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फर्जी मुठभेड़ मामला: सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माना गुजरात सरकार का आग्रह

Thu, 10 Jan 2019 03:33 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Thu, 10 Jan 2019 03:33 AM IST
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Gujarat government not to be considered by Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट

गुजरात में वर्ष 2002 से 2006 के बीच हुए कथित 24 फर्जी मुठभेड़ मामले की जांच की निगरानी समिति की रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने समिति के चेयरमैन पूर्व जज एचएस बेदी की रिपोर्ट को बीजी बर्गीस व जावेद अख्तर और राज्य सरकार को मुहैया कराने को कहा है। शीर्ष अदालत ने रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ताओं को नहीं देने की गुजरात सरकार की मांग को खारिज कर दिया।

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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने गुजरात सरकार की इस आग्रह को ठुकरा दिया कि इस रिपोर्ट की गोपनीय बनाए रखी जानी चाहिए, जिससे मीडिया ट्रायल के संभावित खतरे से बचा जा सके। पीठ ने गुजरात सरकार की ओर से पेश वकील रजत नायर से कहा, ‘आपत्तियों पर तो उस वक्त विचार किया जाएगा जब रिपोर्ट को स्वीकार या अस्वीकार करने का स्टेज आएगा। क्या इससे पहले हमें रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ताओं को नहीं मुहैया करानी चाहिए?’ 
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पीठ ने याचिकाकर्ताओं और राज्य सरकार को रिपोर्ट की प्रति सौंपने का निर्देश देते हुए उन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 27 फरवरी, 2017 को जस्टिस जेएस बेदी को मॉनिटरिंग कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया था। जस्टिस बेदी ने पिछले वर्ष 26 फरवरी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। 

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