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जिग्नेश मेवाणी ट्वीट केस: असम की कोर्ट ने गुजरात के विधायक को दी जमानत, पुलिस पर हमले के आरोप में फिर हुए गिरफ्तार

Mon, 25 Apr 2022 03:51 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 25 Apr 2022 03:51 PM IST
सार

कांग्रेस विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने पालनपुर सर्किट हाउस से बुधवार रात करीब 11:30 बजे गिरफ्तार कर लिया था। जहां से उन्हें असम ले जाया गया। 

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Gujarat MLA Jignesh Mevani granted bail by Kokrajhar Court in case related to tweet on Prime Minister Narendra Modi
जिग्नेश मेवाणी

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक आपत्तिजनक ट्वीट के मामले में असम से गिरफ्तार हुए गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को असम की कोकराझार कोर्ट ने जमानत दे दी। हालांकि, असम पुलिस ने जमानत मिलने के बाद, ‘अधिकारियों पर हमला करने’ के आरोप में फिर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि कांग्रेस समर्थित विधायक मेवानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि उन्हें एक दिन पहले कोकराझार कोर्ट ने ही न्यायिक हिरासत में भेजा था। कांग्रेस विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने पालनपुर सर्किट हाउस से बुधवार रात करीब 11:30 बजे गिरफ्तार कर लिया था। जहां से उन्हें असम ले जाया गया। 
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गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में असम पुलिस ने मेवाणी के खिलाफ केस दर्ज किया था। जानकारी के मुताबिक, मेवाणी को सड़क मार्ग से अहमदाबाद ले जाया गया, वहां से उन्हें ट्रेन से असम के गुवाहाटी लाया गया और फिर सड़क मार्ग से कोकराझार ले जाया गया था। वह वड़गाम से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो कि गोडसे को गॉड मानते हैं, उन्हें गुजरात में सांप्रदायिक संघर्ष के खिलाफ शांति व सौहार्द की अपील करना चाहिए।'
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उक्त ट्वीट को लेकर मेवाणी के खिलाफ भादंवि की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 153 (A) (दो समुदायों के खिलाफ शत्रुता बढ़ाना), 295(A) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से भड़काने वाली बातें कहना) तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
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