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गुजरात: पांच माह में छह बार हुई युवक की सर्जरी, फिर भी नहीं मिली ब्लैक फंगस से निजात
Wed, 26 May 2021 12:02 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Wed, 26 May 2021 12:02 PM IST
सार
गुजरात के राजकोट में रहने वाले एक शख्स को पिछले 5 माह में ब्लैक फंगस के कारण 6 बार सर्जरी करानी पड़ी। इस जानलेवा फंगल इंफेक्शन का इलाज कराने के लिए शख्स का घर तक बिक गया। डॉक्टर का कहना है कि मरीज का बचे रहना किसी चमत्कार से कम नहीं।
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक तरफ दुनिया कोरोना से लड़ रही है वहीं ब्लैक फंगस नामक फंगल इंफेक्शन ने भी कोहराम मचाने में कोई कोताही नहीं बरती है। गुजरात में भी ब्लैक फंगस के मामले बढ़ रहे हैं। इसी बीच राजकोट में ब्लैक फंगस का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को चिंतित कर दिया है। गुजरात के राजकोट में विमल नामक युवक की पिछले 5 महीने में 6 बार ब्लैक फंगस की सर्जरी हो चुकी है, लेकिन अभी भी उसे इस बीमारी से निजात नहीं मिली है। अब उसके सातवें सर्जरी की तैयारी की जा रही है।
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6 सर्जरी के अलावा 39 इंजेक्शन भी लग चुके हैं
विमल की पत्नी चांदनी ने बताया कि विमल अहमदाबाद में रहते थे, जहां उन्हें नवंबर में कोरोना हुआ था। कोरोना के इलाज के दौरान विमल को ऑक्सीजन और स्टेरॉयड दिया गया था। कोरोना को मात देने के बाद विमल को ब्लैक फंगस ने घेर लिया। सबसे पहले विमल की नाक में फंगस पाया गया, जिसकी सर्जरी हुई। उसके बाद आंख, कान और उसके आसपास भी सर्जरी कराई गई। अब फंगस का संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंच गया है, जिसकी वजह से अब मस्तिष्क की न्यूरो सर्जरी करानी है। चांदनी ने बताया कि अब तक विमल को ब्लैक फंगस के खिलाफ दिए जाने वाले 39 इंजेक्शन भी लगाए जा चुके हैं।
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इलाज में घर तक बिक गया
पत्नी चांदनी ने बताया कि विमल के इलाज में घर की ज्यादातर जमा-पूंजी खत्म हो गई। यहां तक कि उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा। इलाज में अब तक करीब 41 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और अभी भी करीब 10 से 15 लाख रुपये की जरूरत है।
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डॉक्टर ने क्या कहा?
विमल का इलाज करने वाले डॉक्टर का कहना है कि कोरोना के बाद इस तरह से ब्लैक फंगस की चपेट में आकर विमल का बचे रहना किसी चमत्कार से कम नहीं है। डॉक्टर के अनुसार अब तक विमल की छह बड़ी सर्जरी की जा चुकी है। जब यह मान लिया गया कि वे पूरी तरीके से ठीक हो चुके हैं तभी उनके ब्रेन में ब्लैक फंगस पाया गया।