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Green Firecrackers: दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखा उत्पादन और बिक्री का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

Fri, 10 Oct 2025 03:07 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 10 Oct 2025 03:07 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखा उत्पादन और बिक्री की अनुमति मांगी गई। हालांकि, अदालत ने तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया और चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने फैसले को सुरक्षित रख लिया। जानिए क्या है पूरा मामला

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Green Firecrackers usage in Delhi-NCR Case Supreme Court reserves order on pleas for nod to manufacture, sell
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों के उत्पादन और बिक्री की अनुमति वाली याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने शीर्ष अदालत से दिवाली, गुरु पर्व और क्रिसमस जैसे अवसरों पर दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी। दलीलों में कहा गया कि पटाखों के इस्तेमाल के समय को लेकर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।

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ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति मांगी
सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। सुप्रीम कोर्ट से दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति मांगते हुए दिल्ली-एनसीआर की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) समय-समय पर पटाखों के उत्पादन कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
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ऑनलाइन पटाखा बिक्री पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिया सुझाव
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बाजार में केवल स्वीकृत ग्रीन फायर फॉर्मूलेशन ही बेचे जाएं। निर्माताओं को ग्रीन पटाखों की मात्रा और विवरण बताना होगा। सरकार की तरफ से शीर्ष अदालत को यह सुझाव भी दिया गया कि किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट को ऑनलाइन ऑर्डर स्वीकार नहीं करना चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखे बनाने की इजाजत दी

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बीते 26 सितंबर को इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया था। दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा निर्माताओं को ग्रीन पटाखे बनाने की इजाजत दे दी। हालांकि, कोर्ट ने साफ कहा कि ये पटाखे दिल्ली-एनसीआर में नहीं बेचे जाएंगे, जब तक अगला आदेश नहीं आता। कोर्ट ने शर्त रखी है कि सिर्फ वही निर्माता पटाखे बनाएंगे जिनके पास ग्रीन पटाखे का सर्टिफिकेट होगा। यह प्रमाणपत्र नीरी (एनईईआरआई) और पेसो (पीईएसओ) जैसी अधिकृत एजेंसियों से ही जारी होना चाहिए।

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बिहार का उदाहरण देकर केंद्र सरकार को समाधान तलाशने का निर्देश
अदालत ने विगत 26 सितंबर को केंद्र सरकार से कहा था कि सभी हितधारकों के साथ परामर्श करने के बाद दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पटाखों के निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध को संशोधित करने का प्रस्ताव लाएं। सीजेआई गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि पूर्ण प्रतिबंध व्यावहारिक और आदर्श नहीं हो सकता। यह अनुभव किया गया है कि पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद, इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका। बिहार का उदाहरण देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि बिहार में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध के कारण अवैध खनन माफियाओं का उदय हुआ। ऐसे में संतुलित दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि दिल्ली सरकार, पटाखा निर्माताओं और विक्रेताओं सहित सभी हितधारकों को शामिल कर स्वीकार्य समाधान निकालें।
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