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Borsad Assembly Seat: 55 साल बाद इस सीट पर हारी कांग्रेस, भाजपा ने अभेद्य किले में लगाई सेंध
Mon, 12 Dec 2022 05:08 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 12 Dec 2022 05:08 PM IST
सार
बोरसद सीट राज्य की मुख्य विपक्षी कांग्रेस के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण थी। ये सीट राज्य की उन सीटों में शुमार है जो कांग्रेस का गढ़ मानी जाती हैं। 2022 चुनाव के लिए इस सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक राजेंद्रसिंह परमार को मैदान में उतारा था।
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बीजेपी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। चार सीटें अन्य के झोली में गिरी।
आणंद जिले की बोरसद सीट राज्य की मुख्य विपक्षी कांग्रेस के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण थी। ये सीट राज्य की उन सीटों में शुमार है जो कांग्रेस का गढ़ मानी जाती हैं। 2022 चुनाव के लिए इस सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक राजेंद्रसिंह परमार को मैदान में उतारा था। उन्हें भाजपा के रमणभाई भीखाभाई सोलंकी के हाथों 11,165 वोटों से शिकस्त झेलनी पड़ी।
2017 में यहां कांग्रेस को जीत मिली
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्रसिंह परमार ने भाजपा के रमणभाई सोलंकी को 11 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें से पांच उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 2017 से पहले 2012 चुनाव में इस सीट को कांग्रेस ने जीता था। कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरे राजेंद्रसिंह परमार ने भाजपा उम्मीदवार नयनाबेन सोलंकी को शिकस्त दी थी।
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पिछले पांच दशक से यहां कांग्रेस का था कब्जा
कांग्रेस भले ही राज्य में पिछले 27 साल से सत्ता से दूर है लेकिन देश की दुग्ध राजधानी आणंद की बोरसद सीट पर उसका पिछले पांच दशकों से कब्जा रहा। 1967 से लेकर 2017 तक हुए सभी चुनाव कांग्रेस ने जीते। पार्टी को पहली जीत 1967 के विधानसभा चुनाव में हासिल हुई थी।
2022 चुनाव के लिए इस सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक राजेंद्रसिंह परमार को मैदान में उतारा था। वहीं, भाजपा ने रमणभाई भीखाभाई सोलंकी को अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से मनीष पटेल मैदान में थे। इस सीट पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में आणंद जिले में कांग्रेस ने बनाई थी बढ़त
बोरसद सीट, आणंद जिले में आने वाली सात विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की सात में से पांच सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर भाजपा जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
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आणंद जिले की बोरसद सीट राज्य की मुख्य विपक्षी कांग्रेस के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण थी। ये सीट राज्य की उन सीटों में शुमार है जो कांग्रेस का गढ़ मानी जाती हैं। 2022 चुनाव के लिए इस सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक राजेंद्रसिंह परमार को मैदान में उतारा था। उन्हें भाजपा के रमणभाई भीखाभाई सोलंकी के हाथों 11,165 वोटों से शिकस्त झेलनी पड़ी।
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2017 में यहां कांग्रेस को जीत मिली
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्रसिंह परमार ने भाजपा के रमणभाई सोलंकी को 11 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें से पांच उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 2017 से पहले 2012 चुनाव में इस सीट को कांग्रेस ने जीता था। कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरे राजेंद्रसिंह परमार ने भाजपा उम्मीदवार नयनाबेन सोलंकी को शिकस्त दी थी।
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पिछले पांच दशक से यहां कांग्रेस का था कब्जा
कांग्रेस भले ही राज्य में पिछले 27 साल से सत्ता से दूर है लेकिन देश की दुग्ध राजधानी आणंद की बोरसद सीट पर उसका पिछले पांच दशकों से कब्जा रहा। 1967 से लेकर 2017 तक हुए सभी चुनाव कांग्रेस ने जीते। पार्टी को पहली जीत 1967 के विधानसभा चुनाव में हासिल हुई थी।
2022 चुनाव के लिए इस सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक राजेंद्रसिंह परमार को मैदान में उतारा था। वहीं, भाजपा ने रमणभाई भीखाभाई सोलंकी को अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से मनीष पटेल मैदान में थे। इस सीट पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में आणंद जिले में कांग्रेस ने बनाई थी बढ़त
बोरसद सीट, आणंद जिले में आने वाली सात विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की सात में से पांच सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर भाजपा जीत दर्ज करने में सफल रही थी।