{"_id":"5c30d1dcbdec225729083adb","slug":"gst-council-meeting-on-sunday-6th-january","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटी इकाइयों को राहत, आपदा कर पर जीएसटी समितियों की बैठक रविवार को","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
छोटी इकाइयों को राहत, आपदा कर पर जीएसटी समितियों की बैठक रविवार को
Sat, 05 Jan 2019 09:18 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Sat, 05 Jan 2019 09:18 PM IST
विज्ञापन
जीएसटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माल व सेवाकर (जीएसटी) परिषद द्वारा गठित मंत्रिस्तरीय दो समितियों की रविवार को बैठकें होंगी। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। इनमें से एक समिति सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए जीएसटी पंजीकरण के मामले में कारोबार की न्यूनतम सीमा ऊंची किए जाने और दूसरी समिति जीएसटी के तहत आपदा उपकर की एक नयी व्यवस्था किए जाने की संभावनाओं पर विचार के लिए बनायी गयी है।
विज्ञापन
एमएसएमई पर छह सदस्यीय समिति के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला हैं। इस समय सालाना 20 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाली एमएसएमई इकाइयों के लिए माल और सेवाकर का पंजीकरण कराने से छूट मिली हुई है।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार यह समिति रविवार की बैठक में नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सूक्ष्म , लघु और मझोले उद्यमों के सामने उठ रही परेशानियों पर चर्चा करेगी और पंजीकरण से छूट की सालाना कारोबार की न्यूनतम सीमा को और ऊंचा किए जाने की संभावनाओं पर विचार करेगी।
विज्ञापन
इस समिति का गठन अगस्त में किया गया था। इसमें बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, असम के वित्त मंत्री हिमंत विश्वा सरमा, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया , केरल के वित्त मंत्री थॉमस आइजैक और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल शामिल हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और पुनर्वास आदि कार्यों के लिए जीएसटी प्रणाली के तहत ‘‘आपदा उपकर’’ का प्रावधान किए जाने पर विचार के लिए गठित समिति की अध्यक्षता सुशील मोदी कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने गत अक्तूबर में राज्यों से सुझाव लेने का फैसला किया था कि आपदा के समय क्या राज्य विशेष के स्तर पर या राष्ट्रीय स्तर पर किसी तरह का आपदा-उपकर लगाया जा सकता है। इस समिति में असम, केरल और पंजाब के वित्त मंत्रियों के अलावा ओडिशा के वित्त मंत्री शशिभूषण बेहरा , महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगंतिवार और उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत भी रखे गए हैं।
जीएसटी परिषद नयी कर व्यवस्था में सर्वाच्च निर्णायक निकाय है। इसके अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली है। जीएसटी परिषद की अगली बैठक 10 जनवरी को होगी। इसमें निर्माणाधीन मकानों और फ्लैटों पर जीएसटी की दर को 12 से घटा कर 5 प्रतिशत किए जाने के सुझाव पर फैसला किया जा सकता है। उस बैठक में छोटे आपूर्तिकर्ताओं के लिए एकमुश्त कर योजना और लाटरी पर कर को युक्तिसंगत बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
इस समय राज्यों द्वारा आयोजित लाटरी योजनाओं पर 12 प्रतिशत की दर से तथा राज्यों द्वारा अधिकृत लाटरी योजनाओं पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगती है।