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Broadcasting Bill: प्रसारण सेवा विधेयक वापस लिया गया; विस्तृत विचार-विमर्श के बाद जारी होगा नया मसौदा

Mon, 12 Aug 2024 09:58 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 12 Aug 2024 09:58 PM IST
सार

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मंत्रालय मसौदा विधेयक पर हितधारकों के साथ परामर्श की एक सीरीज आयोजित कर रहा है। 15 अक्तूबर 2024 तक टिप्पणियां, सुझाव मांगने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। विस्तृत परामर्श के बाद एक नया मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। मंत्रालय प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक के मसौदे पर काम कर रहे हैं।'

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Govt says fresh draft of Broadcasting Services Regulation Bill to be released after detailed consultations
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव। - फोटो : एएनआई/संसद टीवी

विस्तार

केंद्र सरकार ने प्रसारण सेवा विधेयक वापस ले लिया है। कहा गया कि प्रसारण सेवा विनियमन विधेयक का नया मसौदा विस्तृत विचार-विमर्श के बाद जारी किया जाएगा। इसके लिए 15 अक्तूबर तक सुझाव मांगे गए हैं। सरकार ने पिछले साल नवंबर में प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक 2023 का मसौदा जारी किया था। इसका मकसद प्रसारण क्षेत्र के लिए एक समेकित कानूनी ढांचा लाना और ओटीटी (डिजिटल मंच) सामग्री, डिजिटल समाचार और समसामयिक मामलों को भी इसके दायरे में लाना था। इसका दूसरा मसौदा इस साल जुलाई में तैयार किया गया।

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इसे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद के मौजूदा सत्र में प्रस्तावित किया था। मीडिया संगठनों ने मसौदे के प्रावधानों पर चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना था कि यह डिजिटल मंच पर सामग्री को विनियमित और सेंसर करने के लिए बहुस्तरीय कानूनी प्रणाली बनाने का प्रयास करता है।
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दरअसल, सरकार की ओर से कुछ हितधारकों के बीच प्रसारित किए गए मसौदा प्रसारण सेवा विनियमन विधेयक की डिजीपब और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया जैसे मीडिया निकायों ने आलोचना की थी। दावा किया गया था कि इस कदम पर डिजिटल मीडिया संगठनों और नागरिक समाज संघों से परामर्श नहीं किया गया।
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मंत्रालय मसौदा विधेयक पर हितधारकों के साथ परामर्श की एक सीरीज आयोजित कर रहा है। 15 अक्तूबर 2024 तक टिप्पणियां, सुझाव मांगने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। विस्तृत परामर्श के बाद एक नया मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। मंत्रालय प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक के मसौदे पर काम कर रहे हैं।'


मंत्रालय ने कहा कि मसौदा विधेयक को हितधारकों और आम जनता की टिप्पणियों के लिए व्याख्यात्मक नोटों के साथ 10.11.2023 को सार्वजनिक डोमेन में रखा गया था। जवाब में विभिन्न संघों सहित कई सिफारिशें, टिप्पणियां और सुझाव प्राप्त हुए। मसौदा विधेयक में ऑनलाइन सामग्री निर्माताओं को ओटीटी और डिजिटल समाचार प्रसारकों के साथ जोड़ने की मांग की गई थी, जिससे उन्हें मंत्रालय की सामग्री और विज्ञापन संहिता के दायरे में लाया जा सके। प्रावधानों के तहत जब व्यक्तिगत ऑनलाइन सामग्री निर्माता एक निश्चित संख्या में ग्राहकों को पार कर जाते हैं तो उन्हें एक शिकायत निवारण अधिकारी और एक सामग्री मूल्यांकन समिति नियुक्त करना अनिवार्य होगा।

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