बिक जाएगा एयर इंडिया, मोदी सरकार ने की तैयारी!
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ग्राहकों की मायूसी और करोड़ों का घाटा झेल रही विमानन कंपनी एयर इंडिया का मालिकाना हक बिकेगा। सरकार इसकी 51 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। खबर सूत्रों के हवाले से है। सूत्रों की मानें तो सरकार पांच साल में एयर इंडिया का कायाकल्प करने की प्लानिंग कर रही है, इसी के तहत इसकी आधे से ज्यादा हिस्सेदारी के लिए ग्राहक ढूंढ़ा जा रहा है। लेकिन इसके पुनरुद्धार के लिए ग्राहक मिल ही जाएगा, इसकी भी गहरी आशंका गहराती जा रही है।
नाम न बताने की शर्त पर मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया कि एयर इंडिया के मालिकाना हक की बिक्री की खबर अभी अंदरखाने में है। मामला सार्वजनिक नहीं हुआ है। वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने इसका प्रजेंटेशन भी दे दिया गया है।
इस मामले पर एयर इंडिया के प्रवक्ता धनंजय कुमार और वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता डीएस मलिक ने फिलहाल किसी भी तरही की टिप्पणी करने से इनकार किया है।
46 हजार करोड़ के घाटे से कैसे उबरेंगी एयर इंडिया?
सूत्रों की मानें तो तमाम प्राइवेट कंपनियों के सामने एयर इंडिया टिक नहीं पा रही है। 2007 से कंपनी घाटे में चल रही है। लगातार हो रहा घाटा तकरीबन 7 अरब डॉलर यानी करीब 46 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी को डूबने से बचाने के लिए सरकार बीते 6 वर्षों में एयर इंडिया को तकरीबन 3.6 अरब डॉलर यानी करीब 24 हजार करोड़ रुपये का बेलआउट पैकेज भी दे चुकी है।
वहीं, घरेलू बाजार में भी एयर इंडिया का प्रदर्शन खासा निराशाजनक है। यहां कंपनी की हिस्सेदारी 14 फीसदी रह रह गई है, जोकि बीते एक दशक में 35 फीसदी थी। नैशनल रैंकिंग में भी एयर इंडिया तीसरे नंबर पर आ पहुंची है।