जम्मू-कश्मीर में नेताओं की नजरबंदी की चिदंबरम ने की निंदा, सरकार पर लगाए आरोप
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में नेताओं की नजरबंदी की निंदा की है। उन्होंने दावा किया कि ये इस बात का संकेत है कि सरकार अपने उद्देश्यों को पाने के लिए सभी लोकतांत्रिक मानदंडों की अवहेलना करेगी।
कश्मीर घाटी में अचानक से हलचल बढ़ गई है और महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला सहित कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है। उधर कश्मीर सहित जम्मू संभाग के कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद कर दिए गए हैं। साथ ही सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
The house arrest of J&K leaders is a signal that the government will defy all democratic norms and principles to achieve its objects. I condemn the house arrests.
विज्ञापन विज्ञापन— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) August 5, 2019
चिदंबरम से पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस कदम की निंदा की है। उन्होंने उमर अबदुल्ला के ट्वीट पर रीट्वीट करते हुए कहा, "आप अकेले नहीं हैं उमर अबदुल्ला। आखिरकार सरकार जम्मू-कश्मीर के मुख्यधारा के नेताओं को आधी रात को क्यों गिरफ्तार कर रही है? अभी संसद का सत्र चल रहा है और हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता है।"
शशि थरूर ने आगे कहा कि अगर सरकार आतंकियों और अलगाववादियों के खिलाफ कुछ कर रही है तो हमें घाटी के मुख्यधारा के नेताओं को विश्वास में लेकर चलना चाहिए। अगर हम उन्हें दरकिनार कर देते हैं तो फिर कौन बच जाएगा?
You are not alone @OmarAbdullah. Every Indian democrat will stand with the decent mainstream leaders in Kashmir as you face up to whatever the government has in store for our country. Parliament is still in session & our voices will not be stilled. @INCIndia https://t.co/QqGa4EgrP3
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) August 4, 2019
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सरकार के इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि नेताओं को रात में घरों में नजरबंद किया जा रहा है, जबकि सेनाओं की तैनाती लगातार बढ़ रही है और लोगों में बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। कश्मीर के हालात चिंताजनक हैं। सरकार को अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए।