2024 01:18 PM IST
सार

आईएसपीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत खाड़ी के देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। पहले भारत और खाड़ी के देशों के रिश्ते ऊर्जा, व्यापार पर ही फोकस थे, लेकिन अब दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक सहयोग, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी बढ़ा है।

विज्ञापन
gulf became integral part of india extended neighbourhood policy under pm narendra modi claim italian report
भारत और खाड़ी देशों के संबंध हुए मजबूत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में खाड़ी के देश, भारत के करीब आए हैं और भारत की विस्तृत पड़ोस नीति का अभिन्न अंग बन गए हैं। इटली के इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल पॉलिटिकल स्टडीज (आईएसपीआई) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यभार संभालने के बाद भारत के खाड़ी के देशों के साथ रिश्ते पूरी तरह से बदल गए हैं। खाड़ी के देश अब भारत की विदेश नीति और सुरक्षा नीति में प्राथमिकता पर आ गए हैं। खाड़ी के देशों में बहरीन, कुवैत, इराक, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। 
विज्ञापन


खाड़ी के देशों में प्रभाव बढ़ा रहा भारत
आईएसपीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत खाड़ी के देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। पहले भारत और खाड़ी के देशों के रिश्ते ऊर्जा, व्यापार पर ही फोकस थे, लेकिन अब दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक सहयोग, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी बढ़ा है। भारत की कोशिश है कि खाड़ी के देशों से निवेश को आकर्षित किया जाए और अपनी आर्थिक विकास की दर को गति दी जाए। साथ ही भारत, अरब सागर और खाड़ी में अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटना चाहता है और अपने प्रभाव और पहुंच को मजबूत करना चाहता है। 
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता संभालने के बाद साल 2015 में संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर गए थे और यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का 34 साल में पहला यूएई दौरा था। वहीं अगस्त 2019 में बहरीन का पीएम मोदी का दौरा किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला बहरीन दौरा था। अब प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत और यूएई के संबंधों में कितनी घनिष्टता आ चुकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सत्ता संभालने के बाद से पीएम मोदी सात बार यूएई का दौरा कर चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत और खाड़ी के देशों में तेजी से बढ़ा व्यापार-निवेश
खाड़ी के देशों में 88 लाख भारतीय रहते हैं। गल्फ कॉपरेशन काउंसिल (जीसीसी) भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत के कुल व्यापार का 15.8 प्रतिशत अकेले जीसीसी के साथ हुआ था। दूसरे नंबर पर यूरोपीय संघ का स्थान है, जिसके साथ भारत का व्यापार र11.6 प्रतिशत रहा। खाड़ी के देशों में भी संयुक्त अरब अमीरात भारत का प्रमुख व्यापार साझेदार देश है। भारत में भी खाड़ी के देशों का निवेश तेजी से बढ़ा है। खाड़ी के देशों के लिए भारत एक प्रमुख बाजार बन गया है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने क्रमशः भारत में 100 अरब डॉलर और 75 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य बनाया है। संयुक्त अरब अमीरात भारत में सातवां सबसे ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाला देश है और यूएई ने भारत में 15.3 अरब डॉलर का निवेश किया है। 

सऊदी अरब ने मार्च 2022 तक 3.2 अरब डॉलर और कतर ने बीते साल तक 1.5 अरब डॉलर का निवेश किया था। अगस्त 2023 में कतर की निवेश अथॉरिटी ने रिलायंस रिटेल वेंचर्स में एक अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश का एलान किया था। फरवरी 2024 को सऊदी अरब की तेल कंपनी सऊदी अरामको ने भारत की तेल कंपनियों में निवेश को लेकर बातचीत की थी। सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री मोदी और सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने रत्नागिरी प्रोजेक्ट के लिए संयुक्त कार्यबल बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।   


चुनौतियां भी कम नहीं
भारत, इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनोमिक कॉरिडोर (IMEC) में भी शामिल है। संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर तो भारत आतंकरोधी सुरक्षा सहयोग, मेरीटाइम सिक्योरिटी और नौसैन्य सहयोग भी बढ़ा रहा है। आईएसपीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लिए खाड़ी के देशों में चुनौतियां भी बढ़ी हैं। खासकर इस्राइल-हमास युद्ध के बाद से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिसका असर भारत के आर्थिक विकास पर भी पड़ा है। साथ ही चीन भी लगातार खाड़ी के देशों में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भी सरकार की कोशिश होगी कि खाड़ी के देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाए। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed