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Gujarat: भरूच और ठाणे से 831 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन-फाइटर ड्रग्स जब्त, चार लोग गिरफ्तार; ATS की कार्रवाई
Wed, 07 Aug 2024 07:28 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 07 Aug 2024 07:28 PM IST
सार
एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि एटीएस की एक टीम ने पांच अगस्त को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में एक अपार्टमेंट पर छापा मारा। यहां से 800 किलो मेफेड्रोन ड्रग को तरल रूप में जब्त किया गया। मौके से मोहम्मद युनूस शेख और उसके भाई आदिल शेख को पकड़ा गया।
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
गुजरात ATS ने महाराष्ट्र के ठाणे और भरूच में दो दवा निर्माता कंपनियों पर कार्रवाई करते हुए 831 करोड़ रुपये के लिक्विड ड्रग्स जब्त किए। साथ ही चार लोगों को पकड़ा है। एटीएस ने ठाणे में एक दवा निर्माता कंपनी के कारखाने पर कार्रवाई की और 800 करोड़ का मेफेड्रोन जब्त किया।
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इसके अलावा भरूच में भी एक फार्मास्यूटिकल फैक्टरी में छापेमारी करके 31 करोड़ का फाइटर ड्रग ट्रामाडोल बरामद किया। ट्रामाडोल को फाइटर ड्रग इसलिए कहा जाता है क्योंकि आईएसआईएस आतंकी देर तक जागने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। एटीएस ने दोनों ड्रग्स को तरल रूप में बरामद किया।
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एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि एटीएस की एक टीम ने पांच अगस्त को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में एक अपार्टमेंट पर छापा मारा। यहां से 800 किलो मेफेड्रोन ड्रग को तरल रूप में जब्त किया गया। मौके से मोहम्मद युनूस शेख और उसके भाई आदिल शेख को पकड़ा गया। ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 800 करोड़ रुपये बताई गई है।
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जांच में सामने आया कि आठ महीने पहले दोनों भाइयों ने मेफेड्रोन बनाने के लिए फ्लैट को किराये पर लिया था। उनका पिछला माल फेल हो गया था। मगर इस बार वे मेफेड्रोन लिक्विड को पाउडर बनाने की तैयारी में लगे थे। करीब-करीब यह तैयार भी हो गया था। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को सूरत में कार्रवाई के दौरान जब्त की गई 51 करोड़ की दवाओं के साथ पकड़े गए तीन लोगों ने पूछताछ के दौरान शेख भाइयों के ड्रग्स कारोबार में शामिल होने की जानकारी दी थी।
इसी तरह एटीएस ने भरूच ने एक फार्मास्युटिकल यूनिट पर छापेमारी करते हुए 31 करोड़ के लिक्विड फाइटर ड्रग ट्रामाडोल के साथ दो लोगों को पकड़ा। डीआईजी जोशी ने बताया कि मौके पंकज राजपूत और निखिल कपूरिया को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि पंकज राजपूत कारखाने में रसायन बनाने का काम करता है। जबकि कपूरिया रसायन फर्म का मालिक है।
कपूरिया ने राजपूत को ट्रामाडोल का उत्पादन करने के लिए कहा था। उन्होंने अहमदाबाद के हर्षद कुकड़िया की फर्म से कच्चा माल खरीदा था। दोनों ट्रामाडोल तैयार करके उसे लिक्विड के रूप में कुकड़िया को भेजते थे। कुकड़िया तरल से टैबलेट बनाने के लिए गांधीनगर की एक फैक्टरी में भेजता था। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि 29 जुलाई को मुंद्रा पोर्ट से पकड़ी गई ट्रामाडोल की गोलियां भी उन्होंने ही बनाईं थीं। पुलिस ने बताया कि दो आरोपी पकड़े हैं। अन्य की तलाश चल रही है।