फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ground commander promotion issues raised in CRPF DG Sainik Sammelan

CRPF: डीजी के सामने उठा ग्राउंड कमांडरों की पदोन्नति का मुद्दा, जवान बोले- NFSG-अन्य भत्तों में हो रहा भेदभाव

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 26 Feb 2025 07:44 PM IST
सार

115 बटालियन, जकूरा गांदरबल, कश्मीर में आयोजित डीजी सैनिक सम्मेलन में जब ग्राउंड कमांडरों ने अपनी परेशानी डीजी को बताई तो उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे सहायक कमांडेंट की पदोन्नति सहित दूसरे सभी मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने का प्रयास करेंगे। डीजी ने पदोन्नति का मुद्दा उठाने वाले अधिकारियों के साथ अलग से बातचीत भी की है। 
 

विज्ञापन
ground commander promotion issues raised in CRPF DG Sainik Sammelan
डीजी सैनिक सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में खासतौर से ग्राउंड कमांडरों यानी सहायक कमांडेंट के लिए लगभग डेढ़ दशक में पहली पदोन्नति हासिल न करने का दर्द बढ़ता जा रहा है। कैडर अफसरों की पदोन्नति से जुड़ा यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है, लेकिन अभी तक कैडर अधिकारियों को राहत नहीं मिल सकी है। डेढ़ दशक के दौरान सीआरपीएफ के जितने भी डीजी आए हैं, सभी के समक्ष यह मुद्दा उठाया जा चुका है। अब मौजूदा डीजी जीपी सिंह के सामने भी ग्राउंड कमांडरों ने पदोन्नति एवं दूसरे भत्तों के भेदभाव की बात उठाई है। 115 बटालियन, जकूरा गांदरबल, कश्मीर में आयोजित डीजी सैनिक सम्मेलन में जब ग्राउंड कमांडरों ने अपनी परेशानी डीजी को बताई तो उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे सहायक कमांडेंट की पदोन्नति सहित दूसरे सभी मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने का प्रयास करेंगे। डीजी ने पदोन्नति का मुद्दा उठाने वाले अधिकारियों के साथ अलग से बातचीत भी की है। 

विज्ञापन


सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह, इस सप्ताह जम्मू कश्मीर के दौरे पर थे। डीजी ने श्रीनगर स्थित 115 बटालियन, जकूरा गांदरबल में सैनिक सम्मेलन आयोजित किया। उस दौरान बल कार्मिकों और अधिकारियों ने अपनी बात डीजी के समक्ष रखी। 
विज्ञापन


जवानों-अधिकारियों को मिले जायज हक: गौरव सिंह
सीआरपीएफ की 43 बटालियन के सहायक कमांडेंट, गौरव सिंह (49 बैच) ने अपने कई सुझाव रखे। उन्होंने एलाउंस डिस्परिटी के संबंध में भी तथ्य पेश किए। गौरव सिंह ने कहा, सीआरपीएफ कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हुए भी एसएसबी, बीएसएफ व आईटीबीपी जैसे बलों से कम अलाउंस ले रही है। इनमें ट्रांसपोर्ट अलाउंस, एडिशनल हाउस रेट अलाउंस, हाई एल्टीट्यूड अलाउंस और टूर टीए, आदि शामिल हैं। कार्मिक मंत्रालय के स्पष्ट आदेशों के बाद भी सीआरपीएफ में इन भत्तों को देने से मना किया है। इससे जवानों का मनोबल गिरता है। गौरव ने डीजी से अनुरोध करते हुए कहा, महानिदेशालय स्तर पर भारत सरकार के आदेशों का सही विश्लेषण हो। जवानों और अधिकारियों को उनका जायज हक मिले, जिससे उनका मनोबल ऊंचा बना रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महानिदेशालय द्वारा स्फेयर ऑफ ड्यूटी डिक्लेयर करने में भारत सरकार के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। एक जिले को स्फेयर ऑफ ड्यूटी डिक्लेयर किया जा रहा है। एसआर-61 कहता है कि कोई कार्मिक 'स्फेयर ऑफ ड्यूटी' के बाहर हो/अंदर, जो आपने हेडक्वार्टर से 8 किलोमीटर से ज्यादा ड्यूटी पर जाने के बाद टूर में माना जाएगा। इसके बाद डीजी ने पूछा कि क्या आपके पास इन विषयों पर कोई डॉक्यूमेंट है। उसी दौरान अधिकारी ने सभी अलाउंस से संबंधित एक फोल्डर डीजी को दे दिया। 

ground commander promotion issues raised in CRPF DG Sainik Sammelan
डीजी सैनिक सम्मेलन में अपनी बात रखता जवान - फोटो : अमर उजाला

महानिदेशक से लिटिगेशन कम से कम करने की अपील
उक्त अधिकारी ने दूसरा मुद्दा यह उठाया कि महानिदेशालय स्तर पर भारत सरकार के आदेशों को सकारात्मक विश्लेषण करने की आवश्यकता है। भारत सरकार के आदेशों का गलत विश्लेषण कर अधिकारियों एवं जवानों को जायज लाभ से वंचित रखा जाता है। इसके पश्चात कार्मिक अपना प्रतिवेदन महानिदेशालय स्तर पर भेजता है, जिसे मना कर दिया जाता है। कार्मिक, हाइकोर्ट से लाभ प्राप्त करने का आदेश लाता है, जिसे अपने ही विभाग द्वारा उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जाती है। इसके चलते बल के साथ साथ अधिकारी की ऊर्जा का भी क्षय होता है। बल में एक नकारात्मक माहौल बनता है। ऐसे में महानिदेशक से अनुरोध है कि इस मामले में विशेष पहल कर लिटिगेशन को कम से कम करने का प्रयास किया जाए। इस मामले में सबसे बड़ी जिम्मेदारी महानिदेशालय की ही है। 
 

ground commander promotion issues raised in CRPF DG Sainik Sammelan
डीजी सैनिक सम्मेलन में मौजूद जवान - फोटो : अमर उजाला

आईजी मितेश जैन को रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश
सहायक कमांडेंट, दर्शन यादव (43 बैच) 23 बटालियन ने कहा, मैं 2010 बैच का अधिकारी हूं। 13 साल से बिना प्रमोशन के एक ही रैंक पर हूं। विडंबना यह है कि मुझसे 9 बैच सीनियर कमांडेंट और 12 बैच जूनियर एसी हैं। यादव ने डीजी से इस विषय पर ध्यान देने का अनुरोध किया। पूर्व डीजी के आदेश पर कमांडेंट 48 बटालियन वीएसआर कृष्णा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। उसने अपनी रिपोर्ट 10/06/2024 को महानिदेशक को सौंपी थी, लेकिन 8 महीने बाद भी उस कमेटी की सिफारिश पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होंने डीजी से अनुरोध किया है कि उक्त रिपोर्ट पर संज्ञान लिया जाए। सैनिक सम्मेलन के बाद डीजी ने इन दोनों अधिकारियों को बुलाकर उनके मुद्दे को विस्तार से जानने का प्रयास किया। डीजी ने कश्मीर परिचालनिक सेक्टर के आईजी मितेश जैन को निर्देशित किया कि गौरव सिंह को अपने कार्यालय में बुलाकर उक्त बिंदुओं पर चर्चा कर एक रिपोर्ट प्रेषित करें। डीजी जीपी सिंह ने दर्शन यादव के स्टेगनेशन कमेटी वाले मुद्दे पर महानिदेशालय में पहुंचने पर रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश दिया है।
 

ground commander promotion issues raised in CRPF DG Sainik Sammelan
डीजी सैनिक सम्मेलन के दौरान राशन की गुणवत्ता जांचते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

सीआरपीएफ को फूड बिल से रखा जा रहा वंचित: दीपेंद्र राजपूत
दीपेंद्र राजपूत, (36 बैच), द्वितीय कमान अधिकारी द्वारा बताया गया कि चुनावी ड्यूटी में अन्य सीएपीएफ फूड बिल ले रही हैं। दूसरी तरफ सीआरपीएफ को इससे वंचित किया जा रहा है। इस बाबत मैं पिछले चार वर्षों से लड़ रहा हूं। एनएफएसजी (स्केल 13) में सीनियर ड्यूटी पोस्ट की गलत कैलकुलेशन के संबंध में दिल्ली हाइकोर्ट का सकारात्मक निर्णय आने के बाद महानिदेशालय, आदेश को पहले लागू कर रहा था, लेकिन अब ऐसा सुनने में आ रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाने वाली है। इस मुद्दे पर सकारात्मक कार्रवाई की जाए। विनोद त्रिवेदी, द्वितीय कमान अधिकारी ने डीजी को अवगत कराया कि एसएसबी में मेरे बैचमेट को 2019 से एनएफएसजी (स्केल 13) मिल रहा है, लेकिन सीआरपीएफ द्वारा सीनियर ड्यूटी पोस्ट की गलत कैलकुलेशन करने से आज हमें 2025 में भी एनएफएसजी मिलने की उम्मीद नहीं है। डीजी ने उक्त सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 
 

ground commander promotion issues raised in CRPF DG Sainik Sammelan
हेलमेट की गुणवत्ता जांचते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

भत्तों में विसंगतियों का मुद्दा उठाया
शशिभूषण सिंह, सहायक कमांडेंट (45th बैच) आरटीसी श्रीनगर द्वारा सैनिक सम्मेलन में जवानों और अधिकारियों को मिलने वाले भत्तों में विसंगतियों के संबंध में डीजी को अवगत कराया गया। इस मामले में डीजी ने कहा, आपके साथी गौरव सिंह द्वारा यह मुद्दा कल उठाया जा चुका है। हम इस पर कार्रवाई करेंगे। तत्पश्चात शशिभूषण सिंह द्वारा कैडर रिव्यू जल्द से जल्द करने का अनुरोध किया गया। वजह, कैडर रिव्यू का मामला अब एसएलपी से अलग हो चुका है। समय से पदोन्नति न होने पर स्वयं के साथ परिवार को भी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। प्रमोशन न मिलने से हमारे मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी आंच आती है। अधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि नई 35 बटालियन खड़ी करने के मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए, क्योंकि सभी रैंक में फौज बूढ़ी हो रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed