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फर्जी कंपनियों से जुड़े 55 हजार से अधिक निदेशकों के नाम सार्वजनिक
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Tue, 19 Sep 2017 09:56 PM IST
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शेल कंपनी
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शेल कंपनियों और उनके संचालकों पर शिकंजा कसते हुए केंद्र सरकार ने 55,000 से अधिक निदेशकों के नाम सार्वजनिक किए हैं जो ऐसी फर्मों से जुड़े हैं। सरकार इस कदम के जरिए यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ये लोग इस तरह की भूमिकाओं से दोबारा न जुड़ पाएं।
इस तरह के और नाम जल्द ही प्रकाशित किए जाएंगे क्योंकि सरकार ने शेल कंपनियों से जुड़े 1.06 लाख से अधिक निदेशकों की पहचान पहले से ही कर ली है। ये कंपनियां या तो व्यापार नहीं कर रही हैं या इन्होंने लगातार तीन वर्षों से अपना वित्तीय ब्योरा या वार्षिक रिटर्न जमा नहीं किया है।
यही नहीं पहले ही दो लाख से अधिक ऐसी कंपनियों का पंजीकरण अलग-अलग आरओसी (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) से रद्द हो चुका है। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में ही सरकार ने कहा था कि 1.06 लाख से अधिक निदेशकों को शेल कंपनियों के साथ उनके सहयोग के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा।
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विभिन्न ‘रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज’ द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, चेन्नई रीजन की 24,000 से अधिक जबकि अहमदाबाद और एर्नाकुलम में प्रत्येक रीजन की 12,000 से अधिक ऐसी शेल कंपनियों के नाम अब तक सार्वजनिक किए जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त इसी तरह सूचियों के जरिए ‘रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज’ द्वारा कटक, गोवा और शिलांग में हजारों निदेशकों के नाम भी सार्वजनिक किए गए हैं। हालांकि, दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ में ‘रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज’ ने ऐसी सूचियां प्रकाशित नहीं की हैं।
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इस तरह के और नाम जल्द ही प्रकाशित किए जाएंगे क्योंकि सरकार ने शेल कंपनियों से जुड़े 1.06 लाख से अधिक निदेशकों की पहचान पहले से ही कर ली है। ये कंपनियां या तो व्यापार नहीं कर रही हैं या इन्होंने लगातार तीन वर्षों से अपना वित्तीय ब्योरा या वार्षिक रिटर्न जमा नहीं किया है।
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यही नहीं पहले ही दो लाख से अधिक ऐसी कंपनियों का पंजीकरण अलग-अलग आरओसी (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) से रद्द हो चुका है। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में ही सरकार ने कहा था कि 1.06 लाख से अधिक निदेशकों को शेल कंपनियों के साथ उनके सहयोग के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा।
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विभिन्न ‘रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज’ द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, चेन्नई रीजन की 24,000 से अधिक जबकि अहमदाबाद और एर्नाकुलम में प्रत्येक रीजन की 12,000 से अधिक ऐसी शेल कंपनियों के नाम अब तक सार्वजनिक किए जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त इसी तरह सूचियों के जरिए ‘रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज’ द्वारा कटक, गोवा और शिलांग में हजारों निदेशकों के नाम भी सार्वजनिक किए गए हैं। हालांकि, दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ में ‘रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज’ ने ऐसी सूचियां प्रकाशित नहीं की हैं।