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बापू पर किसी का मालिकाना हक नहीं, वह पूरी मानवता की विरासत : तुषार गांधी
Thu, 03 Oct 2019 03:49 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 03 Oct 2019 03:49 AM IST
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महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी
- फोटो : एएनआई
महात्मा गांधी 150वीं जयंती पर उनके प्रपौत्र तुषार गांधी ने कहा कि गांधी जयंती पर सभी उनकी विरासत के हिस्से पर दावा करना चाहते हैं और मैं मानता हूं कि सबके पास इसका अधिकार है क्योंकि बापू पूरी मानव जाति के हैं और उनकी विरासत पर किसी का मालिकाना हक नहीं है।
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Tushar Gandhi, Mahatma Gandhi's great-grandson: On Gandhi Jayanti everybody wants to claim a part of that legacy&I believe that everyone has the right to claim the legacy because Bapu belongs to the humanity in general&nobody has any proprietary ownership of that legacy. (02.10) pic.twitter.com/8qMZvvo3hV
— ANI (@ANI) October 2, 2019
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उन्होंने राजनीति को लेकर कहा, कुछ लोग इसे ईमानदारी से करते हैं और कुछ लोग नहीं। बापू को लेकर की जा रही हर तरह की राजनीति और उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रदर्शन निष्ठाहीन है, लेकिन मैं यह नहीं मानता कि इस निष्ठाहीनता से किसी को बेवकूफ बनाया जा सकता है। यह सब करने के बाद, आप यह नहीं कह सकते कि कोई व्यक्ति दूसरे से बेहतर है।
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तुषार गांधी मे कहा, जहां तक बापू के राजनीतिक शोषण का सवाल है, सब एक जैसे हैं। अगर उन्होंने बापू का सम्मान किया होता तो हम इस तरह की राजनीति और देश के ये हालात नहीं देख रहे होते। मैं बापू की राजनीतिक भक्ति को बिलकुल महत्व नहीं देता।
स्वच्छ भारत अभियान को लेकर तुषार गांधी ने कहा, इस अभियान की प्रशंसा करनी चाहिए क्योंकि बापू ने कहा था कि सफाई ईश्वर की भक्ति है, लेकिन बापू की सफाई केवल बाहरी नहीं थी, उनके सफाई करने का मतलब आत्मा और मस्तिष्त की शुद्धता से था, जो कि काफी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, देश में गलियों और सड़कों की कितनी भी सफाई कर ली जाए लेकिन इससे देश की मानसिकता साफ नहीं होगी और इसीलिए यह जरूरी है। स्वच्छ भारत अभियान एक औपचारिकता की तरह हो गया है और मुझे नहीं लगता है जब कोई चीज औपचारिकता हो जाती है, तो इसमें ईमानदारी बची रहती होगी।