सुप्रीम कोर्ट की फटकार पर जागी सरकार, मनरेगा के लिए जारी किए 12000 करोड़
- 10 सूखाग्रस्त इलाकों में मनरेगा केलिए चार हजार करोड़ रुपए का प्रावधान
- ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से मनरेगा के लिए बैंकिंग को सुचारु करने को कहा
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सूखे पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए 12,230 करोड़ रुपया जारी करने का एलान किया है। यह मनरेगा के लिए एक बार में जारी की जाने वाली अबतक की सबसे बड़ी रकम है।
बृहस्पितवार को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए केंद्र को सूखाग्रस्त इलाकों में मनरेगा पर खर्च किए जा रहे रकम का ब्यौरा मांगा था। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कोर्ट से कहा था कि मनरेगा के लिए बड़ी रकम एक हफ्ते के भीतर जारी कर दी जाएगी।
उधर गांवों की मजबूती के मकदस से शुरु होने वाली ग्राम उदय से भारत उदय कार्यक्रम के मद्देनजर शनिवार को ग्रामीण विकास मंत्री विरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुलाकात की।
ग्रामीण विकास मंत्री विरेंद्र सिंह ने पीएम को कराया अवगत
विरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री को खासतौर पर सूखाग्रस्त राज्यों में मनरेगा के तहत लिए जाने वाले नए कदमों से अवगत कराया। कृषि मंत्री ने कहा है कि इस रकम का एक हिस्सा मनरेगा के पिछले साल की बकाया राशि को पूरा करने में खर्च किया जाएगा।
ताकि इस साल आगे का काम सुचारु चल सके। सिंह ने कहा कि सरकार मनरेगा को सौ फीसदी सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से मनरेगा के लिए बैंकिंग व्यवस्था को और सुचारु करने को कहा है।
शनिवार को जारी इस राशि में से करीब आठ हजार करोड़ पिछले वित्तीय वर्ष के बकाए पर खर्च होगा जबकि बाकी रकम 10 सूखाग्रस्त इलाकों में मनरेगा के लिए है। गौरतलब है कि बृहस्पितवार को सुप्रीम कोर्ट ने सूखे के मामले पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को मनरेगा के लिए प्रर्याप्त धन नहीं देने केचलते जमकर खिंचाई की थी।