फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Gujarat ›   Gujarat: Dispute in royal family of Rajkot over ancestral property, daughter challenges in court against father's will

गुजरात: राजकोट के शाही परिवार में पुश्तैनी संपत्ति को लेकर विवाद, बेटी ने पिता की वसीयत के खिलाफ कोर्ट में दी चुनौती

Thu, 26 Aug 2021 07:25 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, राजकोट
पीटीआई, राजकोट Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 26 Aug 2021 07:25 AM IST
सार

  • राजकोट के 17वें राजा मांधाता सिंह जडेजा की बहन अम्बालिका देवी ने मोचन पत्र और अपने पिता मनोहर सिंह जडेजा की वसीयत के खिलाफ शहर के सिविल कोर्ट में किया मुकदमा दायर
  • राजा मांधाता सिंह जडेजा के वकील नीरव दोशी ने दावा किया कि उनके मुवक्किल की बहन अम्बालिका को वसीयत के मुताबिक दिए गए 1.5 करोड़ रुपये

विज्ञापन
Gujarat: Dispute in royal family of Rajkot over ancestral property, daughter challenges in court against father's will
राजा मांधाता सिंह जडेजा और अम्बालिका देवी - फोटो : social media

विस्तार

विज्ञापन

गुजरात में राजकोट के एक शाही परिवार में पुश्तैनी संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया है। इसके साथ ही परिवार की बेटी ने पिता की वसीयत के खिलाफ कोर्ट में दी चुनौती है। 400 साल पुरानी तत्कालीन रियासत राजकोट के 17वें राजा मांधाता सिंह जडेजा की बहन अम्बालिका देवी ने मोचन पत्र और अपने पिता मनोहर सिंह जडेजा की वसीयत के खिलाफ शहर के सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।  

राजा मांधाता सिंह जडेजा के वकील नीरव दोशी ने दावा किया कि उनके मुवक्किल की बहन को वसीयत के मुताबिक 1.5 करोड़ रुपये दिए गए हैं जो उन्होंने अपने पति और दो बेटों की मौजूदगी में स्वीकार किए हैं।

विज्ञापन

    
अम्बालिका देवी के वकील केतन सिंधावा ने बुधवार को बताया कि उन्होंने मोचन पत्र को चुनौती दी है जो कहती है कि पुश्तैनी संपत्ति में उन्होंने अपने अधिकार को त्याग दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वकील के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के झांसी में रहने वाली अम्बालिका देवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई मांधाता सिंह जडेजा ने 2019 में उन्हें अंधेरे में रखकर और आधी-अधूरी जानकारी देकर इस मोचन पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए थे। उस समय वह अपने पिता के निधन के बाद राजकोट आई थीं। तब ही उनके साथ धोखा किया गया।
    
वकील केतन सिंधावा के मुताबिक, उन्होंने अपने पिता की 2013 की वसीयत को भी चुनौती दी है जिसे उनके भाई ने राजस्व रिकॉर्ड में म्यूटेशन (स्थानांतरण या प्रविष्टि के शीर्षक में बदलाव) के लिए उप जिलाधिकारी के सामने पेश किया था और उन्होंने इस मोचन पत्र को रद्द करने की अदालत से मांग की है। राजकोट के उपजिलाधिकारी चरण सिंह गोहिल ने देवी की आपत्ति के आधार पर मंगलवार को 'म्यूटेशन प्रविष्टि' को खारिज कर दिया है। 
    
बहरहाल, मांधाता सिंह के वकील नीरव दोशी ने दावा किया कि उनके मुवक्किल की बहन को वसीयत के मुताबिक 1.5 करोड़ रुपये दिए गए हैं जो उन्होंने अपने पति और दो बेटों की मौजूदगी में स्वीकार किए हैं। 

वकील नीरव दोशी के मुताबिक, अम्बालिका देवी ने एक पंजीकृत मोचन पत्र पर हस्ताक्षर किए थे जिस पत्र में लिखा था कि पुश्तैनी संपत्ति पर उनका कोई हक नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि 2019 में हस्ताक्षर किए गए मोचन पत्र में उनके पति और दो बेटे गवाह हैं।


बता दें कि मांधाता सिंह जडेजा विरासती होटलों की चेन चलाते हैं। मनोहर सिंह जडेजा कांग्रेस से पांच बार विधायक रहे थे और राज्य के वित्त मंत्री भी रहे थे। उनका साल 2018 में निधन हो गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed