{"_id":"63a1b7510cc9743c7f5f6d60","slug":"gujarat-election-2022-lathi-assembly-seat-profile-and-history","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lathi Assembly Seat: यहां जीत की हैट्रिक लगाने से चूकी कांग्रेस, जानें लाठी सीट का चुनावी इतिहास","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Lathi Assembly Seat: यहां जीत की हैट्रिक लगाने से चूकी कांग्रेस, जानें लाठी सीट का चुनावी इतिहास
Sun, 01 Jan 2023 05:26 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sun, 01 Jan 2023 05:26 PM IST
सार
Gujarat Election 2022:अमरेली जिले की लाठी विधानसभा सीट पर भाजपा के जनकभाई तलाविया ने कांग्रेस के वीरजीभाई ठुम्मर को 29,274 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 64,866 वोट जबकि कांग्रेस को यहां 35,592 वोट मिले।
विज्ञापन
गुजरात चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
इस चुनाव में अमरेली जिले की लाठी विधानसभा सीट पर भाजपा के जनकभाई तलाविया ने कांग्रेस के वीरजीभाई ठुम्मर को 29,274 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 64,866 वोट जबकि कांग्रेस को यहां 35,592 वोट मिले। तीसरे नंबर आप रही। इसके प्रत्याशी जयसुखभाई देत्रोजा को 26,643 वोट मिले जो कुल वोट का 20.17 फीसदी रहा। चार उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। वहीं, नोटा को 2,040 वोट मिले।
2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने वीरजीभाई ठुम्मर को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्हें भाजपा के गोपाल भाई को नौ हजार वोटों से हराया था। यहां कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। पिछले विधानसभा चुनाव में अमरेली की पांच में से चार सीटों (अमरेली, राजुला, लाठी और सांवरकुंडला) पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। वहीं, एक सीट धारी पर भाजपा उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था।
विज्ञापन
भाजपा को पहली जीत 1995 के चुनाव में मिली
इस सीट के पुराने ट्रेंड्स देखें तो इस जीत को मिलाकर ये भाजपा की पांचवीं जीत है। पार्टी को पहली जीत 1995 के चुनाव में मिली थी। वहीं, इस चुनाव से पहले हुए दोनों चुनावों में कांग्रेस की विजय हुई है। 1995, 1998, 2002 और 2007 के बाद भाजपा को 2022 में यहां जीत मिली है। वहीं, कांग्रेस इस सीट पर कुल सात बार जीत दर्ज कर चुकी है। 1962, 1967, 1972, 1980, 1985, 2012 और 2017 में लाठी में कांग्रेस उम्मीदवार जीतने में सफल रहे हैं। 1975 में किसान मजदूर लोकपक्ष तो 1990 में यहां जनता दल के उम्मीदवार जीतने में सफल रहे।
विज्ञापन
इस चुनाव में अमरेली जिले की लाठी विधानसभा सीट पर भाजपा के जनकभाई तलाविया ने कांग्रेस के वीरजीभाई ठुम्मर को 29,274 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 64,866 वोट जबकि कांग्रेस को यहां 35,592 वोट मिले। तीसरे नंबर आप रही। इसके प्रत्याशी जयसुखभाई देत्रोजा को 26,643 वोट मिले जो कुल वोट का 20.17 फीसदी रहा। चार उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। वहीं, नोटा को 2,040 वोट मिले।
विज्ञापन
2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने वीरजीभाई ठुम्मर को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्हें भाजपा के गोपाल भाई को नौ हजार वोटों से हराया था। यहां कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। पिछले विधानसभा चुनाव में अमरेली की पांच में से चार सीटों (अमरेली, राजुला, लाठी और सांवरकुंडला) पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। वहीं, एक सीट धारी पर भाजपा उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था।
विज्ञापन
भाजपा को पहली जीत 1995 के चुनाव में मिली
इस सीट के पुराने ट्रेंड्स देखें तो इस जीत को मिलाकर ये भाजपा की पांचवीं जीत है। पार्टी को पहली जीत 1995 के चुनाव में मिली थी। वहीं, इस चुनाव से पहले हुए दोनों चुनावों में कांग्रेस की विजय हुई है। 1995, 1998, 2002 और 2007 के बाद भाजपा को 2022 में यहां जीत मिली है। वहीं, कांग्रेस इस सीट पर कुल सात बार जीत दर्ज कर चुकी है। 1962, 1967, 1972, 1980, 1985, 2012 और 2017 में लाठी में कांग्रेस उम्मीदवार जीतने में सफल रहे हैं। 1975 में किसान मजदूर लोकपक्ष तो 1990 में यहां जनता दल के उम्मीदवार जीतने में सफल रहे।