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Gujarat: PM ने ₹24000 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास, ऑपरेशन सिंदूर को बताया भारत की भावना का प्रतीक
Mon, 26 May 2025 08:41 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 26 May 2025 08:41 PM IST
सार
दाहोद में प्रधानमंत्री ने कहा 140 करोड़ भारतीयों ने एकजुट होकर विकसित भारत के लिए कमर कस ली है। हमारे लिए अब महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के लिए आवश्यक सभी चीजों को हम भारत में ही बनाएं। आज देश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। देश के लिए आवश्यकत चीजों के निर्माण के साथ हम दुनिया के देशों में निर्यात भी कर रहे हैं।
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पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : X/@BJP4India
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के दाहोद से 24 हजार रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास। उन्होंने दाहोद की इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री में निर्मित आधुनिक टेक्नोलॉजी से सुसज्जित संपूर्ण स्वदेशी 9000 हॉर्स पावर के इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन ‘डी-9’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि वे तीन वर्ष पहले इस फैक्ट्री का शिलान्यास करने आए थे, जो आज भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का प्रतीक बन गई है। यह उपलब्धि गुजरात और भारत के लिए गौरव का क्षण है।
140 करोड़ भारतीयों ने एकजुट होकर ‘विकसित भारत’ के लिए कमर कस ली है- पीएम मोदी
इस परिप्रेक्ष्य में नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत स्मार्ट फोन से लेकर कार, खिलौने, रक्षा उपकरणों और दवाइयों जैसी अनेक वस्तुओं का निर्यात कर रहा है। इतना ही नहीं, आज भारत रेल, मेट्रो और उसकी तकनीक भी स्वयं बना रहा है और दुनिया में निर्यात कर रहा है, दाहोद इसका प्रमुख उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने कहा 140 करोड़ भारतीयों ने एकजुट होकर विकसित भारत के लिए कमर कस ली है। हमारे लिए अब महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के लिए आवश्यक सभी चीजों को हम भारत में ही बनाएं। आज देश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। देश के लिए आवश्यकत चीजों के निर्माण के साथ हम दुनिया के देशों में निर्यात भी कर रहे हैं।
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पीएम मोदी ने कहा कि दाहोद की इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री में निर्मित 9000 हॉर्स पावर का यह इंजन केवल दाहोद ही नहीं, बल्कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और टेक्नोलॉजी का परिचय देता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दाहोद से हर दो दिन में एक इंजन तैयार होगा। इस फैक्ट्री से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, छोटे उद्योग लगेंगे, स्पेयर्स पार्ट्स के कारखाने शुरू होंगे। किसान हो, पशुपालक हो या दुकानदार, सभी वर्गों को इसका लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने गुजरात के रेल नेटवर्क के सौ फीसदी विद्युतीकरण की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की है, जिसमें वंदे भारत ट्रेन, मेट्रो सेवाओं का विस्तार और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत आज रेलवे टेक्नोलॉजी और उपकरणों का निर्माण कर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, सऊदी अरब, फ्रांस, मेक्सिको, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों में निर्यात कर रहा है। आज भारत के रेलवे उत्पादों ने दुनिया के बाजार में अपना स्थान बना लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात आज शिक्षा, आईटी, सेमीकंडक्टर और टूरिज्म जैसे सभी क्षेत्रों में आगे है। लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। दाहोद जिले के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने दाहोद जिले को आदिवासी प्रदेशों के विकास का उत्तम उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि एक समय पिछड़ा माना जाने वाला यह जिला आज स्मार्ट सिटी के सपने साकार कर रहा है। आज दाहोद ने स्मार्ट सिटी और आकांक्षी जिले के साथ-साथ अब रेलवे उत्पादन हब के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित की है। रेलवे फैक्ट्री, छोटे-बड़े उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। विशेषकर, आदिवासी युवाओं को इन फैक्ट्रियों और लघु उद्योगों के माध्यम से नौकरियां और आजाविका के अवसर मिल रहे हैं। इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को तेजी देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
आदिवासी समाज के उत्थान पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात के आदिवासी बेल्ट में शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। एकलव्य मॉडल स्कूलों, आईटीआई, मेडिकल कॉलेजों और ट्राइबल यूनिवर्सिटियों की स्थापना से आदिवासी युवाओं को शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। पीएम जनमन योजना के जरिए आदिवासी समाज के सबसे पिछड़े वर्गों के लिए आवास, शिक्षा और रोजगार की व्यवस्था की जा रही है, जो आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा दे रही है।
प्रधानमंत्री ने सिकल सेल एनीमिया जैसे रोगों से लड़ने के लिए चल रहे मिशन मोड प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत लाखों आदिवासी नागरिकों की स्क्रीनिंग और उपचार किया जा रहा है। देश के 100 पिछड़े जिलों में से एक दाहोद जैसे आदिवासी बहुल जिले के विकास के लिए सरकार ने व्यापक आयोजन किया है। देश में ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत 60 हजार से अधिक गांवों में बिजली, पानी, सड़क और स्कूल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की भावना और अभिव्यक्ति का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा और स्वाभिमान पर बल देते हुए भारत के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के जरिए भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जो 140 करोड़ भारतीयों के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद का जवाब चुप रहकर नहीं, बल्कि कठोर कदम उठाकर देता है। यह ऑपरेशन देश की सेनाओं के शौर्य और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
मोदी ने कहा कि, “मेरे लिए तो आदिवासी समाज मेरी सेवा यात्रा का मजबूत आधार रहा है। मैंने दाहोद से लेकर समूचे पूर्वी गुजरात में सेवाकार्य किया है। मुझे यह देखकर गर्व होता है कि आज दाहोद समृद्ध बन गया है। दाहोद की यह भूमि त्याग और बलिदान की भूमि है। महर्षि दधीचि ने इस धरती पर अपनी देह की आहुति देकर सृष्टि की रक्षा के लिए तप किया था। तात्या टोपे हो या मानगढ़ धाम के शहीद, इस भूमि को भारत माता की संतानों के बलिदान ने पवित्र बनाया है।”
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए प्रधानमंत्री तथा सेना को अभिनंदन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर से आतंकवाद के विरुद्ध देश की लड़ाई के नए मानदंड निर्धारित किए हैं। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया है कि अब आतंक का जवाब त्वरित, सटीक तथा निरंतर कार्रवाई से दिया जाएगा। प्रधानमंत्री देश की सुरक्षा के साथ विकास की राजनीति से नए भारत का निर्माण कर रहे हैं।
पटेल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के आदिवासी क्षेत्रों में रोड, रेलवे, एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी सुविधाओं में वृद्धि हुई है और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के खर्च में भी छह गुना वृद्धि हुई है। पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, बिजली जैसे सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी निरंतर विकसित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने समग्र सुशासन में गरीब, वंचित, आदिजाति तथा सुदूरवर्ती मानव के कल्याण एवं विकास को केंद्र में रखा है। दाहोद में आधुनिक रेलवे प्रोडक्शन वर्कशॉप यूनिट सहित आदिजाति क्षेत्रों मध्य व उत्तर गुजरात के जिलों को 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की भेंट मिली। यह इस दिशा में एक और कदम है।
भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुजरात को डबल इंजन सरकार के अनेक लाभ मिल रहे हैं। उन्होंने जोड़ा कि आज साबरमती-बोटाद रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के साथ गुजरात में शत प्रतिशत रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य पूर्ण हुआ है। यह गुजरात के लिए विशेष गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज 9000 हॉर्सपावर का प्रथम इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन देश को समर्पित किया है। यह दर्शाता है कि जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका लोकार्पण भी हम करते हैं। विकास कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों; यह कार्य संस्कृति प्रधानमंत्री ने विकसित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम गति शक्ति की संकल्पना साकार करने वाले कनेक्टिविटी के अनेक विभिन्न कार्यों के प्रोजेक्टों के आज लोकार्पण एवं शिलान्यास से प्रधानमंत्री ने राज्य में रोड नेटवर्क विस्तारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण से कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने की दिशा दी है। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष के बजट में राज्य में 12 नए गरवी गुजरात हाईस्पीड कॉरिडोर विकसित करने के लिए 1032 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। दाहोद, महीसागर, पंचमहाल तथा छोटा उदेपुर को भी इन कॉरिडोर्स का लाभ मिलेगा। श्री पटेल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के गाँवों में सड़क-मार्ग सहित जलापूर्ति का भी मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है और अंबाजी से उमरगाम तक आदिजाति क्षेत्र के गाँवों में सरफेस आधारित जलापूर्ति योजनाओं का लाभ मिला है। दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में पानी पहुँचाना मुश्किल था। वहाँ उद्वहन योजनाओं से पानी पहुँचाया गया है। इसके लिए आदिजाति क्षेत्र में 6076 करोड़ रुपए की लगभग 20 उद्वहन योजनाएँ शुरू की गई हैं।
ये भी पढ़ें: PM Modi In Gujarat: '...चैन की जिंदगी जियो, रोटी खाओ वरना मेरी गोली तो है ही', पीएम मोदी का पाकिस्तान को संदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने 2007 में आदिजाति क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण उत्कर्ष के लिए वनबंधु कल्याण योजना की भेंट दी थी। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के इतिहास में आदिवासी समाज के उत्कर्ष की ऐसी ऐतिहासिक योजना नरेंद्र मोदी ने उस समय शुरू करवा कर इस आदिजाति विकास के द्वार खोले थे। राज्य सरकार द्वारा इस वनबंधु कल्याण योजना पैकेज 2 अंतर्गत 1 लाख करोड़ रुपए वनबंधु विकास के लिए आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित गुजरात से विकसित भारत के निर्माण में सस्टेनेबल डेवलपमेंट का राज्य सरकार ने ध्येय रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास कार्यों की यह भेंट विकसित गुजरात@2047 के लिए चालक बल बनेगी।
कार्यक्रम में स्वागत वक्तव्य देते हुए रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एक समय था, जब स्टीम इंजन का युग था। उस कालखंड में दाहोद रेलवे का बड़ा एवं महत्वपूर्ण उत्पादन केंद्र था, परंतु जैसे-जैसे स्टीम इंजन वापस लिए गए, वैसे-वैसे दाहोद के विकास की गति मंद हुई और इससे यहाँ की आर्थिक गतिशीलता में भी कमी आई। इस बात को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री ने यहाँ नौ हजार हॉर्सपावर का आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजन निर्माण सुनिश्चित किया।
वैष्णव ने कहा कि इस कार्य का प्रारंभ 2022 में हुआ और अब यहाँ आधुनिक रेलवे का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। उसे डी-9 नाम दिया गया है। इसका अर्थ है कि ‘दाहोद 9000’ दाहोद नाम के साथ जुड़ा रेलवे इंजन विदेश में भी दौड़ेगा। यह इंजन पूरी तरह डिजिटल, ध्वनिमुक्त, पायलट के लिए एसी केबिन तथा टॉयलेट की सुविधा के साथ बनाया गया है। इससे बिजली का भी उत्पादन किया जा सकेगा। अब यह केवल दाहोद नहीं है, बल्कि यह टेक्नोलॉजी एवं आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है।
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140 करोड़ भारतीयों ने एकजुट होकर ‘विकसित भारत’ के लिए कमर कस ली है- पीएम मोदी
इस परिप्रेक्ष्य में नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत स्मार्ट फोन से लेकर कार, खिलौने, रक्षा उपकरणों और दवाइयों जैसी अनेक वस्तुओं का निर्यात कर रहा है। इतना ही नहीं, आज भारत रेल, मेट्रो और उसकी तकनीक भी स्वयं बना रहा है और दुनिया में निर्यात कर रहा है, दाहोद इसका प्रमुख उदाहरण है।
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प्रधानमंत्री ने कहा 140 करोड़ भारतीयों ने एकजुट होकर विकसित भारत के लिए कमर कस ली है। हमारे लिए अब महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के लिए आवश्यक सभी चीजों को हम भारत में ही बनाएं। आज देश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। देश के लिए आवश्यकत चीजों के निर्माण के साथ हम दुनिया के देशों में निर्यात भी कर रहे हैं।
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पीएम मोदी ने कहा कि दाहोद की इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री में निर्मित 9000 हॉर्स पावर का यह इंजन केवल दाहोद ही नहीं, बल्कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और टेक्नोलॉजी का परिचय देता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दाहोद से हर दो दिन में एक इंजन तैयार होगा। इस फैक्ट्री से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, छोटे उद्योग लगेंगे, स्पेयर्स पार्ट्स के कारखाने शुरू होंगे। किसान हो, पशुपालक हो या दुकानदार, सभी वर्गों को इसका लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने गुजरात के रेल नेटवर्क के सौ फीसदी विद्युतीकरण की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की है, जिसमें वंदे भारत ट्रेन, मेट्रो सेवाओं का विस्तार और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत आज रेलवे टेक्नोलॉजी और उपकरणों का निर्माण कर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, सऊदी अरब, फ्रांस, मेक्सिको, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों में निर्यात कर रहा है। आज भारत के रेलवे उत्पादों ने दुनिया के बाजार में अपना स्थान बना लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात आज शिक्षा, आईटी, सेमीकंडक्टर और टूरिज्म जैसे सभी क्षेत्रों में आगे है। लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। दाहोद जिले के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने दाहोद जिले को आदिवासी प्रदेशों के विकास का उत्तम उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि एक समय पिछड़ा माना जाने वाला यह जिला आज स्मार्ट सिटी के सपने साकार कर रहा है। आज दाहोद ने स्मार्ट सिटी और आकांक्षी जिले के साथ-साथ अब रेलवे उत्पादन हब के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित की है। रेलवे फैक्ट्री, छोटे-बड़े उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। विशेषकर, आदिवासी युवाओं को इन फैक्ट्रियों और लघु उद्योगों के माध्यम से नौकरियां और आजाविका के अवसर मिल रहे हैं। इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को तेजी देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
आदिवासी समाज के उत्थान पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात के आदिवासी बेल्ट में शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। एकलव्य मॉडल स्कूलों, आईटीआई, मेडिकल कॉलेजों और ट्राइबल यूनिवर्सिटियों की स्थापना से आदिवासी युवाओं को शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। पीएम जनमन योजना के जरिए आदिवासी समाज के सबसे पिछड़े वर्गों के लिए आवास, शिक्षा और रोजगार की व्यवस्था की जा रही है, जो आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा दे रही है।
प्रधानमंत्री ने सिकल सेल एनीमिया जैसे रोगों से लड़ने के लिए चल रहे मिशन मोड प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत लाखों आदिवासी नागरिकों की स्क्रीनिंग और उपचार किया जा रहा है। देश के 100 पिछड़े जिलों में से एक दाहोद जैसे आदिवासी बहुल जिले के विकास के लिए सरकार ने व्यापक आयोजन किया है। देश में ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत 60 हजार से अधिक गांवों में बिजली, पानी, सड़क और स्कूल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की भावना और अभिव्यक्ति का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा और स्वाभिमान पर बल देते हुए भारत के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के जरिए भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जो 140 करोड़ भारतीयों के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद का जवाब चुप रहकर नहीं, बल्कि कठोर कदम उठाकर देता है। यह ऑपरेशन देश की सेनाओं के शौर्य और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
मोदी ने कहा कि, “मेरे लिए तो आदिवासी समाज मेरी सेवा यात्रा का मजबूत आधार रहा है। मैंने दाहोद से लेकर समूचे पूर्वी गुजरात में सेवाकार्य किया है। मुझे यह देखकर गर्व होता है कि आज दाहोद समृद्ध बन गया है। दाहोद की यह भूमि त्याग और बलिदान की भूमि है। महर्षि दधीचि ने इस धरती पर अपनी देह की आहुति देकर सृष्टि की रक्षा के लिए तप किया था। तात्या टोपे हो या मानगढ़ धाम के शहीद, इस भूमि को भारत माता की संतानों के बलिदान ने पवित्र बनाया है।”
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए प्रधानमंत्री तथा सेना को अभिनंदन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर से आतंकवाद के विरुद्ध देश की लड़ाई के नए मानदंड निर्धारित किए हैं। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया है कि अब आतंक का जवाब त्वरित, सटीक तथा निरंतर कार्रवाई से दिया जाएगा। प्रधानमंत्री देश की सुरक्षा के साथ विकास की राजनीति से नए भारत का निर्माण कर रहे हैं।
पटेल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के आदिवासी क्षेत्रों में रोड, रेलवे, एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी सुविधाओं में वृद्धि हुई है और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के खर्च में भी छह गुना वृद्धि हुई है। पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, बिजली जैसे सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी निरंतर विकसित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने समग्र सुशासन में गरीब, वंचित, आदिजाति तथा सुदूरवर्ती मानव के कल्याण एवं विकास को केंद्र में रखा है। दाहोद में आधुनिक रेलवे प्रोडक्शन वर्कशॉप यूनिट सहित आदिजाति क्षेत्रों मध्य व उत्तर गुजरात के जिलों को 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की भेंट मिली। यह इस दिशा में एक और कदम है।
भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुजरात को डबल इंजन सरकार के अनेक लाभ मिल रहे हैं। उन्होंने जोड़ा कि आज साबरमती-बोटाद रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के साथ गुजरात में शत प्रतिशत रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य पूर्ण हुआ है। यह गुजरात के लिए विशेष गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज 9000 हॉर्सपावर का प्रथम इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन देश को समर्पित किया है। यह दर्शाता है कि जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका लोकार्पण भी हम करते हैं। विकास कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों; यह कार्य संस्कृति प्रधानमंत्री ने विकसित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम गति शक्ति की संकल्पना साकार करने वाले कनेक्टिविटी के अनेक विभिन्न कार्यों के प्रोजेक्टों के आज लोकार्पण एवं शिलान्यास से प्रधानमंत्री ने राज्य में रोड नेटवर्क विस्तारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण से कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने की दिशा दी है। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष के बजट में राज्य में 12 नए गरवी गुजरात हाईस्पीड कॉरिडोर विकसित करने के लिए 1032 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। दाहोद, महीसागर, पंचमहाल तथा छोटा उदेपुर को भी इन कॉरिडोर्स का लाभ मिलेगा। श्री पटेल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के गाँवों में सड़क-मार्ग सहित जलापूर्ति का भी मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है और अंबाजी से उमरगाम तक आदिजाति क्षेत्र के गाँवों में सरफेस आधारित जलापूर्ति योजनाओं का लाभ मिला है। दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में पानी पहुँचाना मुश्किल था। वहाँ उद्वहन योजनाओं से पानी पहुँचाया गया है। इसके लिए आदिजाति क्षेत्र में 6076 करोड़ रुपए की लगभग 20 उद्वहन योजनाएँ शुरू की गई हैं।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने 2007 में आदिजाति क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण उत्कर्ष के लिए वनबंधु कल्याण योजना की भेंट दी थी। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के इतिहास में आदिवासी समाज के उत्कर्ष की ऐसी ऐतिहासिक योजना नरेंद्र मोदी ने उस समय शुरू करवा कर इस आदिजाति विकास के द्वार खोले थे। राज्य सरकार द्वारा इस वनबंधु कल्याण योजना पैकेज 2 अंतर्गत 1 लाख करोड़ रुपए वनबंधु विकास के लिए आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित गुजरात से विकसित भारत के निर्माण में सस्टेनेबल डेवलपमेंट का राज्य सरकार ने ध्येय रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास कार्यों की यह भेंट विकसित गुजरात@2047 के लिए चालक बल बनेगी।
कार्यक्रम में स्वागत वक्तव्य देते हुए रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एक समय था, जब स्टीम इंजन का युग था। उस कालखंड में दाहोद रेलवे का बड़ा एवं महत्वपूर्ण उत्पादन केंद्र था, परंतु जैसे-जैसे स्टीम इंजन वापस लिए गए, वैसे-वैसे दाहोद के विकास की गति मंद हुई और इससे यहाँ की आर्थिक गतिशीलता में भी कमी आई। इस बात को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री ने यहाँ नौ हजार हॉर्सपावर का आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजन निर्माण सुनिश्चित किया।
वैष्णव ने कहा कि इस कार्य का प्रारंभ 2022 में हुआ और अब यहाँ आधुनिक रेलवे का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। उसे डी-9 नाम दिया गया है। इसका अर्थ है कि ‘दाहोद 9000’ दाहोद नाम के साथ जुड़ा रेलवे इंजन विदेश में भी दौड़ेगा। यह इंजन पूरी तरह डिजिटल, ध्वनिमुक्त, पायलट के लिए एसी केबिन तथा टॉयलेट की सुविधा के साथ बनाया गया है। इससे बिजली का भी उत्पादन किया जा सकेगा। अब यह केवल दाहोद नहीं है, बल्कि यह टेक्नोलॉजी एवं आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है।