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Morbi Assembly Seat: नदी में कूदकर लोगों की जान बचाने वाले कांतिलाल यहां से जीते, बीजेपी को दिलाई बड़ी जीत
Mon, 19 Dec 2022 03:47 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 19 Dec 2022 03:47 PM IST
सार
चुनाव से ऐन पहले हुए पुल हादसे की वजह से यह जिला सुर्खियों में था। इस हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी। जिले की मोरबी सीट से भाजपा ने पूर्व विधायक कांतिलाल अमृतिया को टिकट दिया था। अमृतिया इस हादसे के दौरान लोगों की जान बचाने की वजह से सुर्खियों में आए थे।
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कांतिलाल अमृतिया जीते
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
मोरबी जिला गुजरात चुनाव में चर्चा में रहा। चुनाव से ऐन पहले हुए पुल हादसे की वजह से यह जिला सुर्खियों में था। इस हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी। जिले की मोरबी सीट से भाजपा ने पूर्व विधायक कांतिलाल अमृतिया को टिकट दिया था। अमृतिया इस हादसे के दौरान लोगों की जान बचाने की वजह से सुर्खियों में आए थे। उन्होंने पुल गिरने पर लोगों को बचाने के लिए मच्छू नदी में कूदने का साहस दिखाया था।
इस चुनाव में भाजपा की ओर से उतरे कांतिलाल अमृतिया ने धमाकेदार जीत दर्ज की। अमृतिया ने कांग्रेस के जयंतीलाल पटेल को 62,079 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया।
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मोरबी जिला गुजरात चुनाव में चर्चा में रहा। चुनाव से ऐन पहले हुए पुल हादसे की वजह से यह जिला सुर्खियों में था। इस हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी। जिले की मोरबी सीट से भाजपा ने पूर्व विधायक कांतिलाल अमृतिया को टिकट दिया था। अमृतिया इस हादसे के दौरान लोगों की जान बचाने की वजह से सुर्खियों में आए थे। उन्होंने पुल गिरने पर लोगों को बचाने के लिए मच्छू नदी में कूदने का साहस दिखाया था।
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इस चुनाव में भाजपा की ओर से उतरे कांतिलाल अमृतिया ने धमाकेदार जीत दर्ज की। अमृतिया ने कांग्रेस के जयंतीलाल पटेल को 62,079 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया।
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2017 में कांग्रेस ने की वापसी
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने कांतिलाल अमृतिया को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, कांग्रेस से बृजेश मेरजा मैदान में थे। बृजेश मेरजा ने भाजपा उम्मीदवार को तीन हजार वोटों से शिकस्त दी। इस चुनाव में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
2020 में कांग्रेस विधायक ने छोड़ी पार्टी
2017 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने बृजेश मेरजा ने बाद में विधायक से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। मेरजा के इस्तीफे के बाद हुए उप चुनाव में बृजेश मेरजा भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे। उन्होंने कांग्रेस के जयंतीलाल पटेल को चार हजार के मतों के अंतर से हराया। हालांकि, इस बार भाजपा ने मेरजा की जगह अपने पूर्व विधायक और 2017 में मेरजा से हारने वाले कांतिलाल अमृतिया को मैदान में उतारा था। वहीं, कांग्रेस से मोरबी जिला कांग्रेस अध्यक्ष जयंतीलाल पटेल मैदान में थे। इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने कांतिलाल अमृतिया को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, कांग्रेस से बृजेश मेरजा मैदान में थे। बृजेश मेरजा ने भाजपा उम्मीदवार को तीन हजार वोटों से शिकस्त दी। इस चुनाव में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
2020 में कांग्रेस विधायक ने छोड़ी पार्टी
2017 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने बृजेश मेरजा ने बाद में विधायक से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। मेरजा के इस्तीफे के बाद हुए उप चुनाव में बृजेश मेरजा भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे। उन्होंने कांग्रेस के जयंतीलाल पटेल को चार हजार के मतों के अंतर से हराया। हालांकि, इस बार भाजपा ने मेरजा की जगह अपने पूर्व विधायक और 2017 में मेरजा से हारने वाले कांतिलाल अमृतिया को मैदान में उतारा था। वहीं, कांग्रेस से मोरबी जिला कांग्रेस अध्यक्ष जयंतीलाल पटेल मैदान में थे। इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में मोरबी जिले में नहीं खुला था भाजपा का खाता
मोरबी सीट, मोरबी जिले के अंतर्गत आने वाली तीन सीटों में से एक है। 2017 में जिले की तीन में से तीन सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वहीं, भाजपा एक सीट पर भी जीत दर्ज करने में असफल रही थी।
2012 चुनाव में भाजपा को मिली जीत
2012 में हुए चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। भाजपा के कांतिलाल अमृतिया ने कांग्रेस उम्मीदवार बृजेश मेरजा को चार हजार वोटों से हराया था। उस चुनाव में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। इससे पहले 1985, 1995, 1998, 2002 और 2007 में भी यहां से भाजपा को जीत मिली थी।
मोरबी सीट, मोरबी जिले के अंतर्गत आने वाली तीन सीटों में से एक है। 2017 में जिले की तीन में से तीन सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वहीं, भाजपा एक सीट पर भी जीत दर्ज करने में असफल रही थी।
2012 चुनाव में भाजपा को मिली जीत
2012 में हुए चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। भाजपा के कांतिलाल अमृतिया ने कांग्रेस उम्मीदवार बृजेश मेरजा को चार हजार वोटों से हराया था। उस चुनाव में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। इससे पहले 1985, 1995, 1998, 2002 और 2007 में भी यहां से भाजपा को जीत मिली थी।