फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Gujarat ›   Gujarat Polls: Congress seats and vote percentage increased during Pm Modi regime

Gujarat Polls: पीएम मोदी की लोकप्रियता के बीच गुजरात में बढ़ती रही कांग्रेस, कभी सीटें तो कभी बढ़ा मत प्रतिशत

Thu, 22 Sep 2022 11:14 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 22 Sep 2022 11:14 PM IST
विज्ञापन
सार
Gujarat Polls: 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 49.05 फीसदी वोटों के साथ 99 सीटों पर सफलता मिली थी। उसकी सीटों में पिछले चुनाव के मुकाबले कमी आई थी। वहीं, राहुल गांधी के सघन चुनाव प्रचार ने कांग्रेस को हाल के वर्षों में सबसे बड़ी सफलता दिलाई थी और पार्टी को 41.44 फीसदी वोटों के साथ 77 सीटों पर जीत मिली थी...
loader
Gujarat Polls: Congress seats and vote percentage increased during Pm Modi regime
Gujarat Polls 2022: Congress - फोटो : ANI (File Photo)

विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने अक्तूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी नई पारी की शुरुआत की थी। उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई है। माना जाता है कि गुजरात की जनता के बीच उनकी प्रचंड लोकप्रियता का ही परिणाम है कि भाजपा अब तक गुजरात की सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। लेकिन मोदी की इस लोकप्रियता के बीच एक तथ्य यह भी है कि इस दौरान कांग्रेस भी लगातार बढ़ती रही है। कभी सीटों के मामले में तो कभी वोट प्रतिशत के मामले में, उसे पिछले चुनावों की तुलना में लगातार बढ़त मिली है।    



2002 का गुजरात विधानसभा चुनाव हाल के वर्षों में सबसे ज्यादा तनावग्रस्त चुनाव माना जाता है। 27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन को जलाने से हुई 58 कार सेवकों की हत्या के बाद भड़के दंगों ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लिया था। इसी साल के अंत में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को 127 सीटों पर सफलता मिली। पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा को 12 सीटें ज्यादा मिलीं और उसके मतों में भी 5.04 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।


लेकिन इस चुनाव में भी कांग्रेस के मतों में भी वृद्धि हुई थी। पिछले चुनाव के मुकाबले उसे 4.43 फीसदी बढ़े वोट प्रतिशत के साथ कुल 39.28 फीसदी वोट मिले। हालांकि, उसकी सीटें पिछले चुनाव की तुलना में दो कम हुईं और उसे 51 सीटों पर ही जीत मिल सकी। सांप्रदायिक आधार पर बहुत हद तक बंटे इस चुनाव में भी कांग्रेस को मिली इस बढ़त को चुनावी पंडित एक सफलता की तरह से देखते हैं।

इस चुनाव में भी कांग्रेस आगे बढ़ी

2007 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। वे राज्य के मुख्यमंत्री थे और 2002 के गुजरात दंगों की तपिश अभी भी महसूस की जा रही थी। भाजपा को इस चुनाव में केवल 117 सीटों पर जीत मिली थी। जबकि कांग्रेस ने शंकर सिंह बघेला के नेतृत्व में पिछले चुनाव की तुलना में आठ सीटें ज्यादा हासिल करते हुए 59 सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि, इस चुनाव में उसके मतों में 1.28 फीसदी की कमी आई।  

2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने शक्ति सिंह गोहिल की अगुवाई में चुनाव लड़ा था। पार्टी को इस चुनाव में 61 सीटों पर जीत मिली थी। इसके पिछले चुनाव की तुलना में उसे दो सीटें ज्यादा मिली थीं। साथ ही उसके मतों में भी 0.93 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई थी। इसी चुनाव में भाजपा के मतों में 1.27 फीसदी की कमी आई थी।

सत्ता पाते-पाते फिसल गई कांग्रेस

2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 49.05 फीसदी वोटों के साथ 99 सीटों पर सफलता मिली थी। उसकी सीटों में पिछले चुनाव के मुकाबले कमी आई थी। वहीं, राहुल गांधी के सघन चुनाव प्रचार ने कांग्रेस को हाल के वर्षों में सबसे बड़ी सफलता दिलाई थी और पार्टी को 41.44 फीसदी वोटों के साथ 77 सीटों पर जीत मिली थी। पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस के वोटों में 2.57 फीसदी की वृद्धि हुई थी, जबकि भाजपा के मतों में केवल 1.15 फीसदी की वृद्धि हुई थी। माना जाता है कि यह चुनाव कांग्रेस ने लगभग जीत लिया था, लेकिन पीएम मोदी के अंतिम समय में सघन चुनाव प्रचार ने पासा भाजपा के पक्ष में पलट दिया था और कांग्रेस सत्ता के करीब पहुंचकर भी फिसल गई।

कांग्रेस की एतिहासिक जीत

1985 के गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एतिहासिक सफलता हासिल की थी। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए इन चुनावों में पार्टी ने माधव सिंह सोलंकी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था। उसे 55.55 फीसदी वोटों के साथ 149 सीटों पर सफलता मिली थी। तब से अब तक कोई भी राजनीतिक दल इस सफलता को दोहरा नहीं सका है। स्वयं कांग्रेस भी इस सफलता के आसपास भी दोबारा नहीं फटक सकी। कहा जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी इससे बड़ी जीत हासिल कर गुजरात की जनता पर अपनी पकड़ साबित करना चाहते हैं। फिलहाल अब तक उन्हें यह सफलता नहीं मिल पाई है।  

भाजपा बनी सत्ता में भागीदार

इसके अगले चुनाव यानी 1990 में किसी भी दल को बहुमत प्राप्त नहीं हुआ। जनता दल के चिमनभाई पटेल ने 70 सीटों पर सफलता पाई और भाजपा को 67 सीटों पर सफलता मिली। दोनों दलों ने मिलकर गठबंधन सरकार बनाई। चिमन भाई पटेल इस सरकार में मुख्यमंत्री और भाजपा के केशूभाई पटेल उपमुख्यमंत्री बने।   

भाजपा की किस्मत चमकी, बना अपना मुख्यमंत्री

1995 में गुजरात में भाजपा की किस्मत चमकी और केशूभाई पटेल के नेतृत्व में लड़े चुनाव में उसने 121 सीटों पर जीत हासिल की। जीत के बाद केशूभाई पटेल राज्य के मुख्यमंत्री बने। 1998 के चुनाव में भी भाजपा ने केशूभाई पटेल के नेतृत्व में 117 सीटों पर सफलता हासिल की और केशूभाई पटेल दोबारा गुजरात के मुख्यमंत्री बने। भाजपा ने अक्तूबर 2001 में नरेंद्र मोदी को राज्य का मुख्यमंत्री बना दिया था और 2002 के चुनाव उन्हीं की अगुवाई में लड़े गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed