Gujarat Election 2022: भाजपा की ‘बंपर जीत’ का खाका तैयार, MSP में बढ़ोतरी और गोवा की जीत से पार्टी में उत्साह
Gujarat Election 2022: गुजरात चुनाव पर करीब से नजर रखने वाले राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा गुजरात में इतनी सघन प्रचार रणनीति के साथ कभी नहीं उतरी थी। यह पहली बार देखा जा रहा है कि यूपी-बिहार, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से आए पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव में घूम रहे हैं और लोगों को भाजपा के कार्यों की सूचना दे रहे हैं...
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भाजपा गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है, लेकिन वह लोकसभा चुनावों से पूर्व बड़ी विजय हासिल कर पीएम नरेंद्र मोदी की जनता पर मजबूत पकड़ को साबित करना चाहती है। पार्टी इसके लिए सभी उपाय अपना रही है। गुजरात में गैस कीमतों में कमी को भी इसी कड़ी में मतदाताओं को खुश करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी और गोवा निकाय चुनावों में भाजपा को मिली बड़ी जीत से भी पार्टी को गुजरात-हिमाचल चुनावों पर बेहतर असर पड़ने की उम्मीद है।
गुजरात में भाजपा का सघन प्रचार
गुजरात पर पीएम मोदी की जबर्दस्त पकड़ के कारण भाजपा स्वयं को यहां का स्वाभाविक दावेदार समझ कर चलती थी। इस कारण उसके चुनाव प्रचार में भी अब तक बहुत आक्रामकता नहीं दिखाई पड़ती थी, लेकिन इस चुनाव में वह किसी नए राजनीतिक दल की तरह काफी अधिक मेहनत करती देखी जा रही है। शीर्ष नेतृत्व बूथ और पन्ना प्रमुखों के स्तर तक नजर रख रहे हैं। इसका बड़ा कारण इस चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश माना जा रहा है।
गुजरात चुनाव पर करीब से नजर रखने वाले राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा गुजरात में इतनी सघन प्रचार रणनीति के साथ कभी नहीं उतरी थी। यह पहली बार देखा जा रहा है कि यूपी-बिहार, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से आए पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव में घूम रहे हैं और लोगों को भाजपा के कार्यों की सूचना दे रहे हैं। चुनावी विश्लेषकों के मुताबिक़, कांग्रेस की कमजोर चुनावी तैयारी के बीच भाजपा गुजरात में सबसे बड़ी जीत का इतिहास रचने के अपने मंसूबे में कामयाब भी हो सकती है।
अपनी चुनावी रणनीति को पूरा करने के लिए भाजपा ने राज्य की सभी 26 लोकसभा सीटों और 182 विधानसभा सीटों में विशेष प्रभारी नियुक्त किए हैं। इनके जरिए हर क्षेत्र में उस वर्ग/जाति/क्षेत्र के नेताओं का कार्यक्रम आयोजित कराया जा रहा है, जिस वर्ग के मतदाता उस क्षेत्र में ज्यादा संख्या में रहते हैं। पार्टी की रणनीति है कि इस तरह एक-एक क्षेत्र में सभी वर्गों के लिए रणनीति बनाकर वह सभी वर्गों को अपने साथ जोड़ सकती है, और उनका मत हासिल कर सकती है।
क्या है भाजपा की चिंता?
पार्टी की एकमात्र चिंता शहरी इलाकों में आम आदमी पार्टी की सक्रियता से है। यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ रहा है। यदि इन क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी मजबूत होती है और उसे कुछ सीटों पर सफलता मिलती है, तो इससे उसकी उम्मीदों पर चोट लग सकती है। लिहाजा पार्टी इस बार शहरी इलाकों को लेकर ज्यादा सतर्क है। किसी आशंका को समाप्त करने के लिए पार्टी सभी वर्गों को साथ लेने की कोशिश कर रही है। विशेषकर प्रवासी समुदाय के लोगों के बीच उनके स्थानीय लोकप्रिय नेतृत्व को लाकर इन वोटरों को बांधने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में यूपी-बिहार में लोकप्रिय भोजपुरी गायक-अभिनेता मनोज तिवारी और रवि किशन जैसे नेताओं को झोंका जा रहा है।
क्यों नहीं है इस बार विरोध
भाजपा के एक नेता के मुताबिक़, पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली सफलता के पीछे पाटीदारों-पटेलों का आंदोलन और युवाओं का बड़ा प्रदर्शन था। दलितों ने भी गुजरात में बड़ा आंदोलन कर गुजरात सरकार को मुश्किल में डाल दिया था। लेकिन बाद में भाजपा ने बेहद समझदारी से काम करते हुए हार्दिक पटेल जैसे प्रभावशाली युवाओं को अपने साथ जोड़ने का काम कर लिया है, तो अन्य वर्गों को भी अपने साथ जोड़ने में सफलता पाई है। प्रदेश में विकास के तमाम काम कर पीएम ने युवाओं, महिलाओं और सभी सामाजिक वर्गों के लोगों में अपनी पैठ ज्यादा मजबूत की है। पार्टी का अनुमान है कि इस बार उसे नुकसान होने की कोई संभावना नहीं है, और उसे इस परिस्थिति का लाभ मिल सकता है।
क्या है चुनावी जीत का मंत्र
गुजरात भाजपा के नेता यजुवेंद्र दुबे ने अमर उजाला से कहा कि भावनातमक रूप से पार्टी के लिए कार्यकर्ताओं का जुड़ाव उनकी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत रही है। जब मामला गुजरात का होता है तो पीएम नरेंद्र मोदी का गृह राज्य होने के नाते यह लगाव और ज्यादा मजबूत हो जाता है। यही कारण है कि पार्टी की जीत के लिए भाजपा कार्यकर्ता जी जान से मेहनत करता है और उसी का असर चुनाव परिणामों में दिखाई पड़ता है। भाजपा नेता ने दावा किया कि इस बार वे रिकॉर्ड जीत हासिल कर पीएम मोदी को विशेष उपहार देना चाहते हैं और इसके लिए वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं।