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गुजरातः अब मछुआरों को मिलेगी 108 बोट एंबुलेंस सुविधा, तुरंत इलाज से बचेगी जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोरबंदर
Updated Thu, 24 May 2018 12:29 PM IST
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मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने बुधवार को अपडेटेड संचार प्रौद्योगिकियों की मदद से राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत बनाने के उद्देश्य से '108' बोट एंबुलेंस की शुरूआत की है। इस बोट की खासियत यह है कि इसकी स्पीड आम बोट से काफी ज्यादा है। साथ ही इसमें इमरजेेंसी के लिए दवाईयां भी उपलब्ध कराई गई हैं।
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यह सेवा इसलिए शुरू की गई है ताकि मछुआरों को समय पर इलाज मिल पाए। अकसर मछली पकड़ते समय मछुआरे बीमार हो जाते हैं और उन्हें हार्ट अटैक आ जाता है और समय पर प्राथमिक इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो जाती है। इस बोट की सहायता से मछुआरों को वक्त रहते इलाज मिल पाएगा। पोरबंदर में समुद्रतल की लंबाई करीब 1600 किलोमीटर है जहां बड़ी संख्या में मछुआरे मछली पकड़ने आते हैं।
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आपको बता दें कि पोरबंदर के अलावा असम के कई जिलों में भी इस प्रकार की सेवा शुरू की गई थी। जिसमें डुबरी जिले में 14 जून, 2014, जोरहाट जिले में 16 जुलाई,2010 और तिनसुकिया जिले में 13 सितंबर, 2011 को यह सेवा शुरू हुई। इस एंबुलेंस की सहायता से एक घाट से दूसरे घाट तक आसानी से पहुंचा जा सकता है और वक्त रहते मछुआरों की जान बचाई जा सकती है।
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