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DA: सरकारी कर्मियों को नहीं मिलेगा 18 माह के महंगाई भत्ते या राहत का बकाया, ये है वित्त राज्य मंत्री का जवाब

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 07 Feb 2025 02:50 PM IST
सार

जेसीएम 'स्टाफ साइड' से लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठन, फेडरेशन और एसोसिएशन, डीए/डीआर के बकाया 34,402 करोड़ रुपये लौटाने का आग्रह कर चुके हैं। वित्त मंत्रालय में ऐसे कई संगठनों ने अपना प्रतिवेदन दिया है।

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Govt employees will not get 18 months arrears of da dr this is the answer of the Minister of State for Finance
डीए, डीआर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्र सरकार ने अब पूरी तरह से साफ कर दिया है कि कर्मचारियों को 18 माह के डीए/डीआर का बकाया नहीं मिलेगा। विभिन्न कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस मांग को केंद्र सरकार के समक्ष उठा रहे थे। मौजूदा संसद सत्र में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि वर्ष 2020 में वैश्विक महामारी के विपरीत वित्तीय प्रभाव तथा सरकार द्वारा किए गए कल्याणकारी उपायों के वित्तपोषण का वित्त वर्ष 2020-21 के बाद राजकोषीय प्रभाव पड़ा था, इसलिए महंगाई भत्ता/महंगाई राहत का बकाया दिया जाना संभव नहीं है। इन भत्तों का 'एरियर' जारी नहीं किया जाएगा। कोरोनाकाल में केंद्र सरकार ने 18 माह का डीए/डीआर रोककर 34,402 करोड़ रुपये बचा लिए थे।

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सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा में तीन फरवरी को डीए/डीआर की बकाया राशि जारी करने को लेकर सवाल पूछा था। उन्होंने अपने सवाल में पूछा, क्या कोविड-19 के दौरान केंद्र सरकार के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत, 18 महीने के लिए रोक दी गई थी। उसे जारी नहीं किया गया। यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है। सरकार द्वारा इसे जारी नहीं करने के क्या कारण हैं। क्या सरकार, अपने कर्मचारियों द्वारा व्यय किया जाना सुनिश्चत करने के लिए इसे जारी करेगी। क्या यह कदम देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सहायक होगा। यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है। यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं। 
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वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस सवाल का जवाब देते हुए बताया, केन्द्र सरकार के कर्मचारियों/पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ता (डीए)/महंगाई राहत (डीआर) की दिनांक 01.01.2020, 01.07.2020 और 01.01.2021 से देय तीन किस्तों को फ्रीज करने का निर्णय कोविड-19 के दौरान लिया गया था। इसका कारण आर्थिक व्यवधान था। उसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया था। तब इसका मकसद, सरकारी वित्त पर दबाव को कम करना था। अगले सवाल का जवाब वित्त राज्य मंत्री ने 'नहीं' में दिया। क्या सरकार डीए/डीआर की बकाया राशि जारी करेगी, इसके जवाब में मंत्री ने कहा, प्रश्न नहीं उठता। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, वर्ष 2020 में वैश्विक महामारी के विपरीत वित्तीय प्रभाव तथा सरकार द्वारा किए गए कल्याणकारी उपायों के वित्तपोषण का वित्त वर्ष 2020-21 के बाद राजकोषीय प्रभाव पड़ा, इसलिए महंगाई भत्ता/महंगाई राहत का बकाया दिया जाना संभव नहीं है। 
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बता दें कि जेसीएम 'स्टाफ साइड' से लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठन, फेडरेशन और एसोसिएशन, डीए/डीआर के बकाया 34,402 करोड़ रुपये लौटाने का आग्रह कर चुके हैं। वित्त मंत्रालय में ऐसे कई संगठनों ने अपना प्रतिवेदन दिया है। संसद सत्र में सवाल पूछा गया है, मगर अभी तक सरकार ने ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया है कि जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों को उक्त राशि मिलने का कोई संकेत नजर आता हो। केंद्रीय बजट में भी सरकार ने इस बाबत कोई घोषणा नहीं की। केंद्र सरकार ने संसद में यह बात मानी है कि डीए की बकाया राशि जारी करने के लिए कई कर्मचारी संगठनों की ओर से आवेदन मिले हैं। हालांकि सरकार ने इस संबंध में कोई ठोस भरोसा देने की बजाए साफ तौर से कह दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में डीए के एरियर को जारी करना व्यावहारिक नहीं है। 

पहले भी संसद में इस विषय को लेकर सवाल पूछे जाते रहे हैं। तब भी सरकार का यही जवाब रहा है कि कर्मचारियों को 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक की डीए/डीआर राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा। वित्त राज्य मंत्री ने गत वर्ष सदन में कहा था, अभी भी केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा एफआरबीएम अधिनियम में दर्शाए स्तर से दोगुने से अधिक चल रहा है। ऐसे में डीए/डीआर का एरियर देना संभव नहीं है। 'नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्सन' (एनजेसीए) के वरिष्ठ सदस्य एवं अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी.श्रीकुमार के मुताबिक, कैबिनेट सचिव को 'स्टाफ साइड' की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) द्वारा 18 माह के डीए/डीआर का एरियर के भुगतान के लिए कई बार लिखा गया है। इस बाबत वित्त मंत्रालय को भी प्रतिवेदन दिया गया है। केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला भी दिया है। इसके बावजूद सरकार ने अब मना कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि ऐसे मामलों में कर्मचारी को छह फीसदी ब्याज के साथ उसका भुगतान करना होता है। केंद्र सरकार ने कोरोनाकाल के दौरान जनवरी 2020 से जून 2021 तक 18 महीने का महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की 3 किस्तें रोक ली थी। उस वक्त सरकार ने आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही थी। सी. श्रीकुमार बताते हैं, सरकार के मन में खोट आ चुका है। केंद्र ने 2020 के प्रारंभ में कोविड-19 की आड़ लेकर सरकारी कर्मियों और पेंशनरों के डीए/डीआर पर रोक लगा दी थी। उस वक्त कर्मियों के 11 फीसदी डीए का भुगतान रोक कर केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपये बचा लिए थे। उसके बाद कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने 18 माह के एरियर के भुगतान को लेकर सरकार को कई तरह के विकल्प सुझाए थे। इनमें एरियर का एकमुश्त भुगतान करना भी शामिल था। 

अलॉयंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा इस बाबत पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक ईमेल भेजी गई थी। इसमें आग्रह किया गया था है कि बजट में अर्धसैनिक बलों में पुरानी पेंशन बहाल की जाए। डीए/डीआर के बकाया, 34,402.32 करोड़ रुपये लौटाए जाएं। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने अपने ईमेल में लिखा, केंद्रीय कर्मचारियों व सरहदी सिपाहियों का बकाया डीए/डीआर भुगतान जारी किया जाए।

कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव का कहना है, डीए/डीआर की बकाया राशि के भुगतान के लिए कई बार सरकार को पत्र लिखा गया है। कोरोनाकाल के दौरान आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो डीए/डीआर में कटौती कर दी गई। अब अर्थव्यवस्था पटरी पर है तो सरकार को 18 माह के डीए/डीआर का एरियर देना चाहिए। सरकारी सेवा कोई अनुबंध नहीं है।
यह एक स्थिति है। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल भी कह चुके हैं, 18 महीने के बकाया डीए/डीआर का एरियर कर्मचारियों का हक है। केंद्र सरकार को अविलंब इस राशि को जारी करना चाहिए। अभी तक सरकार का ऐसा कोई रूझान नहीं दिख रहा, जिससे यह उम्मीद बंधे कि वह राशि जारी हो सकती है। सरकार इस बाबत साफ मना कर चुकी है। गत वर्ष राज्य सभा में सरकार ने भी एरियर की राशि जारी करने से मना कर दिया था। अब एक बार से मना कर दिया गया है।'भारत पेंशनर समाज' के महासचिव एससी महेश्वरी ने भी कोरोनाकाल के दौरान रोके गए 18 माह के डीए का एरियर जारी करने के लिए सरकार से आग्रह किया था।


कोरोनाकाल के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह घोषणा की थी कि कर्मचारियों को 28 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ता मिलेगा। उस वक्त उन्होंने एरियर को लेकर कोई बात नहीं कही। केंद्रीय मंत्री की घोषणा का अर्थ यह था कि बढ़े हुए डीए की दर एक जुलाई 2021 से 28 फीसदी मान ली जाए। इसके अनुसार जून 2021 और जुलाई 2021 के बीच डीए में एकाएक 11 फीसदी वृद्धि हो गई, जबकि डेढ़ साल की अवधि में डीए की दरों में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई। एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक डीए/डीआर फ्रीज कर दिया गया था। कोरोना संक्रमण काल में डीए की तीन किस्त (1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020, 1 जनवरी 2021) रोक दी गई थी। इसके बाद सरकार ने जुलाई 2021 में महंगाई भत्ते को बहाल कर दिया था। तब 18 महीने की बकाया तीन किस्तों का पैसा देने पर सरकार चुप हो गई।

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