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टैरिफ पर संसद में बोली सरकार: घरेलू उद्योगों की रक्षा भारतीय नीति; भारत WTO सदस्य, शुल्क का दायरा नियमानुसार
Wed, 02 Apr 2025 07:55 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 02 Apr 2025 07:55 AM IST
सार
टैरिफ को लेकर भारत सरकार की नीति के संबंध में संसद के बजट सत्र में केंद्र ने अहम जानकारी दी। अमेरिका के जवाबी शुल्क को लेकर पीयूष गोयल ने कहा कि हमारी टैरिफ नीति घरेलू उद्योगों की रक्षा पर आधारित है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन का सदस्य है, इसलिए टैरिफ दायरा नियमों के भीतर है। उन्होंने कहा, देश तरजीही मुक्त व्यापार समझौते की ओर बढ़ रहा है।
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जतिन प्रसाद, पीयूष गोयल
- फोटो : एएनआई/संसदी टीवी
विस्तार
अमेरिका के जवाबी शुल्क लगाने की समयसीमा दो अप्रैल से एक दिन पहले मंगलवार को केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट कहा कि भारत की टैरिफ नीति का उद्देश्य व्यापार विनियमन व घरेलू उद्योगों की रक्षा करना है।
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में कहा कि भारत की टैरिफ नीति का मकसद आयातित व निर्यातित वस्तुओं पर करों से राजस्व पैदा करना है। गोयल ने प्रश्नकाल में कहा, सरकार टैरिफ और भारत की आर्थिक वृद्धि पर उनके प्रभाव के बारे में नीति आयोग के हाल में दिए गए बयानों से अवगत है। यह बयान आर्थिक वृद्धि हासिल करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत को अधिक आकर्षक स्थिति में पहुंचाने की हमारी रणनीति के अनुरूप है। उन्होंने कहा, हाल के सुधारों में टैरिफ संरचना सुव्यवस्थित करने व व्यापार सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है। मंत्री से पूछा गया था, क्या सरकार नीति आयोग के टैरिफ सुरक्षा से भारत को कोई लाभ नहीं वाले बयान से सहमत है।
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भारत डब्ल्यूटीओ का सदस्य टैरिफ दायरा नियमों के भीतर
गोयल के अलावा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि भारत विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का सदस्य है और किसी वस्तु पर लागू किए जा सकने वाले उसके अधिकतम टैरिफ से बंधा हुआ है।
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लागू टैरिफ आमतौर पर किसी वस्तु लाइन के लिए बाध्य टैरिफ से कम होते हैं। भारत के भी टैरिफ इस दायरे का पालन करते हैं। उन्होंने कहा, बदलते व्यापार परिदृश्य के साथ, भारत तरजीही-मुक्त व्यापार समझौतों की ओर बढ़ रहा है। इसमें पीटीए-एफटीए सदस्यों के बीच पर्याप्त व्यापार पर सीमा शुल्क और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम या समाप्त किया जाता है। वर्तमान में भारत 13 एफटीए और नौ पीटीए का सदस्य है, इसके अलावा यूरोपीय संघ, अमेरिका, ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और पेरू के साथ वार्ता चल रही है।
इनवर्टेड टैरिफ ढांचे को दुरुस्त करने के लिए सुधार शुरू...
जितिन प्रसाद ने कहा, सरकार ने इनवर्टेड टैरिफ ढांचे (ऐसी स्थितियां जहां कच्चे माल पर आयात शुल्क तैयार उत्पादों पर लगाए गए शुल्क से अधिक होता है) को ठीक करने के लिए व्यापक टैरिफ सुधार शुरू किए हैं। ऐसे सुधार उत्पादन लागत को कम करने, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। हालांकि, कटौती के बावजूद, कुछ घरेलू उद्योग विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए उच्च टैरिफ की वकालत करते हैं। यह घरेलू विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा दोनों को समर्थन देने के लिए टैरिफ नीतियों में संतुलन स्थापित करने की चुनौती को दिखाता है।
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