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Tharad Assembly Seat: उप-चुनाव में सीट गंवाने वाली भाजपा ने फिर की वापसी, आप को नोटा से भी कम वोट मिले
Tue, 20 Dec 2022 12:45 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 20 Dec 2022 12:45 PM IST
सार
इस बार भाजपा ने पूर्व मंत्री शंकरभाई चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया था। चौधरी 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के सामने चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, शंकर भाई चौधरी 1998 में पहली बार विधायक बने थे।
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गुजरात विधानसभा चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
बनासकांठा जिले की थराड सीट राजनितिक रूप से काफी खास है। इस चुनाव से पहले यहां हुए दो चुनावों में भाजपा ने जीत हासिल की है लेकिन उपचुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा ने इस बार यहां से पूर्व मंत्री शंकर चौधरी को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में चौधरी ने कांग्रेस के गुलाबसिंह पीराभाई राजपूत को 26,506 वोटों से हरा दिया। शंकर चौधरी को 1,17,891 वोट मिले। वहीं, गुलाबसिंह राजपूत को 91,385 वोट से ही संतोष करना पड़ा। आम आदमी पार्टी के वीरचंदभाई चावड़ा को महज 278 वोट से संतोष करना पड़ा। चावड़ा से ज्यादा वोट नोटा पर पड़े। थराड के 3,466 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
2017 के चुनाव को भी भाजपा ने जीता था
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा के परबत भाई पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार दमराजी राजपूत को 11 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें से चार उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 2012 में हुए चुनाव में भी यह सीट भाजपा के खाते में गई थी। भाजपा के परबत भाई पटेल ने कांग्रेस के मावजी भाई पटेल को तीन हजार वोटों से हराया था। उस चुनाव में कुल छह उम्मीदवार मैदान में थे जिसमें से चार उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
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शंकर सिंह वाघेला के सामने चुनाव लड़ चुके हैं शंकर भाई चौधरी
इस सीट के लिए भाजपा ने इस बार पूर्व मंत्री शंकरभाई चौधरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। चौधरी ने 27 साल की उम्र में 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के सामने चुनाव लड़ा था। हालांकि, शंकर भाई चौधरी 1998 में पहली बार विधायक बने थे। यहां पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में बनासकांठा जिले की पांच सीटों पर जीती थी कांग्रेस
थराड सीट, बनासकांठा जिले के अंतर्गत आने वाली 9 सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 9 में से 5 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वहीं, चार सीटों पर भाजपा जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
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बनासकांठा जिले की थराड सीट राजनितिक रूप से काफी खास है। इस चुनाव से पहले यहां हुए दो चुनावों में भाजपा ने जीत हासिल की है लेकिन उपचुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा ने इस बार यहां से पूर्व मंत्री शंकर चौधरी को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में चौधरी ने कांग्रेस के गुलाबसिंह पीराभाई राजपूत को 26,506 वोटों से हरा दिया। शंकर चौधरी को 1,17,891 वोट मिले। वहीं, गुलाबसिंह राजपूत को 91,385 वोट से ही संतोष करना पड़ा। आम आदमी पार्टी के वीरचंदभाई चावड़ा को महज 278 वोट से संतोष करना पड़ा। चावड़ा से ज्यादा वोट नोटा पर पड़े। थराड के 3,466 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
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2017 के चुनाव को भी भाजपा ने जीता था
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा के परबत भाई पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार दमराजी राजपूत को 11 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें से चार उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 2012 में हुए चुनाव में भी यह सीट भाजपा के खाते में गई थी। भाजपा के परबत भाई पटेल ने कांग्रेस के मावजी भाई पटेल को तीन हजार वोटों से हराया था। उस चुनाव में कुल छह उम्मीदवार मैदान में थे जिसमें से चार उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
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शंकर सिंह वाघेला के सामने चुनाव लड़ चुके हैं शंकर भाई चौधरी
इस सीट के लिए भाजपा ने इस बार पूर्व मंत्री शंकरभाई चौधरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। चौधरी ने 27 साल की उम्र में 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के सामने चुनाव लड़ा था। हालांकि, शंकर भाई चौधरी 1998 में पहली बार विधायक बने थे। यहां पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में बनासकांठा जिले की पांच सीटों पर जीती थी कांग्रेस
थराड सीट, बनासकांठा जिले के अंतर्गत आने वाली 9 सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 9 में से 5 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वहीं, चार सीटों पर भाजपा जीत दर्ज करने में सफल रही थी।