{"_id":"5fe2056936cb7313404021d0","slug":"gujarat-hc-notice-to-secretariat-over-pil-for-not-giving-timely-information","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुजरात: सूचना देने में तेजी नहीं दिखाता सचिवालय, हाईकोर्ट ने नोटिस देकर पूछा- देरी क्यों?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गुजरात: सूचना देने में तेजी नहीं दिखाता सचिवालय, हाईकोर्ट ने नोटिस देकर पूछा- देरी क्यों?
Tue, 22 Dec 2020 08:10 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 22 Dec 2020 08:10 PM IST
विज्ञापन
गुजरात हाईकोर्ट
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर प्रदेश विधानसभा सचिवालय को नोटिस जारी किया है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि विधानसभा के कामकाज के बारे में जानकारी ऑनलाइन मुहैया करायी जाए।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आई जे वोरा की खंडपीठ ने सोमवार को नोटिस जारी किया। यह जनहित याचिका नीता हार्डिकर ने दायर की है। याचिका में दावा किया गया कि सचिवालय सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत सूचना तेजी से मुहैया नहीं कराता है।
विज्ञापन
अदालत ने 17 फरवरी तक जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि अदालत को निर्देश देना चाहिए कि सचिवालय आरटीआई कानून की धारा चार का पालन करे तथा विधानसभा की वेबसाइट पर सदन की कार्यवाही और अन्य जानकारी प्रकाशित करे।
विज्ञापन
कानून की धारा चार में यह प्रावधान है कि सभी सार्वजनिक प्राधिकरणों को अपने संगठन और कामकाज के बारे में जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।
जनहित याचिका में कहा गया है कि सचिवालय को लाइव कार्यवाही के अलावा लाइव ‘टेलीकास्ट’ के साथ-साथ पुराने ‘टेलीकास्ट’ और अन्य जानकारी भी उपलब्ध करानी चाहिए। इसमें कहा गया है कि कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, गोवा, केरल, बिहार, दिल्ली और राजस्थान विधानमंडल की कार्यवाही के बारे में जानकारी ऑनलाइन अपडेट की जाती है।