Gujarat ATS: अलकायदा के मॉड्यूल का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार; आतंकी फंडिंग और युवाओं को भड़काने की रचते थे साजिश
अधिकारी ने बताया कि हमें सूचना मिली थी, जिसके आधार पर हमने अहमदाबाद के राखियाल इलाके में रहने वाले सोजिब को सबसे पहले गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ की गई। सोजिब ने बताया कि वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ बांगलादेश से आया है।
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गुजरात ATS ने अहमदाबाद से चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड, गुजरात के अधिकारी ने बताया कि चारों आतंकी अल-कायदा के सदस्य हैं। चारों बांग्लादेश के रहने वाले हैं, जो फिलहाल अहमदाबाद में रहते थे।
यह है पूरा मामला
गुजरात एटीएस दीपन भद्रन ने बताया कि चारों को भारत भेजे जाने से पहले बांग्लादेश में उनके कमांडरों ने ट्रेनिंग दी थी। चारों के पास अल कायदा के लिए फंडिंग की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी थी, जो संगठन के अवैध कामों में खर्च होते हैं। इसके अलावा चारों के पास स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के साथ-साथ उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल कराने के लिए राजी करने का काम भी सौंपा गया था। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के यूएपीए की धारा 38, 39 और 40 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। भद्रन ने बताया कि आतंकियों को जिले के अलग-अलग हिस्सों से पकड़ा है।
इन आतंकियों को पकड़ा
- मोहम्मद सोजिब
- मुन्ना खालिद अंसारी
- अजहरुल इस्लाम अंसारी
- मोमिनुल अंसारी
फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड भी जब्त
अधिकारी ने बताया कि हमें सूचना मिली थी, जिसके आधार पर हमने अहमदाबाद के राखियाल इलाके में रहने वाले सोजिब को सबसे पहले गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ की गई। सोजिब ने बताया कि वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ बांगलादेश से आया है। वे अलकायदा के लिए काम करता है। सोजिब द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, जिले के नारोल इलाके से एटीएस ने मुन्ना, अजहरुल और मोमिनुल को गिरफ्तार किया है। चारों भारतीय नागरिक बनकर कारखानों में काम कर रहे थे। एटीएस ने बताया कि आरोपियों के कमरे से आधार कार्ड, पैन कार्ड और आतंकी संगठन के कुछ साहित्य जब्त किए गए हैं।
जांच कर रही है टीम
सोजिब ने पूछताछ के दौरान बताया कि भारत आने से पहले उन्हें एन्क्रिप्टेड चैट एप्लिकेशन और वीपीएन के इस्तेमाल की जानकारी दी गई थी। जाली दस्तावेजों से उन्होंने आधार और पैन कार्ड भी बनवा लिया। एटीएस अधिकारी के मुताबिक उन्होंने दो लोगों को कट्टरपंथी बना भी दिया था। इसके अलावा वह अलग-अलग राज्यों के युवाओं के संपर्क में थे। बांगलादेश से उन्हें भारत लाने में, जाली दस्तावेज बनाने में किसने मदद की सहित अन्य बिंदुओं पर टीम जांच कर रही है।