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Gujarat: सीवेज की सफाई के दौरान दो मजदूरों की मौत, बीते दो सालों में 11 ने गंवाई जान
Sun, 23 Apr 2023 02:26 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 23 Apr 2023 02:26 PM IST
सार
दोनों मजदूर सीवेज की सफाई के लिए उतरे थे लेकिन सीवेज में उतरते ही वह बेहोश हो गए। इसके बाद किसी तरह दोनों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Twitter
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विस्तार
गुजरात के अहमदाबाद जिले में सीवेज की सफाई के दौरान दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है। दोनों की मौत का कारण दम घुटना है। घटना अहमदाबाद जिले के ढोलका शहर की है, जहां शनिवार शाम में सीवेज की सफाई के लिए उतरे दो युवकों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान गोपाल पाधर (24 वर्षीय) और बिजल पाधर (32 वर्षीय) के रूप में हुई है।
दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
खबर के अनुसार, दोनों मजदूर सीवेज की सफाई के लिए उतरे थे लेकिन सीवेज में उतरते ही वह बेहोश हो गए। इसके बाद किसी तरह दोनों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। ढोलका पुलिस ने ठेकेदार आशिक ठाकोर और जगदीश ठाकोर के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
दो साल में 11 की मौत
गुजरात सरकार ने हाल ही में विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि बीते दो साल में गुजरात में 11 मजदूरों की सीवेज की सफाई के दौरान दम घुटने से मौत हुई है। एक एनजीओ ने गुजरात हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर ड्रेनेज लाइंस या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौतों में मुआवजा देने की मांग की थी। एनजीओ ने बताया कि 1993 से 2014 के बीच सीवेज की सफाई के दौरान कुल 152 मजदूरों की मौत हुई और इनमें से केवल 26 को ही सरकार की तरफ से मुआवजा दिया गया। लोगों से सीवेज की सफाई कराने और सैप्टिक टैंक की सफाई कराने पर रोक है लेकिन इसके बावजूद यह बदस्तूर जारी है।
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दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
खबर के अनुसार, दोनों मजदूर सीवेज की सफाई के लिए उतरे थे लेकिन सीवेज में उतरते ही वह बेहोश हो गए। इसके बाद किसी तरह दोनों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। ढोलका पुलिस ने ठेकेदार आशिक ठाकोर और जगदीश ठाकोर के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
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दो साल में 11 की मौत
गुजरात सरकार ने हाल ही में विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि बीते दो साल में गुजरात में 11 मजदूरों की सीवेज की सफाई के दौरान दम घुटने से मौत हुई है। एक एनजीओ ने गुजरात हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर ड्रेनेज लाइंस या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौतों में मुआवजा देने की मांग की थी। एनजीओ ने बताया कि 1993 से 2014 के बीच सीवेज की सफाई के दौरान कुल 152 मजदूरों की मौत हुई और इनमें से केवल 26 को ही सरकार की तरफ से मुआवजा दिया गया। लोगों से सीवेज की सफाई कराने और सैप्टिक टैंक की सफाई कराने पर रोक है लेकिन इसके बावजूद यह बदस्तूर जारी है।
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