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Gujarat: ‘डंडे से पीछे मारना टॉर्चर नहीं माना जाए’, खेड़ा में अल्पसंख्यकों को सरेआम पीटने के आरोपी पुलिसकर्मी

Thu, 12 Oct 2023 08:15 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 12 Oct 2023 08:15 AM IST
सार

आरोपी पुलिसकर्मियों के वरिष्ठ वकील प्रकाश जानी ने न्यायमूर्ति एएस सुपेहिया और न्यायमूर्ति गीता गोपी की पीठ के समक्ष दलील दी कि पुलिसकर्मी 10 से 15 साल से सेवा कर रहे हैं। ऐसे में सजा दी जाती है तो यह उनके काम के रिकॉर्ड पर भी बुरा असर डालेगा।

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Gujarat cop said Hitting people on their buttocks with stick not torture in High Court
Gujarat High Court

विस्तार

गुजरात के खेड़ा जिले में पिछले साल मुस्लिम पुरुषों को बेरहमी से मारने के मामले में अवमानना के आरोपों का सामना कर रहे चार पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यहां की हाईकोर्ट से कहा कि लोगों को डंडे से पीछे मारना हिरासत में टॉर्चर नहीं माना जाना चाहिए।

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आरोपियों के वरिष्ठ वकील प्रकाश जानी ने न्यायमूर्ति एएस सुपेहिया और न्यायमूर्ति गीता गोपी की पीठ के समक्ष दलील दी कि पुलिसकर्मी 10 से 15 साल से सेवा कर रहे हैं। ऐसे में अगर इन लोगों को दोषी ठहराया जाता है और सजा दी जाती है तो यह उनके काम के रिकॉर्ड पर भी बुरा असर डालेगा।

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दोषी पुलिसकर्मी कौन?

इंस्पेक्टर एवी परमार, सब-इंस्पेक्टर डीबी कुमावत, हेड कांस्टेबल केएल डाभी और कांस्टेबल आरआर डाभी पर आरोप तय किए गए हैं। 

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अवमानना का आरोप न लगाया जाए

अदालत की अवमानना के आरोपों का सामना कर रहे पुलिस निरीक्षक एवी परमार ने 11 अक्तूबर को गुजरात हाईकोर्ट से कहा कि इन लोगों को पीछे डंडो से मारना गलत है, लेकिन यह हिरासत में टॉर्चर के समान नहीं है, इसलिए अवमानना का आरोप नहीं लगाया जाए। 

परमार ने हलफनामा दायर करते हुए कहा कि लोगों को डंडे से तीन से छह बार मारना गलत है, लेकिन अदालत की अवमानना का आरोप लगाकर सजा देना गलत है। इसे हिरासत में टॉर्चर के समान नहीं माना जाना चाहिए। वहीं, अन्य तीन अधिकारियों ने भी यही दलील पेश की। 

एक साल पहले की घटना

दरअसल, पिछले साल चार अक्तूबर को खेड़ा के उंधेला गांव में नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा कार्यक्रम में पथराव करने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद मुस्लिम पुरुषों की सार्वजनिक रूप से खंभे से बांधकर पीटाई की गई थी। 



यह भी पढ़ें- Gujarat: खेड़ा में अल्पसंख्यकों को सरेआम पीटने के आरोपी 4 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, हाईकोर्ट में आरोप तय

आरोपियों पर ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों को घायल करने के आरोप

इस मामले में आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिसकर्मियों ने नवरात्रि के गरबा फेस्टिवल के दौरान पथराव के आरोपी 13 लोगों को हिरासत में लिया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो में पुलिसकर्मी तीन पीड़ितों को खंभे से बांधकर पीटते देखे जा सकते हैं। खेड़ा के मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले इन लोगों को उंधेला गांव में गरबा के दौरान पथराव, आम लोगों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को घायल करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। 

हलफनामा दायर करने को कहा था

इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों के वकील को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए समय दिया था। हलफनामा दायर करने की अनुमति देते हुए कोर्ट ने कहा था कि अब इस मामले की सुनवाई 11 अक्तूबर को होगी। साथ ही हलफनामा दायर करने को कहा था। 

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