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गुजरात: भ्रष्टाचार के आरोप के बाद आठ पुलिस अधिकारियों का राजकोट से तबादला, पुलिस आयुक्त भी हैं शक के घेरे में 

Fri, 18 Feb 2022 02:46 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 18 Feb 2022 02:46 PM IST
सार

गुजरात पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक गढ़वी का तबादला वडोदरा के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज तो एसओजी इंस्पेक्टर रोहित रावल का तबादला गांधीनगर कर दिया गया है।

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Gujarat: 8 police officers transferred from Rajkot after allegations of corruption, police commissioner is also under suspicion
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुजरात के राजकोट में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे आठ पुलिस अधिकारियों का राजकोट से बाहर तबादला कर दिया गया है। इसमें राजकोट क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर विरल गढ़वी व एसओजी इंस्पेक्टर रोहित रावल समेत क्राइम ब्रांच के छह सब इंस्पेक्टर शामिल हैं। 

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गुजरात पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक गढ़वी का तबादला वडोदरा के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज तो एसओजी इंस्पेक्टर रोहित रावल का तबादला गांधीनगर कर दिया गया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच के छह सब-इंस्पेक्टर, प्रवी धाखड़ा, वनराजसिंह जडेजा, मयूरध्वजसिंह झाला, महेश रबारी, पृथ्वीराज जेबालिया और अजयराज खाचर का भी तलादला अन्य जिलों में कर दिया गया है। 
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क्या है पूरा मामला 
दरअसल, भाजपा विधायक गोविंद पटेल ने अपने पत्र में दावा किया था कि राजकोट पुलिस आयुक्त ने एक व्यापारी से हवाला के पैसे लिए। इसमें 75 करोड़ रुपये की रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाया गया था। दरअसल, राजकोट के उद्यमी महेश सखिया व जगजीवन सखिया ने कुछ लोगों को कारोड़ों की रकम उधार दी थी। इस रकम में से 15 करोड़ रुपये न चुकाने पर सखिया भाईयों ने राजकोट पुलिस आयुक्त मनोज अग्रवाल से इसकी शिकायत की। आरोप है कि उन्होंने प्राथमिकी न दर्ज करवाकर रकम वसूल करवाने के बदले 30 प्रतिशत कमीशन की मांग की। इसके बाद मामला 15 फीसदी में तय हो गया। जगजीवन सखिया ने बताया कि आठ करोड़ की रकम वसूल करने के लिए उनसे 75 लाख रुपये पुलिस आयुक्त ने लिए। इसके बाद भी वह 30 लाख रुपये के लिए दबाव बना रहे थे। 
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गढ़वी के बदले हुई डील 
जगजीवन ने बताया कि पुलिस आयुक्त ने विरल गढ़वी को बुलाया था। उसने ही कहा था कि पुलिस आयुक्त ने कहा है कि रकम वसूल करवाने लिए वह 30 प्रतिशत हिस्सा लेंगे। जगजीवन ने बताया कि, उन्होंने गढ़वी के माध्यम से ही दो किश्तों में 75 लाख का भुगतान किया था।

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