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Gujarat: धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन चुके आदिवासी बन रहे IAS, IPS; कांग्रेस नेता ने किया दावा
Sun, 14 May 2023 01:10 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sun, 14 May 2023 01:10 PM IST
सार
गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को इस वादे पर धर्म परिवर्तन की ओर आकर्षित किया गया कि उनके बच्चे आईएएस अधिकारी बनेंगे। हालांकि, धर्म परिवर्तन करने के बाद उन्हें पता चला कि उनके बच्चे आईएएस, आईपीएस अधिकारी नहीं बने।
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Geniben Thakor
- फोटो : Social Media
विस्तार
गुजरात के एक कांग्रेसी विधायक ने दावा किया है कि आदिवासी समुदाय के जिन लोगों ने एक साल पहले धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने थे, वे सभी अब आईएएस और आईपीएस बन रहे हैं।
कांग्रेस विधायक जेनीबेन ठाकोर शनिवार को बनासकांठा जिले के भाभर गांव में वाल्मीकि समुदाय के एक सामुहिक विवाह समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने यहां हिंदू धर्म को बचाने के लिए काम कर रहे धार्मिक गुरुओं से उन्हें अन्य धर्मों में परिवर्तित होने से रोकने के लिए "क्रांतिकारी कदम" उठाने की अपील की।
इस कार्यक्रम में ठाकोर के साथ भाजपा के विधायक और गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर चौधरी भी शामिल थे। शंकर ने कहा कि आईएएस बनने के लालच में आदिवासियों ने ईसाई धर्म अपना लिया। हालांकि, आईएएस अधिकारियों को बाद में ये एहसास हुआ कि ये सब एक झूठा वादा था।
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वाव विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे ठाकोर ने कहा- "आदिवासी इलाकों के लोगों ने सालों पहले ईसाई धर्म अपना लिया था और आज वे आईएएस, आईपीएस, मामलतदार (राजस्व अधिकारी) और डीडीओ (जिला विकास अधिकारी) बन गए हैं। गुजरात में सरकारी नौकरी करने वाले अधिकांश आदिवासी ईसाई धर्म अपनाने वालों में से हैं।" उन्होंने कहा- "अनुसूचित जनजाति के लोग बुद्ध धर्म की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।"
ठाकोर ने कहा- "हिंदू धर्म को बचाने के लिए काम करने वाले धर्मगुरुओं और नेताओं से मेरी अपील है कि अगर हम इन समुदायों के लिए क्रांतिकारी कदम नहीं उठाएंगे तो आने वाले समय में ये दूसरे धर्मों में परिवर्तित हो जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि अगर दलित समुदाय के लोगों को सम्मान और सुरक्षा दिया जाएगा तो वह कभी भी धर्म परिवर्तन के बारे में नहीं सोचेंगे।
गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को इस वादे पर धर्म परिवर्तन की ओर आकर्षित किया गया कि उनके बच्चे आईएएस अधिकारी बनेंगे। हालांकि, धर्म परिवर्तन करने के बाद उन्हें पता चला कि उनके बच्चे आईएएस, आईपीएस अधिकारी नहीं बने।
भाजपा सरकार ने जून 2021 में राज्य में धर्म की स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम पारित किया था। इसके तहत विवाह के माध्यम से जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन करने वालों को दंडित किया जाएगा।
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कांग्रेस विधायक जेनीबेन ठाकोर शनिवार को बनासकांठा जिले के भाभर गांव में वाल्मीकि समुदाय के एक सामुहिक विवाह समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने यहां हिंदू धर्म को बचाने के लिए काम कर रहे धार्मिक गुरुओं से उन्हें अन्य धर्मों में परिवर्तित होने से रोकने के लिए "क्रांतिकारी कदम" उठाने की अपील की।
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इस कार्यक्रम में ठाकोर के साथ भाजपा के विधायक और गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर चौधरी भी शामिल थे। शंकर ने कहा कि आईएएस बनने के लालच में आदिवासियों ने ईसाई धर्म अपना लिया। हालांकि, आईएएस अधिकारियों को बाद में ये एहसास हुआ कि ये सब एक झूठा वादा था।
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वाव विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे ठाकोर ने कहा- "आदिवासी इलाकों के लोगों ने सालों पहले ईसाई धर्म अपना लिया था और आज वे आईएएस, आईपीएस, मामलतदार (राजस्व अधिकारी) और डीडीओ (जिला विकास अधिकारी) बन गए हैं। गुजरात में सरकारी नौकरी करने वाले अधिकांश आदिवासी ईसाई धर्म अपनाने वालों में से हैं।" उन्होंने कहा- "अनुसूचित जनजाति के लोग बुद्ध धर्म की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।"
ठाकोर ने कहा- "हिंदू धर्म को बचाने के लिए काम करने वाले धर्मगुरुओं और नेताओं से मेरी अपील है कि अगर हम इन समुदायों के लिए क्रांतिकारी कदम नहीं उठाएंगे तो आने वाले समय में ये दूसरे धर्मों में परिवर्तित हो जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि अगर दलित समुदाय के लोगों को सम्मान और सुरक्षा दिया जाएगा तो वह कभी भी धर्म परिवर्तन के बारे में नहीं सोचेंगे।
गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को इस वादे पर धर्म परिवर्तन की ओर आकर्षित किया गया कि उनके बच्चे आईएएस अधिकारी बनेंगे। हालांकि, धर्म परिवर्तन करने के बाद उन्हें पता चला कि उनके बच्चे आईएएस, आईपीएस अधिकारी नहीं बने।
भाजपा सरकार ने जून 2021 में राज्य में धर्म की स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम पारित किया था। इसके तहत विवाह के माध्यम से जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन करने वालों को दंडित किया जाएगा।