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Gujarat: नए साल पर सरकार का बड़ा फैसला, नगर निगम बनेंगी नौ नगरपालिकाएं; कैबिनेट ने नए जिले को भी दी मंजूरी
Wed, 01 Jan 2025 06:22 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 01 Jan 2025 06:22 PM IST
सार
Gujarat: गुजरात कैबिनेट ने नए साल के पहले दिन बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने आठ नगरपालिकाओं को नगर निगम में बदलने की मंजूरी दी। साथ ही बनासकांठा जिले को विभाजित कर नए जिले वाव-थराड के गठन को भी मंजूरी दी।
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गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
गुजरात सरकार ने बुधवार को नौ नगरपालिकाओं को नगर निगम बनाने की मंजूरी दी, जिससे राज्य में नगर निगमों की कुल संख्या 17 हो जाएगी। यह नए नगर निगम 14 साल बाद बन रहे हैं। इससे पहले गांधीनगर नगर निगम 2010 में बनाया गया था।
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सरकार ने जिन नौ नए नगर निगमों की स्थापना को मंजूरी दी है, उनमें नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आणद, नडियाड, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्र नगर शामिल हैं। यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिया गया। गुजरात में पहले से आठ नगर निगम अहमदाबाद वडोदरा, सूरत, राजकोट, जामनगर, भावनगर, जूनागढ़, और गांधीनगर हैं।
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राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा, एक-दो दिन में अधिसूचना जारी की जाएगी। 14 साल बाद गुजरात में कई नगर निगम बन रहे हैं। इस फैसले से राज्य में निगमों की संख्या 17 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से शहरी क्षेत्रों को सही योजना बनाने में मदद मिलेगी और विकास के लिए इन निगमों को अधिक पैसे मिलेंगे।
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इन नए नगर निगमों को गुजरात प्रांतीय नगर निगम अधिनियम, 1949 के तहत बनाया जाएगा।सरकार इन नगर निगमों के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति करेगी, जो चुनाव से पहले इन नगर निगमों की सीमा और वार्डो का निर्धारण करेंगे। मंत्री ने कहा, इन क्षेत्रों के लोग सरकार के इस फैसले से बहुत खुश हैं।
राज्य के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने इस साल फरवरी में विधानसभा में बजट पेश करते हुए घोषणा की थी कि नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आणद, मेहसाणा और सुरेंद्र नगर की नगरपालिकाओं को नगर निगम में बदला जाएगा। बाद में राज्य सरकार पोरबंदर और नडियाड की नगरपालिकाओं को भी इस सूची में शामिल किया। आणद नगर निगम में आणद, वल्लभ विद्यानगर और करमसद की नगरपालिकाएं शामिल होंगी, जबकि सुरेंद्रनगर नगर निगम में सुरेंद्रनगर, वाधवाण और दुधरेज की नगरपालिकाएं शामिल होंगी।
बनासकांठा जिले के विभाजन को भी मंजूरी
राज्य सरकार ने आज बनासकांठा जिले के विभाजन को मंजूरी दी, जिसके बाद अब एक नए जिले वाव-थराड जिले का गठन किया जाएगा। मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि नया जिला वाव-थराड का मुख्यालय थराड शहर में होगा। इस नए जिले के गठन के बाद गुजरात में जिलों की कुल संख्या 34 हो जाएगी।
पटेल ने कहा, राज्य सरकार ने लोगों की भलाई और पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए बनासकांठा जिले के विभाजन को मंजूरी दी है। वर्तमान में लोगों को पलानपुर जाने के लिए 35 स 85 किलोमीटर तक की यात्रा करनी पड़ती है। पलानपुर, बनासकांठा जिले का मुख्यालय है। बनासकांठा गुजरात के सबसे बड़े जिलों में से एक है औऱ इसमें 14 तालुका हैं, जो राज्य में किसी भी जिले में सबसे ज्यादा हैं। जिले के हिसा यह दूसरा सबसे बड़ा जिला है।
वाव-थराड जिला बनाने के लिए लिए बनासकांठा के 14 तालुका में से आठ तालुका का चयन किया गया है। इन आठ तालुका में वाव, थराड, भाबर, धनेरा, सुगम, लाखनी देवदर और ककरंज शामिल हैं। इसमें भाबर, थराड, धनेरा और थारा नगरपालिका भी शामिल होंगी।