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अब विदेश से शवों को लाना होगा आसान और सस्ता, एयर इंडिया लेगा फ्लैट रेट
Mon, 28 Jan 2019 11:44 AM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shilpa Thakur
Updated Mon, 28 Jan 2019 11:44 AM IST
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सार
- विदेश से मृतक के शव को लाना होगा आसान।
- एयर इंडिया ने जारी किया फ्लैट रेट।
- अभी तक खर्चीली और झंझट भरी रही है प्रक्रिया।
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विस्तार
विदेशों में होने वाली भारतीयों की मौत के बाद उनके शवों को भारत लाना उनके परिवार वालों के अभी तक बेहद मुश्किल रहा है। उनके शव को भारत लाने में न केवल अधिक समय लगता है, बल्कि इसकी प्रक्रिया भी बेहद महंगी है।
हालात सबसे अधिक उन भारतीय परिवारों के लिए खराब हैं, जिनके अपने खाड़ी देशों में हैं। खाड़ी देशों में भारतीयों की संख्या 80 लाख पहुंच गई है। जिनमें बहुमत में ब्लू कॉलर वाले वर्कर हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इस क्षेत्र में औसतन प्रति दिन 10 भारतीयों की मौत होती है। इनमें से अधिकतर की मौत प्राकृतिक कारणों और सड़क हादसों में होती है।
भारतीय समुदाय के नेता इस मुद्दे को कई सालों से उठाते रहे हैं। विदेश मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयर इंडिया के बीच कई दौर की बातचीत के बाद अब आखिर में समाधान निकल गया है।
अब फ्लैट रेट पर मृतकों को उनके मूल स्थान लाया जा सकेगा। इसके लिए एयर इंडिया कुछ किराया वसूलेगा। शुरुआत में 6 खाड़ी देशों के लिए फ्लैट रेट बताया गया है।
यूएई- 1500 यूएई दिरहम (28,500 रुपये)
सऊदी अरब- 2,200 सऊदी रियाल (41,700 रुपये)
कुवैत- 175 कुवैती दिनार (40,900 रुपये)
ओमान- 160 ओमानी रियाल (29,400)
कतर- 2,200 कतरी रियाल
बेहराइन- 225 बेहराइनी दिनार (42,500 रुपये)
यूएई में रहने वाले भारतीयों की संख्या 33 लाख, सऊदी अरब में 27 लाख, कुवैत में 9 लाख, ओमान में 8 लाख, कतर में 6.5 लाख और बेहराइन में 3.5 लाख है। अधिकारियों का कहना है कि इस देश से शवों को भारत वापस लाने में जितना खर्च आता है, एयर इंडिया में उससे 40 फीसदी कम खर्च आएगा। अधिकारियों ने कहा कि अगर शव 12 साल से कम उम्र के बच्चे का है तो भारत लाने में फ्लैट रेट से आधा किराया लगेगा।
बीते सप्ताह वाराणसी में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर इस बारे में एनआरआई लोगों को जानकारी देने वाले अधिकारियों के अनुसार शवों का ट्रांसफर विदेश मंत्रालय के लिए मुख्य प्राथमिकता है, कि इस प्रक्रिया को सस्ता, आसान और परेशानी रहित बनाया जाए। साल 2016 से 2018 के बीच सरकार ने गरीब और जरूरमंदों के लिए 486 शवों के ट्रांसफर का भुगतान किया, जिससे राजकोष पर 1.6 करोड़ रुपये का भार पड़ा।
अधिकारियों का कहना है कि एयरलाइंस शवों को लाने के लिए उसके वजन के आधार पर चार्ज करती है। जितना अधिक शव का वजन होगा उतने ही अधिक पैसे लिए जाएंगे। अभी औसतन एक शव को ट्रांसफर करने में 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का खर्च आता है। कई बार इससे भी अधिक पैसे लगते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि चार्ज इसलिए भी अधिक लिया जाता है क्योंकि लोगों के सामान के साथ ताबूत को नहीं रखा जाता। ऐसा मृतक की गरिमा और लोगों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए किया जाता है।